Sunday, December 17

महिलाओं की शर्ट में क्यों नहीं होती है जेब जानकर हैरान हो जाएंगे आप

आपने गौर किया होगा कि लड़कियों के कपड़ों में जेब नहीं होती. ज्यादातर महिलाएं हैंडबैग का इस्तेमाल करती है और वही पुरुष तब तक इसको कैरी नही करते हैं जब तक सामान ज्यादा न हो। बाजार में भी ऐसी शर्ट और टी-शर्ट का सबसे ज्यादा प्रचलन है जिनमे जेब नही होती है। ऐसा क्यों होता और इसके पीछे क्या वजह है, कभी सोचा है आपने? पुरुषों की तुलना में महिलाओं के ऐसे कई कपड़े है जिनमें जेब नही होती लेकिन क्या आप जानते हैं कि ये महज इत्तेफाक नही बल्कि ये मानसिकता की उपज है।

बात 1840 की है जिस समय को फैशन के लिहाज से एक क्रांतिकारी दशक समझा जाता है। उस समय फैशन डिजाइनर महिलाओं के लिए बड़े गले, पतली कमर और नीचे से घेरदार स्कर्टनुमा ड्रेस डिजाइन करने लगे थे।

 

 

धीरे-धीरे यह चलन महिलाओं की ड्रेसों से जुड़े फैशन की बुनियाद बन गया। माना जाता था कि महिलाओं के कपड़ों में जेबें बनाई जाएगी तो इससे महिलाएं अपनी जेब में कुछ न कुछ रखेंगी, जिससे उनके शरीर की बनावट कुछ उभरी-सी दिखाई देगी। उन दिनों महिलाओं का काम सिर्फ सुंदर लगना ही समझा जाता था।

यूरोपीय देशों में महिलाओं ने अपनी पोशाकों में जेब पाने के लिए गिव अस पॉकेट अभियान ने काफी जोर पकड़ा है लेकिन फैशन जगत को ये अभियान बहुत ही हास्याप्रद लगता है। इसे अभियान का नतीजा कहिए या आधुनिक लोगों की खुली सोच, जींस, शर्ट के अलावा ऐसी कई कैचुअल ड्रेस बनाई जा रही हैं, जिनमें जेब होती हैं।

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