अगर आप भी जलाते है LED बल्ब तो आपके लिए ये खबर पढ़ना है जरूरी, हुआ है चौंका देने वाला खुलासा

एल.ई.डी. जिसका पूरा नाम “लाइट-एमिटिंग डायोड” है, एक सफेद रंग का बल्ब होता है। जैसा की हम जानते है एलईडी बल्ब काफी लंबे वक्त तक चलता है और बिजली की कम खपत करता है साथ ही यह अन्य बल्ब्स की तुलना में कई गुना बेहतर और सक्षम होता है। एलईडी बल्ब बहुत अच्छी रोशनी देते हैं और इन्हें जलने में ट्यूबलाइट जितना वक्त नहीं लगता है। हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बिजली के बिल को कम करने के लिए एल.ई.डी. बल्ब लगाने की सलाह दी है। एल.ई.डी. बल्ब लगाने से बिजली की खपत कम होगी और ऊर्जा बचेगी। मगर क्या आप जानते हैं एक सर्वेक्षण के दौरान ये पाया गया है कि घरेलु बाजार में बिकने वाले 76 फीसदी एलईडी बल्ब सुरक्षा मानकों की धज्जियां उड़ा रहे हैं।

देश की जानी मानी सर्वेक्षण ऐजेंसी नीलसन के द्वारा तैयार की गई इस रिपोर्ट में खुलासा किया गया है कि भारत में अधिकतर नकली और सुरक्षा के लिहाज से खतरनाक एलईडी बल्बों को घरों में इस्तेमाल करने के लिए बेचा जा रहा है। देश से सबसे प्रमुख शहरों नई दिल्ली, मुंबई, अहमदाबाद और हैदराबाद में किए गए सर्वे में नीलसन ने बिजली के सामान बेचने वाली 200 खुदरा दुकानों को शामिल किया था, जिसमें एलईडी के 71 फीसदी ब्रांड उपभोक्ता को दिए जाने वाले सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करती पाई गई हैं।

इसके साथ इस सर्वेक्षण के दौरान यह भी बात सामने आयी है कि करीब 48 फीसदी एलईडी बल्ब के निमार्ताओं का कोई अता-पता ही नहीं है ना ही इन बल्बों पर किसी भी कंपनी को कोई नाम नहीं लिखा है। जानकारी के मुताबिक एलईडी बल्ब के इस मामले में देश की राजधानी दिल्ली का पहला स्थान है। यहां बिकने वाले बल्ब के तकरीबन तीन-चौथाई ब्रांड भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) मानकों के अनुरूप नहीं हैं।

रिपोर्ट में कहा गया है कि जाली और बिना ब्रांड वाले एलईडी बल्ब न सिर्फ संगठित बाजार के लिए खतरा हैं बल्कि इनसे सरकार के ‘मेक इन इंडिया‘ पहल पर भी खतरा मंडरा रहा है। आज देश में एल इ डी बल्ब की खपत बहुत तेजी से किया जा रहा है लोग अपने घरो में एल इ डी बल्ब के अलावा कोई आप्शन नहीं चुन रहे है, इसे देखते हुए आज हर छोटी मोटी बिजली की कंपनी एलईडी बल्ब के मैनुफैक्चरिंग में अपना हाथ आजमा रही है।

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