Friday, December 15

ये हैं दुनिया के टॉप 10 हैकर, जिनके कारनामों से दंग रह गई दुनिया

कंप्यूटर जो हमारे जीवन का एक प्रमुख भाग बन चूका है जब से कंप्यूटर का आविष्कार हुआ है तब से लेकर अब तक दुनिया काफी बदल चुकी है और कंप्यूटर के कारण हमारे काम करने का तरीका भी। अब विश्व में लड़ाईया हथियारों के बल पर न होकर बल्कि तकनीकी विकास के दम पर लड़े जाते हैं। ऐसे में यदि कोई आपके कंप्यूटर या किसी देश के तकनीक को हैक यानि की एक तरह से सेंध लग जाये और सबकुछ बर्बाद कर दे तो जैसा की हम सभी जानते है ऐसे काम जो करते है उन्हें हैकर कहा जाता हैं। तकनिको में सेंध व जरुरी जानकारियों का गलत प्रयोग कर सकते है, इसके लिए कड़े कानून भी है

तो आइये आज हम आपको बताते है दुनिया के ऐसे टॉप 10 हैकर, जिनके कारनामे देखकर दुनिया भी दंग रह गयी है-

1. जोनाथन जेम्स

जोनाथन जेम्स ने सिर्फ 15 साल की उम्र में ही हैकर बन गए थे 15 साल की उम्र में ही जोनाथान जेम्स ने अमेरिकी सरकार के सभी डाटाबसों तक पहुच बना ली थी, यहाँ तक कि अमेरिका के रक्षा विभाग और नासा के नेटवर्क तक जोनाथन की पहुँच थी जोनाथन जेम्स ने नासा के नेटवर्क से अंतरिक्ष स्टेशन संचालन की पूरी जानकारी प्राप्त कर ली थी जो 17 लाख डॉलर के बराबर था,जिससे नासा को मजबूरन अपना नेटवर्क 3 सप्ताह के लिए बंद करना पड़ गया था। 2007 में जोनाथन को पुलिस द्वारा पकड़ा गया और सारे आरोप लगाये गये लेकिन जेम्स ने लगे सारे आरोपों से इंकार कर दिया और 2008 में आत्महत्या कर लिया। जोनाथन जेम्स को आज भी इंटरनेट की दुनिया में ‘कामरेड’ के नाम से जानती है।

2. केविन मिटनिक

केविन मिटनिक जिनकी जिंदगी पर हॉलीवुड की दो फिल्में बनायी गयी हैं। केविन मिटनिक को अमेरिका का मोस्ट वांटेड साइबर क्रिमिनल माना जाता है। केविन ने तीन साल जेल गुजारा उसके बाद केविन को 3 साल की निगरानी में रिलीज किया गया लेकिन फिर केविन को 2.5 साल के लिए जेल में भेज दिया गया, क्योंकि केविन ने अमेरिका के नेशनल सिक्योरिटी एलर्ट प्रोग्राम को हैक कर लिया और सेंध लगाने के साथ ही कॉरपोरेट सीक्रेट्स भी चुरा लिए। मिकनिक 5 साल जेल में रहने के बाद खुद को बदल दिया और बाद में कंसल्टेंट बन गया। मिकनिक अब खुद की कंपनी चला रहे जो साइबर सिक्योरिटी को लेकर है साथ में केविन लोगों को कंप्यूटर सिक्योरिटी पर टिप्स भी देते है।

3.अल्बर्ट गोंजालेज

अल्बर्ट गोंजालेज ने अमेरिका की आधी आबादी के क्रेडिट कार्ड के डिटेल्स चुरा लिए थे। अल्बर्ट गोंजालेज 17 करोड़ लोगों के क्रेडिट-डेबिट कार्ड की डिटेल्स बेच कर करोड़ों कमाया। उसने शैडोक्यूस नाम से ग्रुप बना रखा था। जिसमे फर्जी पासपोर्ट, फर्जी हेल्थ इंश्योरेंस कार्ड और फर्जी जन्म प्रमाणपत्र बेचकर अल्बर्ट गोंजालेज ने मोटी कमाई की। अल्बर्ट गोंजालेज के पकड़े जाने पर उसको 20 और 20 साल की सजाएं सुनाई गईं, जो साथ-साथ चल रही हैं।

