Online पढ़ाई में नेटवर्क की समस्या का हरीश ने ऐसे निकाला तोड़, अब सोशल मीडिया पर खूब हो रही तारीफ

 

राजस्थान के बाड़मेर जिला मुख्यालय से तक़रीबन 20 किलोमीटर दूर दरुड़ा गांव के रहने वाला हरीश कुमार पचपदरा के जवाहर नवोदय विद्यालय में सातवीं कक्षा का विद्यार्थी है. कोविड-19 के चलते उसका स्कूल भी पिछले 5 महीने से बंद है. जिसके बाद डेढ़ महीना पहले उसके स्कूल की ओर से ऑनलाइन क्लास शुरू की गई. हरीश के मुताबिक ये क्लास शुरू होने के बाद जब उसने इंटरनेट ऑन किया तो कनेक्टिविटी गायब मिली. इसके बाद सिग्नल ढूंढते हुए वो 2 किलोमीटर दूर पहाड़ी पर पहुंच गया.

यह भी पढ़ें : बॉलीवुड के इस अभिनेता ने बढाया देश का मान, व्लादिमीर पुतिन संग विशेष लिस्ट में आया नाम

वहां पहुंचते ही उसके मोबाइल फोन में इंटरनेट चालू हो गया. इसके बाद हरीश ने तय किया कि अब वो रोज सुबह उठकर यहीं पर आएगा और ऑनलाइन क्लास ज्वाइन करेगा. उसके बाद से हरीश रोजाना सुबह जल्दी उठकर अपनी टेबल-कुर्सी लेकर पहाड़ी पर जाता है और वहां गर्मी-उमस के बीच ऑनलाइन क्लास के जरिए पढ़ता है. हरीश के मुताबिक वो रोज सुबह 8:00 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक पहाड़ी पर पढ़ाई करता है.

यह भी पढ़ें : बिल्ली ही नहीं इन 7 जानवरों का रास्ता काटना भी होता है अशुभ, मृत्यु से हो सकता है सामना

हरीश के पिता वीरमदेव कहते हैं कि बात केवल हरीश की नहीं है. यहां पर मोबाइल नेटवर्क ना होने की वजह से हजारों बच्चे ऑनलाइन पढ़ाई से महरूम हैं. सरकार को तुरंत इस इलाके में मोबाइल कनेक्टिविटी बढ़ाने का इंतजाम करना चाहिए. जिससे यहां रहने वाले हजारों बच्चों बच्चों को भी ऑनलाइन शिक्षा मिल सके.

From around the web