हफ्ते में इन दो दिन हनुमान जी को जरूर अर्पित करें पान का पत्ता, होंगे अद्भुत लाभ

आपने अक्सर देखा होगा कि जब कोई पूजा या अनुष्ठान आरम्भ होता है, तो उस पूजा या अनुष्ठान में आपको पान के पत्ते जरुर देखने को मिल जाते है। लेकिन क्या आपने कभी ध्यान दिया है कि पूजा या अनुष्ठान में ये पान के पत्ते क्यों प्रयोग किये जाते है? क्या कारण है इसके पीछे? शायद आप न जानते हो, तो आज हम आपको इसी पान के पत्ते का महत्व बताने जा रहे है और इन्ही पान के पत्तो से आपको एक ऐसा लाभकारी नुक्सा बताएँगे जिससे आप को निश्चित चमत्कारी लाभ होंगे।

हमारे हिन्दू धर्म में पान के पत्तो का प्रयोग काफी महत्वपूर्ण माना गया। किसी भी पूजा में पान के पत्तो की एक अहम भूमिका होती है। आपको बता दे कि हमारे स्कंद पुराण के अनुसार पान के पत्तो का प्रयोग देवताओं ने समुद्र मंथन के दौरान किया था। यही कारण है कि पान के पत्तो का पूजा में बहुत महत्व माना गया है। शास्त्रों में यह भी मान्यता है कि पान के पत्तों में देवी देवताओं का वास होता है। यह भी एक करण है जो पान के पत्तो का  पूजा व अन्य पवित्र कार्यो के आरम्भ में प्रयोग करना शुभ माना गया है।

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साथ ही पान के पत्तो से नकारात्मक ऊर्जाओं को समाप्त करती है और सकारात्मक ऊर्जाओं का घर में प्रवेश होता  है। पान के पत्तो में ऊपरी भाग पर इन्द्र और शुक्र देव विराजमान करते हैं। वहीँ बीच वाले स्थान में सरस्वती माँ का विराज करती है। मां महालक्ष्मी पत्ते के बिल्कुल नीचे वाले हिस्से में विराजमान करती हैं। साथ ही भगवान विष्णु पान के पत्तो के अंदर वास करते हैं। भगवान शिव और कामदेव इस पत्ते के पत्तो के बाहरी भाग में विराजमान होते है। यही कारण है की ये हर प्रकार की पूजा और अनुष्ठान में देखने को मिल जाते है।

यदि आपको किसी काम में लगातार असफलता मिल रही हो, तो आप हर मंगलवार और शनिवार को हनुमान जी को पान का पत्ता अर्पित करे। ऐसा करने से आपकी सारी बाधाएं दूर हो जाएंगी और साथ ही आकस्मिक धन लाभ भी होंगे।
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