4.केविन पॉलसन

केविन पॉलसन ने एक सुपरमार्केट के पूरे सिस्टम पर कब्ज़ा कर लिया था। जिसके लिए 51 माह की सजा सुनाई गई थी और केविन पॉलसन ने रेडियो स्टेशन सिस्टम हैक करके एक शो के विजेता भी बन गए थे। केविन पॉलसन ने 15 मिनट तक सभी फोन लाइनों पर कब्जा कर लिया था। शो जितने के कारण पोर्श कार का मालिक बन गया उसके बाद केविन पॉलसन की नजर एफबीआई पर गई। केविन ने एफबीआई के भी पूरे सिस्टम पर कब्ज़ा कर लिया।

सजा काटने के बाद केविन पॉलसन ने पत्रकारिता की दिशा में अपने कदम बढाये फ़िलहाल समय में वायर्ड न्यूज का वरिष्ठ संपादक है। केविन पॉलसन अमेरिकी पुलिस की मदद भी की और सोशल नेटवर्किंग वेबसाइट ‘मायस्पेस’ पर सक्रिय 744 यौन अपराधियों की पहचान में एक अहम भूमिका निभाई। कुछ लोग केविन पॉलसन को ‘डार्क दांते’ नाम से भी जानतें है।

5.गैरी मैकिनॉन

गैरी मैकिनॉन ने दुनिया में सबसे बड़े मिलिटरी ऑपरेशन के सिस्टम पर कब्ज़ा कर लिया था। गैरी मैकिनॉन ने 13 माह काम करके अमेरिकी सेना और नासा के 97 कंप्यूटरों को हैक कर लिया था। बाद में गैरी मैकिनॉन ने कहा कि वो सिर्फ यूएफओ और सौर ऊर्जा पर नियंत्रण के उपाय को ढूंढ रहे है जबकि अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार गैरी मैकिनॉन ने 300 कंप्यूटरों को हैक कर लिया था और अनगिनत बेहद गोपनीय फाइलों को डिलीट कर दिया था। जिससे अमेरिकी सरकार को 70 लाख डॉलर का नुकसान चुकाना पढ़ा था फ़िलहाल 15 सालो से अपना मुकदमा अमेरिकी सरकार के खिलाफ लड़ रहे है। गैरी मैकिनॉन को इंटरनेट की दुनिया में लोग ‘सोलो’ के नाम से भी जानतें है।

6.जीनसन जेम्स एंचेता

10वीं फेल जीनसन जेम्स जिसको एंचेता को हैकरों का गुरु कहना गलत नहीं होगा जीनसन ने 2004 में एक ऐसा वायरस बनाया था जो किसी के भी कंप्यूटर में जाते ही उसके लॉग-इन डिटेल्स हैकर तक पहुंचा देता था। इस वायरस के सहारे  जीनसन ने घर बैठे बहुत पैसे कमाए साथ ही 5 लाख कंप्यूटरों तक अपनी पहुंच हासिल कर ली और उस वायरस को अन्य हैकरों तक पहुंचा दिया। जीनसन ने  कई वेबसाइटें हैक कीं और उनके मालिकों से काफी पैसे वसूले। जीनसन को एफबीआई ने पकड़ने के लिए 2005 में स्टिंग ऑपरेशन किया और 5 साल की जेल की सजा सुनाई गयी इसके साथ ही जीनसन से उनकी बीएमडब्ल्यू कार भी छीन ली गई।

