चुनाव प्रचार छोड़ खेतों में लगी आग बुझाने दौड़ पड़ी स्मृति ईरानी, देंखें वीडियो

भारतीय जनता पार्टी की वरिष्ठ नेता और अमेठी से बीजेपी उम्मीदवार स्मृति ईरानी रविवार को अपने चुनावी क्षेत्र अमेठी में चुनाव प्रचार का दौरा करने पहुंची। जिस समय स्मृति वहां चुनाव प्रचार कर रहीं थी उन्हें खेतों में आग लगने की खबर मिली। खबर मिलते ही स्मृति ने चुनावी दौरा रोक दिया और जिले के गोबर्धनपुर गाँव में जा पहुंची। वहां पहुंचकर स्मृति ने गाँव वालों के साथ मिल कर आग बुझाने की कोशिश में लग गयी और उसी दौरान फायर ब्रिगेड को फ़ोन किया गया। इस घटना के बाद ऑनलाइन स्मृति का वीडियो सामने आया जिसमे उनको हैंडपंप से पानी निकल कर आग बुझाने की कोशिश करते हुए देखा जा सकता है। इस घटना के बाद कांग्रेस के MLA दीपक सिंह भी आग प्रभावित क्षेत्रों का पहुंचे।

चुनाव प्रचार छोड़ खेतों में लगी आग बुझाने दौड़ पड़ी स्मृति ईरानी, देंखें वीडियो

जिले के अधिकारियों ने कहा कि उत्तर प्रदेश अमेठी जिले में रविवार को लगभग 100 एकड़ गेहूं की फसल में आग लग गई, जिसके कारण एक 55 वर्षीय किसान की सदमे से मौत हो गई। यह आग तेज हवा के झोंके के साथ,कई खेतों में 8 किमी के क्षेत्र में फैल गई और चकरनगर तहसील में आग से प्रभावित गाँव इंगुरी, दरगा पुरा उल्ची, मानपुर शाला, मानपुरा और जैतपुरा हैं। उसी सुबह इटावा डिस्ट्रिक्ट के 6 गाँव आग के चपेट में आ गए थे जिसने खेतों में खड़ी फसलें जल गईं।

देखें विडियो : चुनाव प्रचार छोड़कर ऐसा काम करने लगे भारतीय नेता

आपको बता दें कि पिछले लोकसभा चुनाव में स्मृति ईरानी ने अमेठी से राहुल गांधी के खिलाफ चुनाव लड़ा था लेकिन वो चुनाव वह हार गयीं थी। अमेठी को कांग्रेस पार्टी का गढ़ माना जाता है क्यूँकि सालों से कांग्रेस को इस क्षेत्र में कोई भी पार्टी मात नहीं दे पायी है। लोकसभा चुनाव के पांचवें चरण में उत्तर प्रदेश के अमेठी में 6 मई को मतदान होना है।

इस बार स्मृति ईरानी अमेठी के लोगो के दिलों में जगह बनाने के पुरज़ोर प्रयास में लगी हुई है। इस आग घटना के पूर्व स्मृति ने कांग्रेस की प्रियंका गांधी पर हमला बोलते हुए कहा कि “यह अच्छी बात है कि प्रियंका यह गिन रही हैं कि अब तक मैं कितने बार अमेठी आ चुकी हूं, लेकिन वह यह कभी नहीं बता पाएंगी कि 15 साल से अमेठी के सांसद राहुल गांधी कहां गायब रहे?” अब देखना यह है कि अपने प्रयासों से स्मृति इस बार अमेठी में जीत का झंडा फहरा पाती हैं या नहीं।

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