जानें क्या है 9 मिनट तक लाइट बंद करने का गणित, बिजली विभाग के लिए बड़ी चुनौती

इस समय हर देश कोरोना वायरस से बुरी तरह प्रभावित हैं भारत में इस बीमारी से पीड़ित लोगों की संख्या तेजी से बढ़ रही हैं, देश के प्रधानमंत्री ने देश को इस संकट की घड़ी में एकजुट रहने की अपील की हैं। कोरोना से निपटने के लिए एकजुटता दिखाने के लिए प्रधानमंत्री ने देश को 5 अप्रैल को रात 9 बजे 9 मिनट के लिए घरों की लाइट बंद करने का निवेदन किया हैं और घरों की बॉलकनी, खिड़की, दरवाजों पर दीये, मोमबती, टॉर्च या मोबाइल की लाइट जलाने के लिए कहा हैं। अब सवाल ये है कि 9 मिनट ही क्यों तो आइये समझते हैं क्या है 9 मिनट तक लाइट बंद करने का गणित।

बताया जा रहा हैं कि प्रधानमंत्री की इस अपील से बिजली विभाग के सामने काफी बड़ा संकट खड़ा हो गया, इसकी वजह ये है कि जब पूरा देश एक साथ बिजली चालू करेंगे तो पूरे देश मे ब्लैकआउट होने का खतरा बढ़ जाएगा। इसी कारण बिजली विभाग से इसकी पूरी तैयारी करनी शुरू कर दी हैं।

लाइट बंद करने का गणित : कैसे हो सकता हैं ब्लैकआउट

बिजली विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार एक साथ बिजली चालू करने से क्या होगा इसको हम एक उदाहरण के साथ समझ सकते हैं कि कोई गाड़ी काफी तेज गति से जा रही हो और उसमें एकदम से ब्रेक लगा दिए जाएं और फिर अचानक से गाड़ी को रेस दे दी जाए तो हम ये अनुमान नहीं लगा सकते कि गाड़ी कैसा व्यवहार करेगी। इसी प्रकार ये कहना मुश्किल हैं कि अगर एक साथ पुरे देश भर में बिजली चालू की गयी तो उससे क्या प्रभाव पड़ सकता हैं। संभव है कि ऐसा करने से पूरे देश मे अंधेरा छा सकता हैं और लोगों के सामने बड़ी समस्या आ सकती है।

कैसे बिजली मिलती हैं हमें

मुख्य रूप से बिजली तीन स्त्रोत्त से मिलती हैं, पहला स्त्रोत्त पावर जनरेटर जैसे टाटा पावर, एनटीपीसी (NTPC), दूसरा स्त्रोत्त हर राज्य में मौजूद बिजली वितरण कंपनी और अंत मे तीसरा स्त्रोत्त भार प्रेषण केंद्र या एसएलडीसी। एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक एसएलडीसी का कार्य काफी ज्यादा महत्वपूर्ण हैं उसका मुख्य कार्य बिजली और आपूर्ति के संतुलन को बनाए रखना होता हैं।

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कैसे रोका जा सकता हैं ब्लैकआउट

बिजली कंपनियों का कहना हैं कि प्रधानमंत्री की घोषणा के बाद उनके पास दो दिनों का समय हैं इस बारें में योजना बनाने का, उनके अनुसार बिजली थर्मल, हाइडल, गैस, पवन और सौर के द्वारा मिलती हैं। ऐसे में बिजली के सभी संयत्र बंद नहीं किये जायेंगे, और उनके द्वारा सभी तैयारी पूरी कर ली गई।

बताया जा रहा हैं कि प्रधानमंत्री ने केवल घरों की लाइट बंद करने का गणित को कहा हैं ऐसे में स्ट्रीट लाइट और अन्य उपकरण चालू रहेंगे, इसके अलावा कुछ ऐसे भी लोग होंगे जो या तो लाइट बंद करना भूल जाएंगे या कुछ जान बूझकर लाइट बंद नहीं करेंगे तो ऐसे में जब 9 मिनट के बाद जब बाकी लोग लाइट जलाएंगे तो स्थिति चुनौती भरी रहेगी पर बिजली विभाग को उम्मीद हैं कि वो हालात पर पूरी तरह से नियंत्रण बनाए रखेंगे।

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