FD से कई गुना बेहतर है PPF में निवेश करना, जानें क्या होते हैं इसके फायदे

आज के समय में पब्लिक प्रोविडेंट फंड (पीपीएफ) निवेश और टैक्स बचत के सबसे लोकप्रिय विकल्पों में से एक बन गया है और लोग अब फिक्‍स्‍ड डिपॉजिट(FD) से ज्यादा पीपीएफ में निवेश करते दिखाई दे रहे हैं। दरअसल भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) रेपो रेट में फरवरी से लेकर अगस्‍त तक 1.10 फीसद की  कटौती कर चुका है। टैक्स बचत के नज़रिए से भी पीपीएफ एफडी से कई गुना बेहतर है क्योंकि इनकम टैक्स कानून के सेक्शन 80C के तहत इसमें निवेश करने से आपको टैक्स छूट मिलती है और इतना ही नहीं इस पर मिलने वाला ब्याज और मैच्योरिटी के वक्त मिलने वाली रकम भी टैक्सफ्री होती है।

नौकरीपेशा और मध्‍य वर्गीय लोगों के निवेश का पीपीएफ सबसे आकर्षक और पसंदीदा जरिया है। आपको बता दें कि बैंक और पोस्‍ट ऑफिस के पारंपरिक फिक्‍स्‍ड डिपॉजिट, रैकरिंग डिपॉजिट या अन्‍य बचत योजनाओं से बेहतर पब्लिक प्रोविडेंट फंड को माना जा रहा है। पीपीएफ की ब्याज दरें जुलाई से सितंबर 2019 की तिमाही के लिए 7.9 फीसद हैं जबकि फिक्‍स्‍ड डिपॉजिट पर SBI, PNB, बैंक ऑफ बड़ौदा, ICICI Bank और HDFC Bank 7.5 फीसद तक के ब्‍याज की पेशकश कर रहे हैं और इनमें अभी और कटौती के आसार नजर आ रहे हैं। दरअसल लघु बचत योजनाओं की ब्‍याज दरों में सरकार द्वारा जुलाई-सितंबर तिमाही के लिए 0.1 फीसद की कटौती की गयी थी।

अब बात करते हैं लघु बचत योजनाओं की ब्‍याज दरों की जिसके बारे में भी आप सभी को जानकारी होनी चाहिए। 7.9 फीसद का ब्‍याज पीपीएफ और एनएससी पर मिल रहा है और सीनियर सिटिजन सेविंग्‍स स्‍कीम और सुकन्‍या समृद्धि योजना पर मौजूदा ब्‍याज दरें कमश: 8.6 फीसद और 8.4 फीसद हैं।लघु बचत योजनाओं में पोस्‍ट ऑफिस फिक्‍स्‍ड डिपॉजिट, रैकरिंग डिपॉजिटऔर किसान विकास पत्र भी शामिल हैं। 1 से तीन साल के पोस्‍ट ऑफिस फिक्‍स्‍ड डिपॉजिट पर 6.9 फीसद और 5 साल पर 7.7 फीसद का ब्‍याज मिल रहा है। वहीं 7.2 फीसद रैकरिंग डिपॉजिट की ब्‍याज दरें हैं और 7.6 फीसद का ब्‍याज 13 महीने वाले किसान विकास पत्र पर मिल रहा है।

पीपीएफ बैंकों के एफडी से कई गुना बेहतर है और पीपीएफ के ज्यादा फायदे भी हैं। पीपीएफ ब्‍याज अर्जित और आयकर बचाने दोनों ही नाजरियों से बैंको के फिक्‍स्‍ड डिपॉजिट से ज्यादा फायदे का सौदा दिखाई देता है। बता दें कि पीपीएफ ज्‍यादा ब्‍याज अर्जित करने और आयकर बचाने में भी मददगार साबित होता है। इनकम टैक्स कानून के सेक्शन 80C के तहत आप पीपीएफ में 1.5 लाख रुपये तक के निवेश पर कटौती का लाभ उठा सकते हैं तो यह बैंकों के एफडी से ज्यादा आकर्षक है।

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