वाराणसी को मिला ISO का टैग, लिस्ट में शामिल हुआ कैंट रेलवे स्टेशन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी को चुनाव के बाद भी याद रखा और अपने किये गए वादों को भी पूरा किया। एक बार फिर पीएम नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी सुर्खियों में छा गया है। आईएसओ का तमगा हासिल कर वाराणसी शहर ने स्‍मार्ट सिटी की राह पर एक और सफलता हासिल की है। इस तमगे को हासिल करने वाला वाराणसी स्थित कैंट रेलवे स्टेशन है जिसने वाराणसी शहर का नाम आइएसओ की लिस्ट में शामिल कराया है। बता दें की ISO का प्रमाणपत्र कैंट रेलवे स्टेशन को पर्यावरण संरक्षण की दिशा में हो रहे यहां के प्रयासों को देखते हुए दिया गया है, वाराणसी शहर इस उपलब्धि का जश्न मनाता दिखाई दे रहा है।

बता दें कि वाराणसी के कैंट रेलवे स्टेशन ने इस तमगे को अपने नाम कर अपनी जगह देश के चुनिंदा और बड़े रेलवे स्‍टेशनों में बना ली है। यह देश के उन  बड़े रेलवे स्‍टेशनों में शामिल हो गया है जहां पर्यावरण संरक्षण का ख्‍याल रखा जा रहा है और उसके लिए निरंतर प्रयास भी किये जा रहे है। आइएसओ प्रमाण की बात करें तो यह आइएसओ (इंटरनेशनल स्टैंडर्ड आर्गनाइजेशन) 14001:2015 पर्यावरण संरक्षण और यात्री सुविधा के लिए दिया जाता है और अब इसे  वाराणसी के कैंट रेलवे स्टेशन ने भी पा लिया है। बता दें कि इसे पाने के लिए कैंट रेलवे स्टेशन प्रशासन बहुत पहले से प्रयास कर रहा था जिसे अब यह पुरुस्कार मिला है जो अपने आप में बहुत बड़ी उपलब्धि है।

आइएसओ प्रमाण को हासिल करना इतना आसान भी नहीं है इसके लिए आइएसओ के मानकों पर खरा उतरना पड़ता है जब जाकर यह तमगा दिया जाता है। दरअसल वाराणसी के कैंट रेलवे स्टेशन पर पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए यहां पानी और बिजली का सही प्रकार से इस्तेमाल किया जाता है। व्यर्थ में ना तो बिजली उपयोग की जाती है और ना ही अन्य चीजें जिससे पर्यावरण को हानि पहुंचे। इस स्टेशन पर धुलाई और नाले के गंदे पानी को री-साइकिल कर उसे और चीजों में उपयोग किया जाता है। यहां का प्रशासन अपने उपयोग की कुल बिजली का 18 फीसद सौर ऊर्जा से पैदा कर खपत करता है जो कि बहुत अहम कदम है पर्यावरण को सुरक्षित रखने के लिए।

आइएसओ के सभी मानकों को इस स्टेशन ने पूरा किया है चाहे वह कूड़े के निस्तारण या सफाई से संबंधित हो और अब इस स्टेशन के प्रयास देख बाकी दूसरे स्टेशन भी इसी दिशा में पर्यावरण संरक्षण के लिए नई पहल करेंगे। बता दें कि रवि चतुर्वेदी, अपर मंडल रेल प्रबंधक ने इस उपलब्धि के बारे में कहा कि ’16 अगस्त 2022 तक के लिए यह प्रमाणपत्र मिला है। हम व्यवस्थाओं को और बेहतर करने की दिशा में प्रयास कर रहे हैं। एक-एक कर्मचारी, अधिकारी ने उपलब्धि दिलाने में सहयोग किया है।’ वहीं आनंद मोहन, स्‍टेशन निदेशक ने कहा कि ‘कैंट रेलवे स्‍टेशन पर नागरिक सुविधाओं के विस्‍तार के साथ ही विश्‍व स्‍तर की सेवाओं के लिए भी प्रशासन प्रयासरत है मगर पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों को और भी आगे ले जाया जाएगा ताकि यह दूसरों के लिए भी नजीर साबित हो।’

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