Monday, December 11

सोम दुर्गाष्टमी: इस मुहूर्त में करें पूजन, जमीन जायदाद व सुख-सुविधा में होगी वृद्धि

आज सोमवार के दिन मार्गशीर्ष शुक्ल अष्टमी पर सोम दुर्गाष्टमी पर्व मनाया जा रहा है। भविष्य पुराण के उत्तर-पूर्व में दुर्गाष्टमी पूजन हेतु श्रीकृष्ण और युधिष्ठिर का संवाद हुआ है। इसमें दुर्गाष्टमी के पूजन का सम्पूर्ण वर्णन किया गया है। दुर्गाष्टमी पूजन हर युग, कल्पों और मन्वंतरों में किया जाता था। धार्मिक मान्यताओं कि माने तो दुर्गम नाम का एक राक्षस जिससे तीनों लोक उसके नाम से ही डरा करते थे। ऐसे समय में भगवान शिव की शक्ति मूल प्रकृति नें देवी दुर्गसैनी नाम से अवतार लिया और दुर्गमासुर का वध किया।

यही कारण है कि लोग इन्हें देवी दुर्गा कहते हैं। हमारे शास्त्रों के अनुसार हर माह में शुक्ल पक्ष की अष्टमी पर मासिक दुर्गाष्टमी मनाई जाती हैं। आज के दिन आदिशक्ति भवानी का प्रादुर्भाव हुआ था। यही कारण है जो हर शुक्ल अष्टमी को वार अनुसार आद्य शक्ति की दुर्गा, काली, भवानी, जगदंबा, दुर्गा, गौरी, पार्वती आदि रूपों की पूजा की जाती हैं। आज के दिन उबले चने, हलवे व खीर आदि का भोग लगाना बहुत ही शुभ माना जाता हैं। आज सोमवार होने के कारण महादेवी के पार्वती स्वरूप का पूजन होता है। आज दुर्गाष्टमी के विशेष अवसर पर पूजन, व्रत और उपाय करने से विशेष रूप से भक्तो को धन-वैभव में लाभ, सुख-सुविधा मिलता है।

आज के दिन पूजन करने की विधि

आज दुर्गाष्टमी पूजन का मुहूर्त प्रातः 09:35 से प्रातः 10:35 तक है। इस समय में माता पार्वती का दशोंपचार पूजन करना चाहिए। शुद्ध घी का दीप और चंदन से धूप करें। सफेद फूल, अक्षत और शक्कर साथ ही खीर का भोग लगाएं। सफेद चंदन की माला से 108 बार ॐ शाम्भव्यै नमः इस विशिष्ट मंत्र का जांप करे। पूजन के बाद प्रसाद किसी स्त्री को दें।

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उपाय

धन वैभव में लाभ के लिए हेतु देवी पार्वती पर दूध चढाने के बाद उसे मिट्टी पर बहाएं। सुख-शांति के लिए देवी पार्वती पर रातरानी का इत्र चढ़ाएं। एश्वर्य की प्राप्ति के लिए देवी पार्वती पर चांदी चढ़ाए और उसका चौकोर टुकड़ा पर्स में रखें।

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