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क्‍या आपके साथ भी कभी होता है ऐसा, घबराएं नहीं जानें क्‍या है कारण

क्‍या आपके साथ भी कभी होता है ऐसा, घबराएं नहीं जानें क्‍या है कारण

जब भी हम सोते हैं तो हमारा मस्तिष्क हमारे शरीर की मरम्मत करता है। इस दशा में हमारा मस्तिष्क दुगुनी तेज़ी से वर्क करता है। हम अपने आम ज़िन्दगी में जो कुछ भी एक्सपीरियंस करतें हैं या जिनसे हम मिलते हैं, उनमें से कुछ न कुछ हम सोते वक्त भी एक्सपीरियंस या अनुभव कर रहे होते हैं। इसे हम सपना देखना कहते हैं। सपने भी कई तरह के हो सकते हैं जो कि वास्तविक जीवन से सम्बंधित हों या फिर काल्पनिक। कई बार तो लोग ऐसे डरावने सपने देखते हैं जिनका गहरा असर पड़ता है। आप भूत पिशाच अथवा आत्माओ से मिलते हैं।

क्‍या आपके साथ भी कभी होता है ऐसा, घबराएं नहीं जानें क्‍या है कारण

कई बार ऐसा प्रतीत होता है मानो ये पिशाच आपकी जान लेने की कोशिश कर रहें हों। फिर एक छण में आप को एहसास भी हो जाता है कि आप सपना देख रहे हैं। लेकिन जब आप अपानी आंखे खोलने की कोशिश करते हैं तो आप असफल रह जातें हैं। आप एकदम से उठना चाहते हैं फिर भी नही उठ पातें। तो क्या इसके पीछे किसी मायावी शक्ति होती है? या फिर ये आत्माएं आपको अपने वश में कर लेतीं हैं?

क्या है इसकी वजह

दरअसल सोते वक्त ये सभी प्रकार की चीज़ें किसी भूत पिशाच अथवा आत्माओ के कारण नही होता बल्कि सोते समय एक एक्सपीरियंस या अनुभव के कारण होता है जिसे विज्ञान की भाषा में स्लीप पैरालिसिस कहा गया है। स्लीप पैरालिसिस अथवा नींद का लकवा एक ऐसी अवस्था है जब हमारे दिमाग का नियंत्रण हाथ पैर या हमारे शरीर पर नही होता। जिस प्रकार लकवा लगने पर मनुष्य अपने हाथ व पैर को नही हिला सकता।

तो अब ये सवाल उठता है कि स्लीप पैरालिसिस क्यों होता है और कब होता है?

तो इसका जवाब किसी के पास नही है लेकिन आपको घबराने की आवश्यकता नही है क्योंकि दोस्तों वैज्ञानिक सर्वेंक्षणों और अब तक के रिकॉर्ड में यह बात सामने आई है कि नींद के लकवे यानी स्लीप पैरालिसिस से न तो कोइ घायल हुआ है और न ही किसी की मौत हुई है। यह एक तरह का अनुभव मात्र है।
अक्सर लोग इसका अनुभव करते हैं और जब वे इसके बारे में चर्चा करते हैं तो लोगों को इनकी बातों पर यकीन नही होता।
अगर आपने भी ऐसा कुछ एक्सपीरियंस किया है या आपने कुछ ऐसा सुना है तो हमे कमेंट करना न भूलें।

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