अटल बिहारी वाजपेयी को भी जीवन के सफर में हुआ था इश्‍क, जानें उनसे जुड़ी कुछ ऐसी ही दिलचस्‍प बातें

हमारे देश के पूर्व प्रधान मंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को तो हम सभी जानते है, जो हमारे देश के तीन बार प्रधानमंत्री बने। इतना ही नहीं वो हिंदी के जाने माने कवि, पत्रकार व एक अच्छे वक्ता भी है। अपने समय में वो एक लोकप्रिय राजनेता, समाजसेवी और कवि थे। उन्होंने जीवन भर भारतीय राजनीति में एक सक्रिय नेता बने रहे। जहाँ उन्होंने इतना मान-सम्मान अर्जित किया वहीँ इन सब के साथ ही उनकी एक प्रेम कहानी भी जो काफी दिलचस्प है। आज उनका जन्मदिन है और अब वो 93 वर्ष के गये है। तो आइये उनके जन्मदिन के मौके पर बताते है उनसे जुडी 10 दिलचस्प बाते-

  • भारत के पूर्व प्रधान मंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का जन्म 25 दिसम्बर, 1924 मध्यप्रदेश के ग्वालियर स्थान पर हुआ था।

यह भी पढ़े :-बड़ी खबर: आ गया देश को हिला देने वाले चारा घोटाले में फैसला, लालू यादव दोषी करार

  • सन् 1977 से 1979 तक अटल बिहारी वाजपेयी जनता पार्टी के विदेश मंत्री बने रहे और विदेशों में भारत की अच्छी छवि बनायीं। सन् 1996 में वो भारत के पहली बार प्रधानमंत्री बने। उसके बाद सन् 1998 और 1999 में भारत के प्रधानमंत्री बने।

यह भी पढ़े :-दिल्‍ली के जामा मस्जिद की सामने आई ऐसी सच्‍चाई जो दे रही थी खतरे का संकेत

  • जैसा कि हर किसी के जीवन में एक ऐसा खूबसूरत लम्हा आता है, जब किसी को किसी से प्यार हो जाता है। ऐसा ही एक लम्हा अटल बिहारी वाजपेयी के जीवन में भी आया था, जब उन्हें इश्क हो गया था लेकिन इसका जिक्र उन्होंने कभी नहीं किया। अटल बिहारी वाजपेयी का प्यार राजकुमारी कौली रही है, जो उनके साथ ही रही है लेकिन प्यार अधुरा रह गया। इतना ही नहीं उनहोंने खुद कहाँ था कि वो अविवाहित है, लेकिन कुंवारे नहीं है।

यह भी पढ़े :-आ गया इस साल का सबसे बड़ा रविवार, इन 4 राशियों की खुलेगी बरसों से सोई किस्मत

  • वैसे अगर देखा जाए तो अटल बिहारी वाजपेयी की कोई संतान नहीं है लेकिन उन्होंने नामित कौल को पुत्री के रूप में पाल-पोस कर बड़ा किया है। अब उनकी शादी रंजन भट्टाचार्य से हो गयी है।

  • अटल बिहारी वाजपेयी ग्वालियर के रहने वाले थे लेकिन सन् 1991 से 2004  तक उन्होंने लखनऊ लोकसभा का प्रतिनिधित्व किया।

  • अटल बिहारी वाजपेयी को हिंदी भाषा शैली से काफी लगाव है, जब वो विदेश मंत्री बने तो उन्होंने संयुक्त राष्ट्र में हिंदी में भाषण दिया था। ऐसा करने वाले वो पहले विदेश मंत्री है।

अटल बिहारी वाजपेयी काफी अच्छे कवि भी है, जब वो प्रधानमंत्री बने तो उनकी कविता संग्रह भी प्रकाशित हुई। उनको जब भी मौका मिलता था तब वह कविता लिखते थे।

पृथ्वी लाखों वर्ष पुरानी, जीवन एक अनंत कहानी
पर तन की अपनी सीमाएं, यद्यपि सौ वर्षों की वाणी
इतना काफी है, अंतिम दस्तक पर खुद दरवाजा खोलो।

  • अटल बिहारी वाजपेयी ने सन् 1998 में पाँच भूमिगत परमाणु परीक्षण विस्फोट करके भारत को परमाणु शक्ति संपन्न देश बनाया। अटल सरकार में पाकिस्तान से करगिल युद्ध भी हुआ और इस जंग में उन्होंने भारत की जीत दिलाई।

 

  • अटल बिहारी वाजपेयी भारत एक बेहतरीन प्रधानमंत्री रहे है, वो भारत के प्रधानमंत्री और भारत के सांसद भी रहे। आपको हम बता दे कि वाजपेयी 10 बार लोकसभा और दो बार राज्यसभा के सदस्य बने रहे।

 

  • अटल बिहारी वाजपेयी की काफी आलोचनाऐ भी हुई है सन् 1983 में उन्होंने एक भड़काऊ भाषण दिया था, जिसकी लोगों ने खूब आलोचना भी की थी।

फ़िलहाल अब अटल बिहारी वाजपेयी किसी भी सार्वजनिक आयोजन में नहीं दिख रहे है। खबरों कि माने तो वो कई सालों से बीमार हैं और वो काफी बुजुर्ग अवस्था में भी हैं। अपनी कविताओं के लिए लोक प्रिय अटल बिहारी वाजपेयी इन दिनों मौन हैं। अब न उनके हाथ में कलम टिक पा रहा है और ना ही उनकी जुबान साथ दे रही है। चलते वक्त के साथ ही साथ आज वो 93 साल के हो गए हैं।
Share this on

Leave a Reply