दो टीचर, एक मिड डे मील वर्कर और पढ़ने वाला बच्चा सिर्फ़ एक, बेहद दिलचस्प है बिहार का यह स्कूल

इन दिनों स्कूल आदि पर सरकार और अभिभावकों का काफी ज्यादा ध्यान है, हर कोई इस बात पर सबसे ज्यादा
 
दो टीचर, एक मिड डे मील वर्कर और पढ़ने वाला बच्चा सिर्फ़ एक, बेहद दिलचस्प है बिहार का यह स्कूल

इन दिनों स्कूल आदि पर सरकार और अभिभावकों का काफी ज्यादा ध्यान है, हर कोई इस बात पर सबसे ज्यादा फोकस कर रहा है कि ज्यादा से ज्यादा बच्चे अच्छी शिक्षा प्राप्त करें. इसी सिलसिलें में आज हम आपको बिहार के गया से 20 किलोमीटर दूर एक ऐसे स्कूल के बारे में बताने जा रहे हैं जो सिर्फ़ अपने इकलौते स्टूडेंट के लिए खुलता है. जाह्नवी कुमारी यहां रोज़ पढ़ने आती है और उसके लिए रोज़ दो टीचर भी आते हैं. ये बच्ची फ़र्स्ट क्लास में पढ़ती है.

मनसा बिगहा गांव में कुल 35 परिवार हैं सवाल उठना लाज़मी है कि इन परिवारों के बच्चे फिर स्कूल में क्यों नहीं आते? दरअसल, इस गांव के अधिकतर बच्चे पास के खिजरसराय स्कूल चले जाते हैं. जाह्नवी कुमारी इस स्कूल में आने वाली अकेली छात्रा हैं.

स्कूल में 2 टीचर और 1 मिड डे मील वर्कर

सरकार की मिड दे मील योजना के तहत देश भर के सभी सरकारी स्कूल में बच्चों को मिड डे मील मिलना अनिवार्य है. चाहे स्कूल में एक ही बच्चा आया हो. यही वजह है कि जाह्नवी के लिए स्कूल में खाना बनता है. स्कूल में सिर्फ़ टीचर ही नहीं, प्रिंसिपल भी हैं. उनके अनुसार, उन्होंने लोगों से अपने बच्चों का एडमिशन करवाने की रिक्वेस्ट भी की, लेकिन ज़्यादातर लोगों के बच्चे प्राइवेट स्कूल में पढ़ते हैं, जिस वजह से सरकारी स्कूल में अपने बच्चों का दाखिला करवाने में कोई रूचि नहीं दिखता। जाह्नवी के टीचर्स की तारीफ़ तो करनी होगी, जो इस हौसले को बनाये रखे हैं!

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