इस तारीख से पहले करा लिया रिचार्ज, तो अभी जियो से दूसरे नेटवर्क पर कॉलिंग के नहीं देने होंगे पैसे

कुछ ही दिनों पहले टेलीकॉम नेटवर्क प्रोवाइडर कंपनी रिलायंस जियो ने अपने यूजर्स को एक बात की घोषणा कर झटका दिया था| दरअसल जियो ने घोषणा की थी कि अब जियो यूजर्स को किसी अन्य टेलीकॉम नेटवर्क में कॉल करने पर 6 पैसे प्रति मिनट दर से भुगतान करना होगा क्योंकि अभी तक जियो यूजर्स इसका भुगतान नहीं करते थे| जियो के द्वारा लिए गए इस फैसले का मुख्य कारण ट्राई का फैसला हैं| हालांकि यह चार्ज जियो यूजर्स द्वारा दूसरे जियो नंबर पर किए गए कॉल और वॉट्सएप, फेसटाइम इत्यादि जैसे प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल करके किए गए फोन और लैंडलाइन कॉल पर लागू नहीं होगा|

इस घोषणा के बाद जियो यूजर्स काफी मायूस हो गए थे लेकिन जियो यूजर्स के लिए एक खुशखबरी हैं क्योंकि यदि आपने 9 अक्टूबर से पहले अपना फोन रिचार्ज किया था तो आप अपने मौजूदा प्लान की सुविधा इस रिचार्ज की वैधता खत्म होने तक उठा सकते हैं| रिलायंस जियो ने ट्वीट करते हुए बताया कि “प्रिय ग्राहक, यदि आपने 9 अक्टूबर को या उससे पहले रिचार्ज किया है तो आप मुफ्त कॉलिंग का लाभ (गैर-जियो नंबर तक) का इस रिचार्ज की वैधता के खत्म होने तक आनंद ले सकते हैं|” अर्थात आपने यदि 9 अक्टूबर से पहले रिचार्ज कर लिया हैं तो आप इस चार्ज से बच सकते हैं|

ऐसा पहली बार हो रहा हैं जब जियो यूजर्स नॉन जियो नंबर पर कॉल करने के भुगतान 6 पैसे प्रति मिनट के रूप में करेंगे| हालांकि अभी तक जियो ने अपने मौजूदा टैरिफ प्लान को नहीं बदला है और ना ही अपने प्रीपेड और पोस्टपेड दोनों यूजर्स के लिए कोई नए प्लान की पेशकेश की हैं| टेलीकॉम ऑपरेटर ने आईयूसी के रूप में अन्य प्लेयर्स के लिए किए गए सभी कॉल के लिए 6 पैसे प्रति मिनट का शुल्क लगाने का फैसला किया है| लेकिन जियो से जियो कॉल्स, इनकमिंग कॉल और लैंडलाइन कॉल्स सभी पहले की तरह फ्री बना रहेगा|

यदि बात करे जियो की तो यह टेलिकॉम सेक्टर में बहुत धूम मचा रहा हैं क्योंकि जियो ने अपने ग्राहकों को हर तरह की सुविधा दी थी| जिसके बाद से इसके ग्राहकों की संख्या दिन ब दिन बढ़ती जा रही थी| बता दें कि जियो देश के सबसे अमीर व्यक्ति मुकेश अंबानी की कंपनी हैं| इस कंपनी ने कुछ ही सालों में करोड़ों ग्राहक जोड़ लिए, टेलिकॉम सेक्टर में इस कंपनी के आने बाद इंटनेट यूजर्स की संख्या भारत में बड़ी तेजी से बढ़ी हैं, जिसकी वजह से भारत में डेटा खपत भी बड़ी तेजी से बड़ा हैं|

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