फलों पर लगे इन स्टिकर का क्‍या होता है मतलब, आइए जानते हैं आज

फलो का सेवन करना हमारे लिए आवश्यक होता हैं| फल जो की शरीर को स्वस्थ रखने मेन सहायक होते हैं| फलो का सेवन शरीर को स्वस्थ रखना ही नहीं होता हैं बल्कि फल मन को एक ताजगी पाहुचते हैं| अपने फल खरीदते हुये कभी ध्यान दिया हैं की आखिर फलो पर स्टिकर क्यों लगे रहते हैं? नहीं जानते ना तो आइए हम आपको बताते हैं की आखिर फलो पर स्टिकर क्यों लगें होते है| इस लेबल पर दाम और इसके एक्सपायरी डेट के अलावा पीएलयू कोड होता है। पीएलयू कोड से आप उस फल के बारे में काफी कुछ जान सकते हैं। आप कैसे पीएलयू कोड को समझेंगे आज हम आपको बता बताएँगे|

इस आर्टिकल में हम आपको बता रहे हैं कि आप पीएलयू कोड को कैसे समझें। आप जब भी बाजार जाएँ तो इस बात का जरूर ध्यान दे की लेबल पर अलगे पीएल्यू कोड कितने का डिजिट का हैं| क्योंकि लेबल पर मेंशन पीएलयू कोड में अगर सिर्फ 4 डिजिट है तो यह दर्शाता है कि इस फल को उगाने में पेस्टीसाइड का उपयोग किया गया है। पीएलयू कोड के आखिरी चार अक्षर यह दर्शाते हैं कि जो प्रॉडक्ट आप खरीद रहें है वो फल है या सब्जी।

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(1) हर एक फल पर आपने स्टिकर लगा देखा होगा उन स्टिकरो पर कोड होते हैं| ये कोड ही फलो का हाल बताते हैं की फल ताजे है या बासी|

(2) 4 नंबर वाले कोड का प्रॉडक्ट परंपरागत कीटनाशकों के उपयोग के साथ लगाया गाय होता हैं|

(3) 5 नंबर वाले कोड का प्रॉडक्ट आनुवांशिक रूप से संशोधित होने का संकेत देता है|

(4) 5 नंबर वाले कोड का प्रॉडक्ट के नंबर की शुरुआत 9 से होती है जो जैविक रूप से उगाया जाता है|

(5) अगर आप देखें की स्टीकर पर मौजूद पीएलयू कोड का पहला डिजिट 8 है तो इसका मतलब है कि इस प्रॉडक्ट को जेनेटिकली मॉडिफाइड किया गया है। उदहारण स्वरुप ऐसे फलों पर लेबल कोड 84011 हो सकता है।

अब आप जब भी फल खरीदने जाएँ इन बातों का खास ध्यान रखें जिससे आप और आपका परिवार हमेशा स्वस्थ रहें| क्योंकि परिवार से ही घर बनाता हैं और स्वास्थय ही जीवन हैं|
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