सुप्रीम कोर्ट के कार्यवाही पर अब होगी सीसीटीवी की नजर

लम्बे समय के बाद अब आखिरकार सुप्रीम कोर्ट ने कोर्ट के अंदर कैमरा लगाने की अनुमति दे दी। सुप्रीम कोर्ट ने फैसला देते हुए कहा कि कोर्ट की कार्यवाही को रिकॉर्ड करने के लिए सभी राज्य एवं केन्द्र शासित प्रदेश के कम से कम 2 जिलों की अदालतों में सी.सी.टी.वी. कैमरे लगाए जाएं। कोर्ट के इस फैसले के बाद अब कोर्ट की कार्यवाही कैमरे में रिकॉर्ड की जा सकेगी। न्याय में पारदर्शिता को ध्यान में रख यह फैसला लिया गया।

इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक जस्टिज आदर्श.के.गोयल और उदय.यू.ललित की बेंच ने फैसला सुनाते हुए देश की 24 हाईकोर्ट को आदेश दिया कि वे तीन महीने के अंदर यह सुनिश्चित करें कि राज्य एवं केन्द्र शासित प्रदेशों की कम से कम दो जिला एवं सत्र न्यायालयों के अंदर और बाहरी परिसर में बगैर अॉडियो के सी.सी.टी.वी. कैमरे लगाए जाएँ।

सरकार और न्यायपालिका के बीच इस मसले को लेकर पहले भी बातचीत होती रही है। अगस्त 2013 में केन्द्रीय कानून मंत्री ने देश के चीफ जस्टिस को न्याय में पारदर्शिता के संदर्भ में कोर्ट कार्यवाही की वीडियो रिकॉर्डिंग के लिए खत लिखा था।

इंडियन एक्स्प्रेस के मुताबिक कोर्ट ने अपने निर्णय में साफ कहा कि सीसीटीवी कैमरे के वीडियो फुटेज को सूचना के अधिकार के तहत नहीं रखा जाएगा। और ना ही संबंधित हाईकोर्ट के आदेश के बिना इसे किसी को दिया जा सकता है। साथ ही डिस्ट्रिक और सेशन जज अपने चेम्बर से कार्यवाही की मॉनीटरिंग करेंगे।

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