Thursday, January 18

कब होगी आपकी शादी, आखिर क्यों हो रही है देर, जानिए क्या है इसके पीछे का कारण

आज कल ऐसे कई लोगो देखने  को मिल जाते है, जिनकी शादियाँ काफी देर से होती है, जिसके कारण उन्हें अपना लाइफ पार्टनर मन का नही मिल पाता है। शादी में देरी या जल्दी होना हमारे कुंडली के ग्रहों पर डिपेंड करता है। ऐसे कई लोग होते है जो शादी करने के लिए इच्छुक होते है लेकिन शादी में कहीं न कहीं, कोई न कोई चुक या बात बनते-बनते बिगड़ जाती है। ज्योतिष के द्वारा यह पता लगा जा सकता है कि आपके शादी होने का संयोग कब बन रहा और किस कारण से इतना विलम्ब हो रहा आदि जानकारियां पता लगाई जा सकती है। जो कि आपके कुंडली का सातवां घर बताता है।

शुक्र, बुध, गुरु और चन्द्र इन ग्रहों को शुभ माना गया हैं। यदि इनमें से कोई भी आपके कुंडली के सातवें घर में बैठा हो तो ये बहुत ही शुभ है। इन ग्रहों में से किसी एक के भी सातवें घर में बैठने से शादी में आने वाली सारी रुकावटें अपने आप ही समाप्त हो जाती हैं। शादी के लिए अधिक इंतजार भी नहीं करना पड़ता है लेकिन इन ग्रहों के साथ कोई अन्य ग्रह भी हो तो शादी में व्यवधान जरुर आता है। राहू, मंगल, शनि, सूर्य यह सभी ग्रह अशुभ माने गये हैं | इनका कुंडली के सातवें घर में प्रवेश शादी के लिए अशुभ माना गया है।

20 से 25 वर्ष की आयु में शादी

कुंडली के सातवें घर में यदि बुध बैठा हो तो शादी जल्दी होने के योग बनते हैं। इन लोगो की जल्द ही बीस वर्ष के आयु में ही शादी हो जाती है। यदि बुध पर किसी अन्य ग्रह का प्रभाव न हो और बुध सातवें घर में हो तो सूर्य भी एक स्थान पीछे या आगे हो जाता है नहीं तो इन सब के अलावा बुध के साथ सूर्य के होने की संभावना होती है। यदि सूर्य बुध के साथ हो तो शादी होने दो साल का समय अवश्य लगता है जिससे 22 की आयु में शादी होने का संयोग बन पाता है। लेकिन सूर्य के अंश क्षीण हों तो शादी 20 से 21 वर्ष की आयु में ही हो जाती है। अतः बुध जब सातवें घर में हो तब शादी का योग 20 से 25 की आयु में ही हो जाती है।

25 से 27 की उम्र में शादी

सातवें घर में यदि शुक्र, गुरु या चन्द्र कुंडली के सातवें घर में विराजमान हो तो शादी करने का योग 24 से 25 वर्ष की आयु में होता है। कुंडली में जब सातवें घर में गुरु बैठे होते है तो शादी 25 वर्ष की आयु में हो जाती है। यदि गुरु पर सूर्य या मंगल का प्रभाव हो तो शादी होने में एक साल का विलम्ब होता है। वहीँ राहू अथवा शनि का प्रभाव हो तो शादी का योग दो साल बाद यानी 27 वर्ष की आयु में होता है।

कुंडली के सातवें घर में यदि शुक्र हो और शुक्र पर मंगल या सूर्य का प्रभाव हो तो शादी में दो साल विलम्ब होता है। अगर शनि का प्रभाव हो तो एक साल का विलम्ब होता है यानी शादी होने का संयोग 26 वर्ष की आयु में बनता है। वहीँ यदि राहू का प्रभाव शुक्र पर हो तो शादी में दो साल का विलम्ब होने की सम्भावना होती है।

कुंडली के सातवें घर में यदि चन्द्र विराजमान हो और चन्द्र पर मंगल या सूर्य में से किसी एक का प्रभाव हो तो शादी करने का योग 26 वर्ष की आयु में होता है। यदि शनि का प्रभाव हो तो शादी का योग तीन वर्ष बाद बनता है। वहीँ अगर राहू का प्रभाव हो तो शादी का योग 27 वर्ष की आयु में होती है और शादी में कुछ समस्याओं का भी सामना करना पड़ सकता है।

कुंडली के सातवें घर में यदि सूर्य विराजमान हो और सूर्य पर किसी ग्रह का प्रभाव न हो तो शादी का योग 27 वर्ष की आयु में ही बन जाता है। लेकिन वहीँ कोई शुभ ग्रह सूर्य के साथ हों तो विवाह का संयोग जल्द ही बन जाता है।

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28 से 32 वर्ष की उम्र में शादी

कुंडली के सातवें घर में मंगल, राहू और केतु इनमे से कोई एक भी यदि हो तो शादी के योग बहुत देर के बाद बनते है। कुंडली में कोई भी अशुभ ग्रह सातवें घर में विराजमान होंते है तो शादी होने में काफी विलम्ब होता है। सातवें घर में मंगल के होने से शादी का योग 27 वर्ष की आयु में बनता है। यदि कुंडली के सातवे घर में राहू विराजमान हो तो विवाह होने में काफी अड़चने आती है। रिश्ता पक्का होने के बाद भी रिश्ते टूट जाते हैं। वहीँ अगर कुंडली के सातवें घर में केतु हो तो विवाह में गुप्त रूप से शत्रुओं के कारण शादी में अडचने आती है।

कुंडली के सातवें घर में शनि विराजमान हो तो आपका पार्टनर काफी समझदार और विश्वासपात्र मिलता है। सातवें घर में शनि का होना योगकारक है लेकिन शादी में काफी देर 30 वर्ष की आयु में होती है।

32 से 40 वर्ष की उम्र में शादी

कुंडली सातवें घर में जब एक से अधिक अशुभ ग्रहों का प्रभाव होता है तो शादी होने में बहुत ज्यादा विलम्ब हो जाता है। सातवे घर में जब दो अशुभ ग्रह एक साथ सातवें या आठवें घर में विराजमान हों तो विवाह में बहुत ज्यादा विलम्ब हो जाता है। आपको हम बता दे कि ग्रहों की राशि और बलाबल पर भी बहुत कुछ निर्भर करता है लेकिन इन ग्रहों का सातवें घर में होने से शादी विलम्ब से और काफी अडचने आती है।

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