पितृपक्ष में इन 7 जगहों पर करेंगे श्राद्ध तो मिलेगा सबसे ज्यादा पुण्य, एक बार जरूर जान लें

अपने देवताओं, पितरों और वंश के प्रति श्रद्धा प्रकट करने के लिए श्राद्ध किया जाता हैं| हिन्दू मान्यता के मुताबिक, पिंडदान करना मोक्ष प्राप्ति के लिए एक सहज और सरल मार्ग हैं| इसलिए लोग पितृपक्ष के दिनों में तर्पण कर अपने पितरों को तृप्त करते हैं और उनका आशीर्वाद प्राप्त करते हैं| दरअसल देश के कई स्थानों पर श्राद्ध किया जाता हैं लेकिन कई जगह ऐसे हैं जहां श्राद्ध करने से पुण्य मिलता हैं| ऐसे में आइए हम आपको उन जगहों के बारे में बताते हैं जहां श्राद्ध करने से पुण्य मिलता हैं|

(1) वाराणसी

भगवान शिव की पवित्र नगरी वाराणसी शहर को कहाँ जाता हैं, यहाँ लोग दूर-दूर से आकर पर अपने पूर्वजों का पिंडदान करते हैं| बता दें कि बनारस के कई घाटों पर अस्थि विसर्जन और श्राद्ध के कर्म कांड किए जाते हैं|

(2) गया

बिहार के फल्गु तट पर बसे ‘गया’ में पिंडदान करने का बहुत महत्व है, ऐसी मान्यता है कि भगवान राम और देवी सीता ने राजा दशरथ की आत्मा की शांति के लिए ‘गया’ में ही पिंडदान किया था| दरअसल ‘गया’ को विष्णु का नगर कहा जाता हैं और यह मोक्ष की भूमि भी कहलाती है|

(3) हरिद्वार

ऐसा माना जाता है कि हरिद्वार के नारायणी शिला पर तर्पण करने से पितरों को मोक्ष मिलता हैं और पुराणों में भी इसका उल्लेख मिलता है| पितृ पक्ष के समय दुनिया भर से श्रद्धालु यहां आकर अपने पूर्वजों की आत्मशांति के लिए पूजा-अर्चना करते हैं|

(4) मथुरा

यह शहर भगवान कृष्‍ण की जन्मस्थली के रूप में जाना जाता हैं| दरअसल मथुरा में भगवान कृष्‍ण के अनेक धार्मिक स्‍थल मौजूद हैं और यहां पर वायुतीर्थ पर पिंडदान किया जाता है| मथुरा में तर्पण कर लोग अपने पूर्वजों को तृप्त करते हैं|

(5) जगन्‍नाथ पुरी

हिन्दू धर्म में चार धाम की यात्रा से पुण्‍य की प्राप्‍ति मानी जाती है और जगन्‍नाथ पुरी चार धामों में से एक है| यहां पर पितरों की आत्‍मशांति के लिए पूजा-अर्चना किया जाता हैं| जगन्‍नाथपुरी में पिंडदान की एक अलग ही मान्यता है|

(6) बद्रीनाथ

हिन्दू धर्म के चारों धामों में से एक बद्रीनाथ को भी श्राद्ध के लिए महत्‍वपूर्ण शहर माना जाता है| बद्रीनाथ के ब्रह्मकपाल घाट पर श्रद्धालु सबसे ज्‍यादा संख्‍या में पिंडदान करते हैं और यहां से निकलने वाली अलकनंदा नदी पर पिंडदान किया जाता है|

(7) इलाहाबाद

पितरों का तर्पण संगम पर करना सबसे उत्तम माना जाता हैं, यहां पर आकर पिंडदान करने का एक अलग ही महत्‍व है| इलाहाबाद में पितृपक्ष पर बहुत बड़ा मेला भी लगता है| दूर-दराज से लोग यहां अपने पूर्वजों का श्राद्ध करने के लिए आते हैं ताकि उनके पूर्वजों को आत्मशांति मिल सके|

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