लकवा मारने के होते हैं ये 2 मुख्य कारण, हर किसी को जानना है बेहद जरूरी

लकवा किसी व्यक्ति को तब होता है जब उसके दिमाग में खून का संचार रुक जाता है या दिमाग में जा रही कोई नस फट जाती है । इसकी वजह से खून दिमाग की कोशिकाओं के आस पास की जगहों में भर जाता है। जैसे किसी व्यक्ति के हृदय में अच्छी तरह से खून का संचार नहीं होता है तो उसे दिल का दौरा पड़ने लगता है ठीक वैसे ही मस्तिष्क में भी अचानक से होने वाले खून के बहाव की वजह से व्यक्ति को दिमाग का दौरा पड़ने लगता है। लकवे की बीमारी में अधिकांशतः शरीर के एक भाग को लकवा मार जाता है।

केवल चेहरा या एक बांह या एक पैर या फिर शरीर या चेहरे के पूरे हिस्से में लकवा मार सकता है। लकवा एक ऐसी बीमारी है जो कि किसी व्यक्ति को कब हो जाए नहीं कहा जा सकता। इस बीमारी के होने का कोई निश्चित समय नहीं होता। आज के जमाने में कई लोग ऐसे हैं जो कि कम उम्र में ही लकवा से ग्रसित हो जाते हैं। शायद उनसे कोई छोटी मोटी गलतियां हो जाती है जिसकी वजह से उन्हें ये बीमारी पकड़ लेती है। तो आइए जानते हैं कि कौन सी छोटी छोटी गलतियां हम करते हैं जिससे लकवा मार जाता है।

लकवा मारने के दो प्रमुख कारण

1.  जिस व्यक्ति को हाई ब्लड प्रेशर की शिकायत है उसे काफी सम्भल कर रहना चाहिए। क्यूंकि इस तरह के लोगों का ब्लड प्रेशर अचानक से बढ़ सकता है। जिसकी वजह से मस्तिष्क में काफी दबाव पड़ता है और मस्तिष्क की नसें फट जाती हैं। ऐसा अगर किसी व्यक्ति के साथ होता है तो उसके शरीर में लकवा मारने की संभावना ज्यादा हो जाती है।

2.  तनाव और चिंता तो आजकल सभी लोगों के पास है। किसी ना किसी वजह से लोगों को तनाव हो जाता है। जो व्यक्ति हमेशा तनाव और चिंता में रहता है ऐसे व्यक्ति में कोर्टिसोल नाम का हार्मोन ज्यादा मात्रा में होता है। इस हार्मोन की वजह से दिमाग में नकारात्मकता आ जाती है  और इसके साथ साथ मस्तिष्क में बहुत बुरा प्रभाव पड़ता है। ज्यादा तनाव और चिंता से लकवा मारने का ज्यादा चांस रहता है।

Share this on