रात में लाश को क्यों नहीं छोड़ा जाता है अकेला, जानें क्‍या है इसके पिछे की खतरनाक सच्चाई

जब तक इंसान जिंदा रहता हैं तब तक लोग उसके साथ और पास रहते हैं लेकिन जैसे ही उसकी मृत्यु होती हैं लोग उससे दूर भागने लगते हैं क्योंकि कुछ लोग कहते हैं कि उन्हें लाशों के पास रहने में डर लगता हैं और भी बहुत सारे लोग बहुत सारे बहाने बनाते हैं ताकि कोई उन्हें लाश के पास रहने को ना कह दे| लेकिन जब कोई व्यक्ति मरता हैं तो लोग उसका अंतिम संस्कार करते हैं ताकि उसकी आत्मा को शांति मिल सके और वैसे भी अंतिम संस्कार को लेकर बहुत सारी मान्यता प्रचलित हैं|

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ऐसे में आज हम आपको अंतिम संस्कार से जुड़ी मान्यताओं के बारे में नहीं बल्कि मृत्यु के बाद लोग लाश जो अकेला क्यों नहीं छोड़ते हैं, उसके बारे में बताने वाले हैं| दरअसल जब किसी व्यक्ति की मृत्यु रात में हो जाती हैं तो लोग उसे रात में ही श्मशान घाट नहीं ले जाते हैं बल्कि लोग लाश को घर में ही रख कर उस लाश की रखवाली करते हैं| लेकिन क्या अपने इस प्रथा के बारे में सोचा हैं कि आखिर क्यों लोग लाश को अकेले नहीं छोड़ते यदि नहीं सोचा तो जरा सोचिए क्योंकि इसके बारे में जानकारी आपको भी होनी चाहिए|

हालांकि इसके बारे में सोचना थोड़ा अजीब और टाइम वेस्टिंग काम लगता हैं लेकिन आज हम आपको जो बताने वाले हैं उसके बारे में सुनकर आपको जरूर विश्वास हो जाएगा| आपकी जानकारी के लिए बता दें कि शास्त्रो के मुताबिक यदि दिन ढलने के बाद किसी व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है तो उस व्यक्ति के शव को तुलसी के पौधे के पास रखा दिया जाता है और उस लाश को अकेला नहीं छोड़ा जाता हैं क्योंकि मारे हुये व्यक्ति की आत्मा वहीं पर भटकती हैं और सभी को देखती हैं|

दरअसल मान्यता है कि मरने के बाद शरीर खाली हो जाता है और ऐसे में बुरी आत्माओ का साया उस शरीर पर अपना कब्जा जमा सकती है| इसीलिए लोग शव के पास रात को रहते हैं और लाश को अकेला नहीं छोड़ते हैं ताकि कोई बुरी आत्मा इस लाश पर अपना कब्जा ना जमा सके और किसी व्यक्ति या वस्तु को नुकसान ना पहुंचा सके|

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