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ETA Variant of Corona: कितना खतरनाक है Karnataka में मिला कोरोना का ईटा वैरिएंट, जानें इसके लक्षण

ETA Variant of Corona  | कोरोना वायरस का पहला मामला 2019 में सामने आया था, आज इस बात को लगभग 2 साल का समय होने जा रहा है लेकिन अभी भी आये दिन कोरोना वायरस के नए वैरिएंट सामने आते जा रहे है। अभी कुछ समय पहले कोरोना वायरस का अल्फा वैरिएंट सामने आया था जिसके बाद हर जगह हड़कंप मच गया था। अब कोरोना वायरस का एक और नया वैरिएंट सामने आया है जिसे ईटा वैरिएंट का नाम दिया गया है।

ये कोरोना का वैरिएंट जिसे ईटा वैरिएंट का नाम दिया गया है अभी फिलहाल उसके देश में सिर्फ कर्नाटक में ही मामलें सामने आए है। इस नए वैरिएंट का पहला मामला दुबई से कर्नाटक लौटे युवक में मिला है, इससे पहले अल्फा और डेल्टा वैरिएंट ने भी देश मे तबाही मचाई थी। आइये जानते है कि ईटा वैरिएंट (ETA Variant of Corona) कितना खतरनाक साबित हो सकता है और इस पर वैक्सीन कारगर होगी या नहीं।

ETA Variant of Corona: कोरोना का वैरिएंट

ETA Variant of Corona

सावधान! दुनिया में आ सकता है Corona से ज्‍यादा भयानक वायरस – WHO Chief

कोरोना के इस नए ईटा वैरिएंट जिसे लाइनेज B.1.525 भी कहा जाता है, जानकारी के मुताबिक SARS-CoV-2 वायरस के इस ईटा वैरिएंट में E484K म्युटेशन होने की बात कही जा रही है। इसके अलावा बताया जा रहा है कि इस वायरस में मौजूद म्युटेशन पहले वाले वैरिएंट अल्फा, गामा, जीटा में भी मिला था। लेकिन इस को लेकर एक अच्छी बात ये है कि अल्फा, बीटा और गामा जैसे वैरिएंट में मौजूद खतरनाक N501Y म्युटेशन इस ईटा वायरस में नहीं है।

कितना खतरनाक है ETA Variant of Corona

फिलहाल कोरोना के इस नए वैरिएंट ईटा (ETA Variant of Corona) को ज्यादा खतरनाक नहीं माना जा रहा है, विश्व स्वास्थ्य संगठन यानी WHO के द्वारा इस वैरिएंट को वैरिएंट ऑफ कंसर्न यानी VoC की सूची में नहीं डाला है जबकि ये अभी तक वैरिएंट ऑफ इंटरेस्ट यानी VoI की सूची में है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार VoI ऐसी लिस्ट है जिसमें उन सभी वैरिएंट को रखा जाता है जो वायरस को बढ़ाने, शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को कम करने और शरीर मे गंभीर लक्षणों के लिए जिम्मेदार होते है।

क्या वैक्सीन कारगर है ईटा वैरिएंट पर

ETA Variant of Corona

कोरोना से बचाव के लिए पूरे देश में वैक्सीनशन कार्यक्रम चलाया जा रहा है, पहले आ चुके कोरोना के अल्फा, बीटा, गामा और अल्फा वैरिएंट पर वैक्सीन का सफल असर देखा गया है। जिसके बाद काफी हद तक ये साबित हो चुका है कि वैक्सीन का असर कोरोना के वैरिएंट पर अवश्य पड़ता है। कोरोना के ईटा वैरिएंट (ETA Variant of Corona) और अन्य किसी भी वैरिएंट से बचने के लिए वैक्सीन की दोनों डोज लेना जरूरी है।

देश में कोरोना से बचाव के लिए लगाई जा रही कोविशील्ड वैक्सीन डेल्टा और कोरोना के अन्य वैरिएंट के खिलाफ प्रभावी रूप से एक सुरक्षा चक्र बनाती है। फिलहाल देश में कोरोना का डेल्टा वैरिएंट अपना असर दिखा रहा है और तेजी से इसके मामलों में बढ़ोतरी देखी जा रही है। देश में फिलहाल डेल्टा वैरिएंट के ज्यादा मामलें केरल राज्य से सामने आ रहे है।