सोमवती अमावस्या 2019: जानें क्या है शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और सर्वगुण संपन्न होने के उपाय

धर्म शास्त्रो में सोमवती अमावस्या का विशेष महत्व बताया गया हैं और इस दिन पवित्र नदियों में स्नान, दान-पुण्य का विशेष महत्व बताया गया हैं| बहुत सारी विवाहित महिलाएं इस दिन अपने पति की लंबी आयु के लिए उपवास रखती है और पीपल के पेड़ की पुजा करती हैं क्योंकि पीपल के पेड़ में भगवान शिव का वास होता हैं| ज्योतिष शास्त्रियों के मुताबिक साल 2019 में सोमवती अमावस्या पर मौनी अमावस्या का विशेष योग बन रहा हैं जो सभी के लिए लाभकारी होने वाला हैं| इसलिए आज हम आपको साल 2019 सोमवती अमावस्या तिथि, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और इस दिन किन कार्यो को करना चाहिए और किन कार्यों को करने से बचना चाहिए, के बारे में बताने वाले हैं|

सोमवती अमावस्या 2019: जानें क्या है शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और सर्वगुण संपन्न होने के उपाय

तिथि व शुभ मुहूर्त

साल 2019 में सोमवती अमावस्या का व्रत 4 फरवरी को रखा जाएगा और अमावस्या की तिथि 3 फरवरी, रविवार के दिन रात्री 11 बजकर 52 मिनट पर आरंभ होगी| अमावस्या तिथि की समाप्ती 5 फरवरी, मंगलवार को रात्री 2 बजकर 33 मिनट पर होगी|

पूजा विधि

इस दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान कर ले और फिर सूरत का संकल्प ले और तुलसी को जल का अर्घ्य दे| अर्घ्य देने के बाद तुलसी के पेड़ की 108 बार परिक्रमा करे| हालांकि इस दिन पीपल के पेड़ की पूजा का भी बहुत महत्व हैं| इसलिए इस दिन पीपल के पेड़ को अर्घ्य देकर धूप-दीप जलाकर 108 बार परिक्रमा करे| इस दिन सुहागन महिलाएं पूजा के समय सुहाग का सामान रखे और इसे किसी अन्य सुहागन महिला को दे देना चाहिए|

महत्व

मान्यताओं के मुताबिक इस दिन पीपल के पेड़ की पूजा व परिक्रमा करने से जीवन में सुख और शांति का वास होता हैं| इतना ही नहीं जो लोग इस दिन स्नान और दान-पुण्य करते हैं उनके सभी प्रकार के पितृ दोष दूर होते हैं| इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती का पूजन करने से महिलाओं को अखंड सौभाग्य और संतान प्राप्ति का वरदान मिलता है और मनुष्य की सभी मनोकामनाएं पूरी होती है|

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सोमवती अमावस्या 2019: जानें क्या है शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और सर्वगुण संपन्न होने के उपाय

उपाय

  • इस दिन मौन व्रत धारण करके किसी पवित्र नदी में स्नान करे| दरअसल इस दिन तुलसी को जल अर्पित करने से दरिद्रता दूर होती है|
  • इस दिन तुलसी के पेड़ की 108 बार परिक्रमा करे और गाय को दही व चावल खिलाएँ क्योंकि ऐसा करने से मनुष्य के सभी कष्टों का निवारण होता हैं|
  • सोमवती अमावस्या के दिन पीपल के पेड़ पर दही, दूध, हल्दी और काले तिल चढ़ा दे और 108 बार परिक्रमा करे|
  • इस दिन भगवान शिव व हनुमान जी की पूजा करने से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती हैं|
  • इस दिन सूर्य देव को जल का अर्घ्य देने से गरीबी और सभी परेशानियाँ दूर होती हैं|
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