दिसंबर माह में इस दिन सूर्य पर लगेगा भारी ग्रहण, भूलकर भी ना करें ये 6 काम

ग्रहण का वैज्ञानिक और धार्मिक दृष्टि से प्रकृति और मानव समुदाय पर गहरा प्रभाव पड़ता है। यही वजह है कि हर साल होने वाले सूर्य ग्रहण को लेकर इंसान के मन में उत्सुकता रहती है। साल 2019 में कुल तीन सूर्य ग्रहण का योग था जिनमे से दो तो लग चुके हैं। हमेशा से ही ग्रहण जैसी खगोलीय घटनाओं के अपने वैज्ञानिक आधार होने के साथ-साथ इनका अपना ज्योतिषीय महत्त्व भी है।

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ग्रहण हर साल होता है, साल 2019 में कुल 3 सूर्य ग्रहण दिखाई देने की बात है। जिसमें से तीसरा सूर्य ग्रहण 26 दिसंबर को लगेगा।साल के 2 सूर्यग्रहण लग चुके और तीसरा और अंतिम सूर्य ग्रहण 26 दिसंबर को लगेगा। दोस्तों ये वलयाकार सूर्य ग्रहण होगा, जो भारतीय समय के मुताबिक सुबह 08:17 से लेकर 10: 57 बजे तक रहेगा। ये ग्रहण भारत के साथ पूर्वी यूरोप, एशिया, उत्तर-पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया और पूर्वी अफ्रीका में दिखाई देगा। ध्यान देने वाली बात ये है कि ये सूर्य ग्रहण धनु राशि और मूल नक्षत्र में लगेगा। धनु राशि तथा मूल नक्षत्र से संबंधित व्यक्तियों के जीवन पर इसका खास प्रभाव पड़ेगा। इन राशियों और नक्षत्र से संबंधित लोगों को सूर्य ग्रहण के समय सतर्क रहने की आवश्यकता है। आप इस सूर्यग्रहण मे कुछ बातों का विशेष ध्यान रखिये जो हम आपको बताने जा रहे हैं।

जानिये, किन कामों को नहीं करना है

जब सूर्य ग्रहण लगता है तो उससे पहले सूतक काल लगता है। सूतक काल अच्छे की ओर इशारा नहीं करता। सही मायनों में सूतक काल बहुत बुरा होता है। 26 दिसम्बर को सूर्य ग्रहण लग रहा है तो आप इस दिन तुलसी को लेकर विशेष ध्यान रखें। गायत्री मंत्र का जाप करें। इस वक्त खाने में आप तुलसी डाल दें। तुलसी की पूजा सूतक के दौरान ना करें। इसकी पूजा सूतक के बाद करें स्नान इत्यादि करके। ऐसे वक्त में सुनसान जगहों पर ना जाएं। सूर्य की तरफ ना देखें। खाना ना बनाएं।धारदार चीजों का इस्तेमाल ना करें। व्यसन ना करें।


सजे सवरने नहीं। मल -मूत्र का त्याग अगर संभव हो तो ना करें। वहीं सोएं बिल्कुल भी नहीं अगर संभव हो तो। गर्भवती महिलाओं पर सूर्य ग्रहण की रौशनी ना पड़े इसका खास ध्यान रखें। ग्रहण खत्म होने के बाद खाना बनाएं। ग्रहण के वक्त घर में रखा पुराना पानी फेंक दें। ग्रहण के बाद नया और ताजा पानी भरें। इसी पानी से खाना बनाएं। सूर्य ग्रहण के दौरान आप भजन कीर्तन कर सकते हैं। ईश्वर को मन ही मन याद कर सकते हैं। ग्रहण खत्म होने के बाद घर में गंगाजल जरूर छिड़कें।ग्रहण में आप मंत्र सिद्ध कर सकते हैं।

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