ज्योतिष का दावा ये सूर्यग्रहण बरपा सकता है कहर, कोरोना के अलावा कई अशुभ संकेत

आगामी 21 जून को सूर्यग्रहण लगने वाला हैं ये हिंदू कैलेंडर के अनुसार पहला सूर्यग्रहण हैं, ज्योतिषशास्त्र के अनुसार ये ग्रहण बहुत सारी आपदाएं लेकर आने वाला हैं। ऐसे में जब देश कोरोना महामारी से लड़ रहा हैं तो ऐसे में इस सूर्यग्रहण का असर और भी खतरनाक हो सकता हैं, ज्योतिषशास्त्र से जुड़े बहुत से विशेषज्ञों का भी ये मानना हैं कि ये सूर्यग्रहण बहुत अशुभ संकेत देने वाला हैं।

कब शुरू होगा सूर्यग्रहण

वैज्ञानिकों की दृष्टि में सूर्यग्रहण सिर्फ एक खगोलीय घटना हैं लेकिन ज्योतिष विज्ञान और धर्म शास्त्रों में इसको लेकर बहुत सी मान्यताएं हैं। भले ही ग्रहण 21 जून को लेकिन इसका ज्यादा असर 20 जुलाई तक रहेगा और इसकी वजह 6 ग्रहों का अपनी उल्टी दिशा यानी वक्री दिशा में चलना हैं। भारत में सूर्यग्रहण प्रातःकाल 9:16 से शुरू होगा और ये अपने चरम पर दोपहर 12:10 पर होगा, ये ग्रहण 03:04 पर समाप्त होगा।

अभी कुछ दिनों पहले चंद्रग्रहण भी लगा था लेकिन उसका प्रभाव भारत में नहीं था पर इस सूर्यग्रहण का देश में बहुत ज्यादा प्रभाव पड़ने वाला हैं। भारत के अलावा कुछ और देशों में भी सूर्यग्रहण का असर पड़ने वाला हैं और ये उन सभी देशों में महामारी को बढ़ावा देने का समय रहेगा, ऐसे में विश्व भर में छाई हुई कोरोना महामारी और ज्यादा तबाही मचा सकती हैं।

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सावधानी बरतने की हैं जरूरत

ग्रहों की उल्टी चाल की वजह से ये सूर्यग्रहण और भी ज्यादा अशुभ फल दे सकता हैं, इसके प्रभाव से महामारी या रोग में वृद्धि और भूकंप जैसी घटनाएं भी होती दिखाई दे रहीं हैं। इसके अलावा देश में बाढ़, तूफान, चक्रवात की स्थिति उत्पन्न होगी और ये देश के लिए बहुत हानिकारक साबित होने वाली हैं, कृषि में भी भारी हानि की संभावना हैं। इस साल 20 जुलाई तक का समय बहुत भारी हैं और सबको पूरी तरह से सावधानी बरतने की जरूरत हैं ऐसे में भगवान शिव और सूर्यदेव की आराधना करना बहुत लाभदायक होगा।

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धर्म ग्रंथो में भी लिखा हैं ग्रहण के प्रभाव के बारें में

बहुत से हिन्दू धर्म ग्रंथो में भी सूर्यग्रहण के प्रभाव के बारें में उल्लेख हैं, ग्रंथो के अनुसार सूर्यग्रहण का प्रभाव आगामी 6 माह तक रहेगा जबकि 21 जून को पड़ने वाले सूर्य ग्रहण का सबसे अधिक प्रभाव अगले 15 दिन तक रहेगा। इसके असर से कोरोना से पीड़ित लोगों की संख्या में तेजी से वृद्धि दर्ज की जाएगी जो बेहद ही खतरनाक हैं, ग्रहण के दिन दान-पुण्य करना चाहिए, कोरोना महामारी के चलते पवित्र नदियों में स्नान तो संभव नहीं हैं इसलिए घर में एक थाल में जल लेकर अपने ऊपर छिड़क कर मां गंगा का स्मरण करते हुए उन्हें नमस्कार करें।

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