आज इस मुहूर्त में करेंगे देवी विजयालक्ष्मी की पूजा, तो हर दुख हो जाएगा दूर

अगर इस कलयुग  में देखा जाये तो धन के बिना संसार का हर सुख असंभव है । इस संसार में अनेक प्रकार के दुःख हैं लेकिन उन सभी दुखों में निर्धनता से बढ़कर कोई दुःख नहीं है।निर्धनता ही  मनुष्य की सबसे बड़ी हार भी है क्योंकि गरीबी के कारण ही व्यक्ति इस संसार में हर जगह पर हार का सामना करता है।इस संसार में देवी को लक्ष्मी को धन की देवी माना जाता है और यदि मा लक्ष्मी की कृपा किसी व्यक्ति पर नहीं बनती तभी वो इस संसार के सबसे बड़े दुःख यानि की निर्धनता का सामना करता है |

इसीलिए  संसार के इस श्रेष्ठ दुःख के निवारण हेतु और सांसारिक जीत के लिए देवी महालक्ष्मी के विजयालक्ष्मी स्वरुप का पूजन श्रेष्ठ सिद्ध होता है और आज  यानि की शुक्रवार दि॰ 02.02.18 फाल्गुन कृष्ण द्वितीय पर पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र से बने शोभण योग व वाणिज्यकारण होने के कारण देवी विजयालक्ष्मी का पूजन  का श्रेष्ठ योग बन रहा है ।

इनका स्वरुप कुछ इस प्रकार है की महादेवी लाल वस्त्रों से सुसज्जित हैं, उनके देह पर सुसज्जित हीरे, मोती व रत्नजड़ित स्वर्णभूषण अपनी शोभा बढ़ा रहे और और इनकी आठ भुजाओं में क्रमश: चक्र, शंख, कमल, तलवार, भाल, ढाल व एक हाथ अभय व दूसरा वर मुद्रा में है।  माता विजयालक्ष्मी कमल के फूल पर विराजमान हैं। आज हम आपको देवी विजयालक्ष्मी के इस शुभ दिन के  विशेष पूजन व उपाय  के विषय में बताएँगे जिसे करने से आपको हर क्षेत्र में विजय हासिल होगी इसके साथ ही इससे आपकी निर्धनता भी  दूर  हो जाएगी |

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पूजन विधि

पूजन विधि: संध्या के समय में ईशान मुखी होकर देवी विजयालक्ष्मी का विधिवत पंचोपचार पूजन करें। गौघृत का दीप करें, चंदन की अगरबत्ती जलाएं, गुलाब का फूल चढ़ाएं, अबीर चढ़ाएं, साबूदाने की खीर का भोग लगाएं और पूजा समाप्त होने के उपरांत इस भोग को किसी सुहागन स्त्री  को दान कर  दें।

शुभ मुहूर्त

पूजन मुहूर्त: शाम 16:30 से शाम 17:30 तक।
पूजन मंत्र: ॐ क्लीं कनकधारायै नमः॥

उपाय

यदि आप आर्थिक परेशानियों से जूझ रहे हैं तो इस निर्धनता दूर करने के लिए देवी विजयालक्ष्मी का पूजन कर शंख  अवश्य बजाएं।

यदि आपके घर में क्लेश है और सुख शांति नहीं रह पा  रही है तो अपने इस  पारिवारिक दुखों से मुक्ति हेतु विजयालक्ष्मी पर चढ़े 4 कमलगट्टे किचन में छुपाकर रखें।

यदि आप अपने जीवन के हर क्षेत्र में विजय प्राप्त करना चाहते हैं तो इसके लिए विजयालक्ष्मी पर चढ़ी कौड़ियां जलाकर जलप्रवाह कर दें।

शास्त्रों के अनुसार विजय लक्ष्मी को जया लक्ष्मी भी कहकर संबोधित किया जाता है  और विजयालक्ष्मी को जीत का प्रतीक माना जाता है इसीलिए इनकी पूजा करने से हमे जीवन की हर कठिनाइयों से जीत हांसिल होती है और हम अपने जीवाम में सफलता प्राप्त करने में सक्षम होते है |

 

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