एक बार फिर से आधार की सुरक्षा पर उठा सवाल, लोगों के फोन में ऑटोसेव हो रहा है UIDAI का हेल्पलाइन नंबर

सोशल मीडिया पर यह खुलासा हुआ है कि कुछ मोबाइल फोन में उपयोगकर्ताओं की मंजूरी के बिना आधार हेल्पलाइन का पुराना नंबर 1800-300-1947 पहले से सेव होता है लेकिन बहुत खोज-बीन करने के बाद भी इस बात का पता नहीं चल पा रहा था कि UIDAI के इस पुराने हेल्पलाइन नंबर को आखिर कौन सेव कर रहा है, कैसे ये नंबर खुद ब खुद आपके स्मार्टफोन में सेव हो जा रहा है।

UIDAI

Google ने मानी अपनी गलती

आधार और अन्य हैंडसेट बनाने वाली कम्पनियों ने इस बात से इनकार करते हुए कहा था कि ना तो आधार ने किसी भी एजेंसी को अपना हेल्पलाइन नम्बर सेव करने को कहा था और ना ही हैंडसेट निर्माता कंपनियों ने इस नम्बर को फोन में डाला है बाद में गूगल ने अपनी गलती मानते हुए कहा कि Google ने ही एंड्रायड के फोन्स में UIDAI का पुराना हेल्पलाइन नंबर डाला है और यह भी कहा कि इसे जल्दी ही सुधार लिया जायेगा।

केवल भारत के फोंस में ही ये नंबर डाले गये

इस बात को लेकर सोशल मीडिया पर लोगों में गुस्सा था बता दें कि गूगल ने कहा कि एंड्रायड फोन के सेटअप विज़ार्ड में 2014 में ही UIDAI का हेल्पलाइन नंबर और 112 हेल्पलाइन नंबर गलती से डाला गया था जो तब से वैसा का वैसा ही चला आ रहा था गूगल ने आगे कहते हुए कहा कि इन नंबरों को फोन से डिलीट किया जा सकता है और इस दिक्कत को जल्दी से जल्दी दूर करने का भी आश्वासन दिया गूगल ने यह भी कहा कि यह नंबर सिर्फ भारत में इंस्टॉल किये गये एंड्रॉयड फोंस में ही डाला गया है।

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एप्पल के फोन में भी ये नंबर सेव पाए गये

बता दें कि Google के अनुसार यह नंबर उपयोगकर्ता के कॉन्टैक्ट सूची में अपने आप सेव हो जाता है और नए फोन पर लॉगिन करने पर भी दिखता है यह बात भी फैल रही थी कि गूगल के एंड्रॉयड फोन के अलावा एप्पल के भी कुछ फोंस में भी ये नंबर पहले से सेव थे।

इससे पहले, शुक्रवार शाम में महाराष्ट्र पुलिस के साइबर सुरक्षा सेल ने परामर्श जारी करते हुए कहा था कि अगर UIDAI के नाम से कोई नंबर अपने आप मोबाइल फोन में जुड़ जाए तो इसे डिलीट कर दिया जाए, सुरक्षा मामलों के कई जानकारों ने भी इस मामले पर चिंता जताया था।

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