ससुराल में नौकरानी बनकर रह जाती है ये महिलाएं, लड़कियां एक बार जरूर पढ़ें

एक समय था, जब हमारे देश में महिलाओं को ज्यादा महत्व नहीं दिया जाता था| लेकिन अगर हम आज के दौर की बात करें, तो महिलए भी पुरुष से कम नहीं है| अगर हम इतिहास देखें तो महिलाये योद्धा बनने से लेकर चाँद तक जा चुकी है| चायना में महिलाओं को पुरुष के बराबर माना जाता है और देखा जाये तो यह काफी हद तक सही भी है| क्योंकि चायना में महिलाए भी वही सब काम कर सकती है जो पुरुष करते है| चायना में महिला भी पुरुष के समान ही कार्य करती है जैसे जॉब करना या और भी बहुत कुछ उनमे एक समान होता है| भारत में भी अब महिलाए कार्य क्षेत्र में आगे बढ़ रही है| लेकिन आज का टॉपिक जरा हटके है, आज हम आपको ऐसी महिलाओं के बारे बतायेंगे जो ना चाहकर भी घर की नौकरानियां ही बनकर रह जाती है| 

ये महिलाए होती हैं घर की नौकरानियां

1 औरतों का तो काम ही ये सब करना – जिन औरतों का यह मानना होता है कि औरतों का तो काम ही ये सब करना और घर को संभालना होता है| ऐसी महिलाए जीवन भर एक नौकरानी ही बनकर रह जाती है| दुनिया मे बहुत सी औरतें आज नाम कमा रही है| अगर आप ऐसा सोचती है कि औरत का काम घर को संभालना होता है तो आपके साथ हर कोई नौकरानी वाला ही सुलूक करेगा| एक बार जरा सोचिये का आप चाहती है कि आपके बच्चे भी उनकी वाइफ को नौकरानी जैसा समझे? या फिर उन्हें कार्य क्षेत्र में आगे बढाए| औरत घर की सदस्य है अगर आप उन्हें काम करते हुए देखे तो आपका फर्ज होता है उनके हर काम में उनकी मदद करना| 

2 चुपचाप होकर काम करना – अक्सर काम करने वाली महिलाए काफी पीड़ा में रहकर काम करती रहती है, और किसी से कुछ नहीं कहती है| किसी और का समय बचाने के औरत बस पीड़ा झेल कर काम करती रहती है, उन्हें बिलकुल भी खुद के लिए समय नहीं मिला पाता है| सिर्फ चुपचाप होकर काम करना औरत को नौकरानी बना देता है| दरअसल औरत घर की सदस्य है अगर वह चुपचाप होकर काम करती रहेंगी तो लोग उनके साथ नौकरानी वाला ही सुलूक करेंगे| इससे आपके बच्चे भी आपके साथ नौकरानी वाला ही सुलूक करेंगे, जबकि बच्चों को खुद काम करना सिखाना भी काफी ज़रुरी होता है| 

3 पढ़ी-लिखी ना होना – जो लड़कियाँ शिक्षित नहीं होती है उन्हें अपने अधिकारों की ठीक से समझ नहीं होती है| दरअसल वो खुद भी ऐसा मान लेती है कि उन्हें घर के काम के अलावा और कुछ आता ही नहीं है| साथ ही जो औरतें पढ़ी-लिखी नहीं होती है उनसे उनके पति हर मनमाने काम करवा लेता है| इसलिये शिक्षित होना काफी जरूरी है| आपने देखा होगा कि शिक्षित महिला को कुछ बोलने की किसी की हिम्मत नहीं होती है| साथ ही ऐसी महिला पर कोई भी पति अपने ऑफ़िस का कार्यभार सौंप सकता है| 

4 बात को दबाए रखना – कई बार महिलाए अपने मन की बात को मन में ही दबाए रखती है जिस वजह से उन्हें इसकी आदत हो जाती है और वह चुपचाप किसी भी परेशानी को सहन करने लग जाती है| इसे सहन करने की आदत भी कह सकते है| ऐसे में गलती ना होने पर भी महिलाए अपने पति की हर बात को सहन करते हुए उनका मनमाना काम करने लग जाती है| औरतों को अपने हित में बोलते आना काफी ज़रुरी है|

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