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कृष्ण जन्‍माष्‍टमी पर कैसे करें श्याम सलोने का श्रृंगार और कौन सा लगाएं भोग, यहाँ जानें विस्तार से

Youthtrend Religion Desk : जैसा की हम सभी जानते हैं अगले कुछ ही दिनों में कृष्ण जन्‍माष्‍टमी का पर्व मनाया जायेगा और हमारे हिन्दू धर्म में यह त्यौहार काफी धूम धाम से मनाया जाता है, इस दौरान कई तरह के व्रत आदि भी किये जाते हैं तथा श्री कृष्ण का असृन्गार भी होता है और आज हम आपको इसी के बारे में विस्तार से बताने जा रहे हैं।

इस श्रृंगार और भोग से होती हैं मनोकामनाएं पूरी

प्रेमावतार कान्‍हा को क‍िसी व‍िशेष पूजन की जरूरत नहीं होती। बस प्रेम से पूजन या मंत्रोच्‍चारण कर लेने से ही वह प्रसन्‍न हो जाते हैं। यही नहीं अगर आप कान्‍हा की रोज पूजा न भी करें और जन्‍माष्‍टमी के द‍िन प्रेमपूर्वक क्षण‍िक पूजा भी कर लें तो भी व‍ह प्रसन्‍न हो जाते हैं। साथ ही मनोवांछित कामनाओं की भी पूर्ति करते हैं। आइए जानते हैं जन्‍माष्‍टमी के द‍िन कान्‍हा का कैसा श्रृंगार और कौन सा भोग लगाना चाहिए?

इस श्रृंगार और भोग से दूर होंगी सारी द‍िक्‍कतें

अगर आपकी लाइफ में टेंशन ही टेंशन है या फिर द‍िक्‍कतें हैं तो जन्‍माष्‍टमी के द‍िन कान्‍हा का श्रृंगार लाल रंग के वस्‍त्र से करना चाहिए। इसके बाद मिश्री का भोग लगाकर अपनी अर्जी लगानी चाहिए। साथ ही यह विश्‍वास जताना चाहिए कि कन्‍हैया जल्‍दी ही उनकी झोली भर देंगे। इसके अलावा अगर कार्य बनने-बनते ब‍िगड़ रहे हों तो चांदी के वर्क से कन्‍हैया का श्रृंगार करना चाहिए। इसके अलावा सफेद चंदन का टीका लगना चाहिए। साथ ही मक्‍खन का भोग लगाना चाहिए। मान्‍यता है कि ऐसा करने से जातक पर कन्‍हैया की कृपा होती है और उसके जीवन से सारी परेशानियां दूर हो जाती हैं। ब‍िगड़ते कार्य बनने लगते हैं।

संतान प्राप्ति के ल‍िए कान्‍हा का ऐसे करें श्रृंगार

अगर कार्यक्षेत्र में द‍िक्‍कतें आ रही हैं। उच्‍चाधिकार‍ियों और सहयोग‍ियों से वजह-बेवजह वाद-व‍िवाद होता हो तो नंदलाला का श्रृंगार लहरिया प्रिंट वाले वस्‍त्रों से करना चाहिए। इसके अलावा चंदन का तिलक करना चाहिए। भोग में दही अर्पण करना चाहिए। फिर कान्‍हा के सामने हाथ जोड़कर अपनी अर्जी लगानी चाहिए। कहते हैं कि ऐसा करने से व्‍यक्ति के कार्यक्षेत्र में लाभ मिलता है। वाद-व‍िवाद की स्थितियां भी सुधरने लगती हैं। इसके अलावा अगर संतान प्राप्ति की इच्‍छा हो तो भक्‍तों को कृष्‍णा का श्रृंगार सफेद वस्‍त्र से करना चाहिए। इसके बाद भोग में दूध और केसर का भोग लगाना चाहिए। इससे संतान प्राप्ति की सुखद अनुभूति होती है।

मान-प्रतिष्‍ठा में वृद्धि होने का योग

समाज में मान-प्रतिष्‍ठा में वृद्धि के ल‍िए कन्‍हैया का श्रृंगार गुलाबी रंग के वस्‍त्र से करना चाहिए। इसके बाद मुरलीधर को अष्‍टगंध का तिलक लगाना चाहिए। भोग में मक्‍खन-मिश्री अर्पित करें। इससे समाज में मान-प्रतिष्‍ठा में वृद्धि होती है। लोग आपको विशेष सम्‍मान देते हैं। इसके अलावा जातकों को श्रीकृष्‍ण को हरे रंग के वस्‍त्रों से सजाना चाहिए। इसके बाद मावे का भोग लगाकर प्रार्थना करनी चाहिए कि वह उनके जीवन पर हमेशा ही कृपा बनाए रखें।

धन वृद्धि के ल‍िए कन्‍हा का ऐसे करें श्रृंगार

धन वृद्धि के ल‍िए श्रीकृष्‍ण को लाल वस्‍त्र पहनाने चाहिए। इसके अलावा भोग में मिल्‍क केक अर्पित करना चाहिए। कहते हैं कि ऐसा करने से कन्‍हैया जातक को सुख-समृद्धि का आर्शीवाद देते हैं। उसके जीवन में आने वाली तंगी भी दूर होती है। शुभ व्‍यय में भी वृद्धि होती है। वहीं पर‍िवारीजनों की खुश‍ी के ल‍िए कन्‍हैया का श्रृंगार केसरिया वस्‍त्र से करना चाहिए। इसके बाद घी का भोग लगाना चाहिए। मान्‍यता है कि ऐसा करने से व्‍यक्ति को ढेर सारी खुशियां मिलती हैं।

कोर्ट-कचेहरी और प्रत‍ियोग‍िता में म‍िलती है राहत

अगर क‍िसी को कोर्ट-कचेहरी संबंधी मामलों में सफलता न म‍िल पा रही हो। तो उन्‍हें पीले और लाल के मिश्रित रंग से बने वस्‍त्रों से श्रीकृष्‍ण का श्रृंगार करना चाहिए। इसके अलावा उनके कुंडलों और तिलक में भी इन्‍हीं रंगों का प्रयोग किया जाना चाहिए। इसके बाद मिश्री का भोग लगाकर कन्‍हैया से अपनी मन्‍नत पूरी करने की प्रार्थना करें। मान्‍यता है कि ऐसा करने से कोर्ट-कचेहरी के मामलों में राहत मिलती है। अगर प्रतियोगी परीक्षा में सफलता न म‍िल रही हो तो जन्‍माष्‍टमी के द‍िन मुरलीधर का श्रृंगार नीले रंग के वस्‍त्रों से करना चाहिए। इसके बाद कन्‍हा को बालूशाही का भोग लगाना चाहिए। मान्‍यता है कि ऐसा करने से धन की प्राप्ति तो होती ही है। साथ ही प्रत‍ियोगी परीक्षा में भी सफलता म‍िलती है।

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