Hanuman Chalisa : हनुमान चालीसा का पाठ करने वाले रखे इन बातों का ध्यान, वरना आ सकती है बड़ी समस्या

Hanuman Chalisa : हनुमान जी (Hanuman Ji) कलयुग में जल्द प्रसन्न होने वाले देवता माने जाते हैं, जो जल्दी ही खुश होकर अपने भक्त की सभी मनोकामनाएं (Wish) पूरी कर देते हैं। हनुमान जी (Hanuman ji) हमेशा सब कि सेवा सहायता में तत्पर रहते हैं इसलिए तो शनिदेव (Shanidev) ने हनुमान जी (Hanuman ji) से प्रसन्न होकर वरदान दिया था कि जो कोई भी उनका पूजा आराधना करते रहेगा, उन्हें शनि से संबंधित दोष कभी नहीं लगेगा। जैसे हर देवी-देवता की आराधना के लिए एक दिन समर्पित होता, वैसे ही हुनमान जी (Hanuman ji) की पूजा के लिए मंगलवार (Tuesday) और शनिवार (Shanivar) का दिन विशेष महत्व (Importance) रखता है। वहीं हनुमान चालीसा (Hanuman Chalisa) का पाठ करने वालों को पवनपुत्र हनुमान (Hanuman) का सच्चा भक्त (Devotee) समझा जाता है। ऐसा कहते हैं कि हनुमान चालीसा (Hanuman Chalisa) पढ़ने से जीवन के सारे दुख संकट दूर हो जाते है। अल्प मृत्यु से लेकर भूत-पिशाच से जुड़ी समस्याएं में हनुमान चालीसा (Hanuman Chalisa) को बहुत महत्वपूर्ण समझा जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं हनुमान चालीसा (Hanuman Chalisa) का पाठ करने वालों को कई सख्त नियमों (Rule) का पालन करना पड़ता है। यदि आप नियमित रूप से हनुमान चालीसा (Hanuman Chalisa) का पाठ करते हैं तो आपको ये पांच बड़ी गलतियां करने से बचना चाहिए, वरना इसका परिणाम (Result) अच्छा नहीं हो सकता जीवन में कई समस्याएं आ सकती है। तो चलिए जानते है….

Hanuman Chalisa का पाठ करने में रखे इन बातों का ध्यान

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मांस-मदिरा का सेवन

हनुमान चालीसा (Hanuman Chalisa) का पाठ करने वाले हनुमान के भक्तों को शराब (Alcohol) या मांस के सेवन से परहेज करना चाहिए। इन चीजों का सेवन करने से हनुमान जी (Hanuman ji) रुष्ट हो जाते हैं।

पराई स्त्री से दूरी

हनुमान चालीसा (Hanuman Chalisa) का पाठ करने वालों को पराई स्त्री पर बुरी नजर नहीं डालनी चाहिए। यानी अगर आप विवाहित (Marride) हैं तो आपको कभी किसी पराई स्त्री के साथ संबंध नहीं बनाने चाहिए।

सूतक काल

परिवार में जब किसी इंसान की मौत हो जाती है तो वहां सूतक काल मान्य रहता है। जब तक ये सूतक काल रहता है, तब तक हमें हनुमान (Hanuman) सहित किसी अन्य देवी-देवता की पूजा नहीं करनी चाहिए। इस दौरान मंदिर (Temple) में भी प्रवेश ना करें।

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बेईमानी और कपटी से दूर

हनुमान चालीसा (Hanuman Chalisa) का पाठ करने वालों को बेईमान और मन में कपट रखने वालों की संगति में रहने से बचना चाहिए। ऐसे लोगों को ईमानदारी के साथ अपना जीवन यापन करना चाहिए।

वहीं हुनमान जी की पूजा में बरतें ये सावधानी

हनुमान जी (Hanuman ji) की पूजा में शुद्धता का विशेष ध्यान दिया जाता है। जहां बजरंगबली (Bajarbangli) की उपासना करते हैं वहां सफाई जरूर रखें। हनुमान जी (Hanuman ji) के साथ माता अंजनी और श्रीराम (Shriram) की भी पूजा करें. साथ ही विचारों में भी शुद्धि रखें।

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संकटमोचन (Sankat Mochan) की पूजा में लाल रंग (Red) का उपयोग करना उत्तम माना जाता है। हनुमान जी (Hanuman ji) की आराधना लाल वस्त्र पहन कर करना चाहिए और उन्हें लाल फूल चढ़ाएं. उन्हें चरणामृत, पंचामृत न चढ़ाएं।

भक्तों को पता होना चाहिए कि बजरंगबली को चोला अति प्रिय है, अतः चोला चढ़ाने के लिए सिंदूर में सिर्फ चमेली के तेल का उपयोग करें और इसके साथ ही दीपक भी चमेली के तेल या शुद्ध घी का ही लगाएं, इससे पवनपुत्र प्रसन्न होते हैं

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मंगलवार को बजरंगबली की पूजा से एक दिन पूर्व ब्रह्मचर्य का पालन करें और किसी के प्रति द्वेष की भावना न रखें.

महिलाएं हनुमान जी की उपासन करते समय मूर्ति को बिल्कुल स्पर्श न करें. शास्त्रों में इसे अशुभ माना गया है.

हनुमान जी को साफ-सुथरा वातावरण बहुत प्रिय है। इसलिए कोशिश करें कि घर में हमेशा साफ-सफाई का ख्याल रखा जाए। घर में जहां हनुमान की मूर्ति स्थापित है, वहां भी सफाई का विशेष ख्याल रखें।

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