जानें, आखिर क्‍यों स्टेशन के नाम के अंत में लिखा होता है जंक्शन, टर्मिनल और सेंट्रल

आज रेलगाड़ी के आने के बाद हमारे जीवन ने एक नई रफ्तार आ गयी है | आज लगभग हर आदमी ने रेल यात्रा की है | और क्यूंकि यह तेज़ होने के साथ-साथ किफायती भी है इसलिए लोग दूर के सफ़र के लिए रेल को अधिक पसंद करते है | रेल यात्रा करते समय विभिन्न स्टेशनों की तरफ हमारा ध्यान अक्सर जाता है | यात्रा के दौरान जब हमारी ट्रेन किसी स्टेशन पर रूकती है तो हम उस स्टेशन का नाम भी पढ़ते है पर क्या आपने ध्यान दिया है की उनके नाम के आगे कुछ शब्द और लगे होते है | आज हम आपको उन शब्दों के बारे में बताने जा रहे है |

हमारे देश में लगभग 8,500 रेलवे स्टेशन है जिन्हें इन पांच भागों में बाँटा गया है -:

टर्मिनल या टर्मिनस

अगर किसी स्टेशन के नाम के आगे टर्मिनस या टर्मिनल लगा होता है तो इसका मतलब है की उस स्टेशन से आगे ट्रेन नही जाएगी | ट्रेन को दोबारा जाने लिए फिर उसी दिशा में जाना होता है जिधर से वो पहले आई थी |भारत में कुल 27 टर्मिनस या टर्मिनल स्टेशन हैं|

जैसे: छत्रपति शिवाजी टर्मिनस (सीएसटी)
लोकमान्य तिलक टर्मिनस (एलटीटी)

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सेंट्रल

यह शहर का बहुत ही व्यस्त स्टेशन होता है | सेन्ट्रल स्टेशन उन स्टेशनों को कहा जाता है जिसमें अनेक स्टेशनों का समावेश होता है | भारत में कुल 5 सेन्ट्रल स्टेशन हैं |

जैसे: मुंबई सेन्ट्रल (बीसीटी)
– चेन्नई सेन्ट्रल (एमएएस)
– त्रिवेन्द्रम सेन्ट्रल (टीवीसी)
– मैंगलोर सेन्ट्रल (एमएक्यू)
– कानपुर सेन्ट्रल (सीएनबी)

जंक्शन

जहां ट्रेनों की आवाजाही के लिए कम से कम 3 अलग-अलग रूट हों ,ऐसे स्टेशनों को जंक्शन कहा जाता है | ट्रेन एक समय पर कम से कम एक साथ दो रूट से आ सकती है और जा भी सकती है |

जैसे: – मथुरा जंक्शन (7 रूट)
– सलीम जंक्शन (6 रूट)
– विजयवाड़ा जंक्शन (5 रूट)
– बरेली जंक्शन (5 रूट)

स्टेशन

स्टेशन उस जगह को कहते है जहां ट्रेन आने जाने वाले यात्रियों और समानों के लिये रुकती है। भारत में कुल आठ से साढ़े आठ हजार स्टेशन हैं |

 

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