7.जॉर्ज हॉट्ज

जॉर्ज हॉट्ज उन हैकरो की श्रेणी में नही आते जो गलत तरीको से मोटी रकम कमाना, जानकारियों का गलत प्रयोग करना बल्कि जॉर्ज हॉट्ज ने कभी किसी को नुकसान पहुंचाने के लिए हैकिंग नहीं की। जॉर्ज हॉट्ज ने सिर्फ तकनीकिय कमियों को खोजा और कंपनियों को उसे सुधारने के लिए मजबूर किया। जॉर्ज हॉट्ज ने एप्पल कंपनी के आईफोन के सभी मॉडलों का तोड़ निकाला और उन्हें अपने ब्लॉग पर डाल दिया। जॉर्ज हॉट्ज ने आईफोन, आईपैड के साथ ही आईपॉड की भी कमियां सार्वजनिक कर दी। एप्पल ने जॉर्ज हॉट्ज को कोर्ट में खड़ा कर दिया लेकिन कोर्ट के बाहर ही सारे मामले को सुलझा दिया गया।

8.एड्रियन लामो

एड्रियन लामो को  ‘होमलेस हैकर’ कहा जाता है। जो पैसो के आभाव में ही अपना बचपन व्यतीत किया एड्रियन लामो ने न्यूयॉर्क टाइम्स और माइक्रोसॉफ्ट जैसी कंपनियों के सिक्योरिटी सिस्टम हैक कर लिया था। गरीबी में जीने वाला एड्रियन लामो पब्लिक इंटरनेट कनेक्शनों से ही काम चलाता था, और किसी भी टाइम कॉफीशॉप में बैठकर बड़ी-बड़ी कंपनियों के सुरक्षा बंदोबस्त की धज्जियां उड़ा देता था।जबकि एड्रियन लामो को सराहने के अलावा कोई मदद नहीं दी। इसीलिए वो अपराधी माना गया। अमेरिकी कोर्ट ने उसे 65 हजार डॉलर के जुर्माने के साथ ही 6 माह तक हाउस अरेस्ट में रखा, साथ ही 2 साल उसे प्रोबेशन पीरियड में भी रखा गया। एड्रियन लामो ने बाद में पत्रकार का पेशा अपना लिया।

9.रॉबर्ट टप्पन मॉरिस

रॉबर्ट टप्पन मॉरिस ने सबसे पहले कंप्यूटर वायरस की खोज की और कंप्यूटर फ्रॉड केस में सजा पाने वाले पहले व्यक्ति बने। कॉर्नेल विश्वविद्यालय में पढ़ाई के दौरान मॉरिस ने मॉरिस वायरस की खोज की जिससे कंप्यूटर की दुनिया काफी कंपनियों को नुकसान हुआ। रॉबर्ट टप्पन मॉरिस को 3 साल जेल की सजा सुनाई गई। फ़िलहाल रॉबर्ट टप्पन मॉरिस एक प्रोफेसर के तौर पर मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में पढ़ा रहे है।

10.ओवेन वॉकर

ओवेन वॉकर को ‘AKKIL’ नाम से जाना जाता है। ओवेन वॉकर ने हैकरों का एक अंतरराष्ट्रीय ग्रुप खड़ा कर दिया था, वो भी अपने 18वें जन्मदिवस से पहले। ओवेन वॉकर ने एक्बॉट वायरस बनाकर 13 लाख कंप्यूटरों पर अपना नियंत्रण कर लिया इस वायरस से कंप्यूटर अपने आप क्रैश हो जा रहे थे। जिससे पेंसिलवेनिया विश्वविद्यालय का कंप्यूटर सिस्टम तबाह हो गया जिसके कारण एफबीआई को न्यूजीलैंड सरकार के साथ मिलकर ओवेन वॉकर के लिए सर्च ऑपरेशन चलाना पड़ा, जबकि 2008 में उसे बिना अपराधी ठहराए कोर्ट ने बरी कर दिया।

कोर्ट का कहना था कि ओवेन वॉकर ने क्राइम को ध्यान में रखकर ऐसा नहीं किया और न ही कोई फायदे के लिए वो बस मजे के लिए कर रहा था। ऐसे में अगर ओवेन वॉकर को  सजा होती है तो उसका भविष्य भी बर्बाद हो सकता है। फ़िलहाल ओवेन वॉकर एक ऑस्ट्रेलियन टेलीकम्यूनिकेशन कंपनी के सिक्योरिटी डिवीजन के हेड है।

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