कल से शुरू हो रहा है वैशाख का महीना, आइए जानें क्या है इसका महत्व

वैशाख का महीना 20 अप्रैल से शुरू होने वाला है और हिन्दू धर्म में इस इसका बहुत महत्व है। वैशाख हिन्दू वर्ष का दूसरा महीना होता है, विशाखा नक्षत्र से इसका सम्बन्ध होने के कारण इसे वैशाख कहा गया है। इस महीने में मुख्य रूप से भगवान विष्णु, शिव और परशुराम की उपासना की जाती है। वैशाख के महीने में पुण्य प्राप्त करने और मंगल कार्य करने का बहुत महत्व माना जाता है। वैशाख में ही वर्ष में एक बार श्री बांके बिहारी जी के चरण दर्शन करने को मिलते है। वैशाख के महीने की शुरुआत 20 अप्रैल से होगी और समाप्ति 18 मई को और वैशाख के दौरान बहुत से व्रत और त्यौहार भी होंगे।

वैशाख के महीने का महत्व

वैशाख को धन प्राप्ति, पुण्य प्राप्ति और स्नान-दान का महीना भी कहा जाता है। इस महीने में व्यक्ति पवित्र नदियों में स्नान करके, दान करके और ईश्वर की उपासना करके जीवन की सभी समस्याओ से मुक्ति पा सकता है। इसी महीने में आने वाली वैशाखी पूर्णिमा का भी बहुत महत्व है, कहते है इस दिन भगवान विष्णु का तेइसवां अवतार महात्मा बुद्ध के रूप में हुआ। वैशाख पूर्णिमा या बौद्धिक पूर्णिमा को बौद्ध धर्म के लोग महात्मा बुद्ध के जन्मदिन के रूप में बड़ी ही धूम धाम से मानते है।  वैशाख के महीने में विष्णु भगवन की तुलसी से उपासना करने का भी बहुत महत्व है इससे शुभ फल की प्राप्ति होती है।

वैशाख के महीने में खान-पान

गर्मियों का ध्यान रखते हुए जल की मात्रा बढ़ा लेनी चाहिए और तेल वाली और तली-भुनी चीजो का सेवन काम कर देना चाहिए। इस महीने में तिलो का उपयोग करना चाहिए क्यूकि वैशाख में ही भगवन ब्रह्मा ने तिलो का निर्माण किया था। इन सब के साथ-साथरसदार फलो के सेवन भी स्वस्थ्य पर अच्छा प्रभाव पड़ता है।

वैशाख महीने के मुख्य व्रत, त्योहार एवं धार्मिक अवसर

वरुथिनी एकादशी, वल्लभाचार्य जयंती , प्रदोष व्रत , शनिश्चरी अमावस्या , अक्षय तृतीया, परशुराम जयंती , रामानुजाचार्य जयंती , सीता नवमी,  मोहिनी एकादशी, प्रदोष , नृसिंह जयंती , बुद्ध जयंती, कुर्म जयंती, वैशाख पूर्णिमा।

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