Methylene Blue: ब्लैक फंगस और कोरोना संक्रमण में कितनी कारगर है यह दवा? जानें सब कुछ

Methylene Blue | Covid-19 जिसे हम कोरोना वायरस के नाम से जानते हैं, इस महामारी से न केवल भारत बल्कि पूरी दुनिया में तबाही मचाई हैं, इस समय देश में कोरोना की दूसरी लहर चल रही हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक आने वाले समय में कोरोना की और भी लहर भारत में तांडव मचा सकती हैं, कोरोना की ये दूसरी लहर काफी ज्यादा खतरनाक है और इस लहर में बहुत से लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। अभी तक तो लोग कोरोना के आतंक से ही परेशान थे लेकिन अब कोरोना वायरस के बाद होने वाली ब्लैक फंगस बीमारी ने भी लोगों के लिए चिंता बढ़ाना शुरू कर दिया हैं, देश के बहुत से राज्यों में Black Fungus संक्रमण के मामले तेजी से सामने आ रहे हैं।

यहां तक कि देश के कुछ राज्यों में तो इस बीमारी को महामारी घोषित किया जा चुका हैं, लेकिन ब्लैक फंगस और कोरोना के बढ़ते प्रकोप के बीच एक अच्छी खबर भी आई हैं जिसमें एक दवा के बारें में दावा किया जा रहा हैं कि इस दवा से ब्लैक फंगस का सफल इलाज किया जा सकता हैं। आज हम आपको इसी दवाई के बारे में बताने जा रहे हैं।

Methylene Blue: ब्लैक फंगस में कारगर दवा!

Methylene Blue

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बहुत सी मीडिया रिपोर्ट्स में ये दावा किया जा रहा हैं कि Methylene Blue नामक दवा से ब्लैक फंगस का इलाज किया जा सकता हैं और इसके अलावा इस दवा का इस्तेमाल करने से भविष्य में होने वाले ब्लैक फंगस के खतरे को भी काफी कम कर देता हैं। गुजरात के भावनगर में रहने वाले Pulmonologist डॉक्टर दीपक गोलवालकर ने ब्लैक फंगस के इस्तेमाल को लेकर परीक्षण किया जिसमें उन्होंने ये दावा किया हैं कि जो लोग कोरोना से जूझते हुए लगातार ऑक्सीजन पर हैं उन्हें ब्लैक फंगस संक्रमण की समस्या हो रही हैं।

ऐसे में ऑक्सीजन ह्यूमिडिफायर में मेथिलीन ब्लू मिलाकर ब्लैक फंगस के खतरे को कम करा जा सकता हैं, उनके अनुसार मेथिलीन ब्लू दवाई उन मरीजों के लिए भी कारगर हैं जो ‘पोस्ट कोविड पल्मोनरी फाइब्रोसिस’ से पीड़ित हैं। कोरोना से ठीक होने के 6 महीने बाद भी ये बीमारी हो सकती हैं जिसमें फेफड़ों में सिकुड़न होने लगती हैं।

ब्लैक फंगस के अलावा किस बीमारी में कारगर हैं Methylene Blue

ब्लैक फंगस के अलावा इस दवाई का उपयोग ‘मेथेमोग्लोबिनेमिया’ के इलाज में भी होता हैं और इस बात की जानकारी अमेरिका में स्थित क्लीवलैंड क्लिनिक के द्वारा दी गई हैं। इस बीमारी में हमारे शरीर में मौजूद खून हमारें पूरे शरीर के अंदर ऑक्सीजन को लेकर जाने की अपनी क्षमता को गंवा देता हैं। मेथिलीन ब्लू का इस्तेमाल और भी बीमारियों के इलाज में काम आती हैं लेकिन कभी भी इसका इस्तेमाल बिना डॉक्टर की सलाह के नहीं करना चाहिए।

क्या कोरोना वायरस के इलाज में भी हो सकता हैं इसका उपयोग?

Methylene Blue

मेथिलीन ब्लू को लेकर अभी तक इतने परीक्षण नही हुए हैं कि ये पता लगाया जा सके कि ये दवा कोरोना के इलाज में लाभदायक हैं या नहीं। अभी तक इस दवा का एक परीक्षण स्विट्जरलैंड में तो दूसरा ईरान में ही हुआ हैं। लैब में इस दवा के बारे में ये भी कहा जा चुका हैं कि ये एक शक्तिशाली दवा हैं जो वायरस को खत्म करती हैं और शायद इसी वजह से विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने इस दवा को जरूरी दवाओं की सूची में शामिल कर रखा हैं।

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पिछले वर्ष AIMS द्वारा इस दवा का इस्तेमाल कोरोना के इलाज करने हेतु एक दिशा-निर्देश जारी किए गए थे जिसमें कहा गया था कि कोविड के इलाज में फिलहाल मेथिलीन ब्लू की कोई भूमिका नहीं हैं। खैर हम सब तो यही उम्मीद कर रहे हैं कि जल्द से जल्द इस दवा के और भी परीक्षण हो ताकि इस बारे में जानकारी मिल सके कि क्या इस दवा का इस्तेमाल कोरोना के इलाज के लिए हो सकता हैं।

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