Basant Panchami 2020: जानिए कब है बसंत पंचमी, कैसे मनाया जाता है यह त्योहार और क्या है मुहूर्त

जनवरी शुरु होते ही त्योहारों का सिलसिला भी शुरु हो जाता है। पहले मकर संक्रांति और अब बसंत पंचमी। 29 जनवरी को देश में बसंत पंचमी मनाने के लिए त्यौहार की तैयारी शुरू हो चुकी है। बसंत पंचमी का दिन बेहद खास माना जाता है और इस दिन से वसंत ऋतु के आगमन को मान्यता दी गई है। बसंत पंचमी हर वर्ष माघ माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी को मनाई जाती है। बता दें कि इस दिन विद्या की देवी मां सरस्वती की पूजा की जाती है। सरस्वती की पूजा दिन के मध्य भाग में की जाती है।

समय और मुहूर्त

पञ्चमी तिथि का प्रारम्भ – 29 जनवरी 2020 को 10:45 ए एम बजे से होगा।
पञ्चमी तिथि की समाप्ति – 30 जनवरी 2020 को 01:19 पी एम बजे पर होगी।
वसन्त पञ्चमी मध्याह्न का क्षण (पूजा मुहूर्त) – 10:47 ए एम से 12:34 पी एम तक रहेगा।
पूजा के मुहूर्त की कुल अवधि – 01 घण्टा 49 मिनट्स की है।

इन मंत्रों का करें जाप

सरस्वती वन्दना: कुन्देन्दु देवी सरस्वती को समर्पित बहुत ही प्रसिद्ध स्तुति है जो सरस्वती स्तोत्रम का एक अंश है। इस सरस्वती स्तुति का पाठ वसन्त पञ्चमी के पावन दिन पर सरस्वती पूजा के दौरान किया जाता है।
या कुन्देन्दुतुषारहारधवला या शुभ्रवस्त्रावृता।
या वीणावरदण्डमण्डितकरा या श्वेतपद्मासना॥
या ब्रह्माच्युत शंकरप्रभृतिभिर्देवैः सदा वन्दिता।
सा मां पातु सरस्वती भगवती निःशेषजाड्यापहा॥१॥
शुक्लां ब्रह्मविचार सार परमामाद्यां जगद्व्यापिनीं।
वीणा-पुस्तक-धारिणीमभयदां जाड्यान्धकारापहाम्‌॥
हस्ते स्फटिकमालिकां विदधतीं पद्मासने संस्थिताम्‌।
वन्दे तां परमेश्वरीं भगवतीं बुद्धिप्रदां शारदाम्‌॥२॥

कैसे करे पूजा

सरस्वती की पूजा करने के लिए इस दिन शुभ मुहूर्त में साहित्य, शिक्षा, कला आदि के क्षेत्र में पूजा की जाती है। बता दें कि इस दिन मां सरस्वती की पूजा में हल्दी का उपयोग करना शुभ माना जाता है। पवित्र नदी में स्नान करने से सभी परेशानियों से छुटकारा मिलता है। पुखराज और मोती धारण करने के लिए ये दिन उत्तम माना गया है। पूजा के समय पीले या सफेद फूलों का इस्तेमाल अवश्य करें।

इन कामो को नहीं करना चाहिए

इस दिन काले रंग के कपड़े नहीं पहनने चाहिए। विद्या देने वाली चीजों का अपमान ना करें। इसे हरियाली का त्योहार माना जाता है इसलिए इस पर्व पर फसलों की कटाई नहीं करनी चाहिए। इस दिन आपको तामसिक भोजन और मदिरा पान करना से बचना चाहिए।

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