गणेश जी को दूर्वा चढ़ाते समय करें इस मंत्र का जाप, जीवन में हमेशा बनी रहेगी सुख समृद्धि

गणेश जी भगवान शिव और माता पार्वती के पुत्र हैं| गणों के स्वामी होने के कारण उनको गणपति के नाम से भी जाना जाता हैं| गणेश जी का नाम हिन्दू शास्त्रो के अनुसार किसी भी कार्य के लिये पहले पूज्य है। हमारे घर में सुख-शांति बनी रहे इसलिए गणेश जी की पुजा करते हैं| गणेशजी को तुलसी छोड़कर सभी पत्र-पुष्प प्रिय हैं| गणेश जी को दूर्वा अधिक प्रिय है। दूर्वा चढ़ाते समय यदि इन 11 खास मंत्रों का जाप करते हैं तो आपके घर में सुख-समृद्धि और धन-लाभ के योग बनते हैं। आइए जानते हैं दूर्वा से जुड़ी कुछ रोचक बातें…..

(1) गणेश जी को दूर्वा अधिक प्रिय हैं इसलिए उन्हें कुछ खास तरीके से इसे चढ़ाया जाता है। दूर्वा का जोड़ा बना कर गणेश जी को चढ़ाया जाता है, 22 दूर्वा को एक साथ जोड़ने पर दूर्वा के 11 जोड़े तैयार हो जाते हैं, 11 जोड़े ही गणेश जी को चढ़ाना चाहिए।

(2) गणेश जी के पूजा के लिए किसी मंदिर के बगीचे में जगी हुई या किसी साफ जगह पर से ही जगी हुई दूर्वा लेनी चाहिए।

(3) गणेश जी को दूर्वा चढ़ाने से पहले उसे साफ पानी से धो लेंना चाहिए।

(4) गणेश जी को दूर्वा चढ़ाते समय इन 11 मंत्रों का जाप करना चाहिए|

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(1) ओम गं गणपतए नमः

(2) ओम सर्वसिद्धिप्रदाय नमः

(3) ओम एकदंताय नमः

(4) ओम इभवक्त्राय नमः

(5) ओम मुसकवाहनाय नमः

(6) ओम कुमारगुरवे नमः

(7) ओम गड़ाधिपाय नमः

(8) ओम उमापुत्राय नमः

(9) ओम विघ्ननासनाय नमः

(10) ओम विनायकाय नमः

(11) ओम इश्पुत्राय नमः

(5) आप इन 11 मंत्रों का जाप करते हुए भगवान गणेश जी को दूर्वा के 11 जोड़े चढ़ाये| यदि आपको यह 11 मंत्रो का जाप करने में कठिनाई होती हैं तो आप इस मंत्र ‘श्री गणेशाय नमः दुर्वाकुरान समर्पयामि।’ को कहते हुए दूर्वा अर्पित करें।

 

(6) यदि आप इस मंत्र का भी जाप नहीं कर पा रहे हैं, तो पूरी श्रद्धा के साथ भगवान गणेश जी के नाम का जाप करते हुए दूर्वा की 3,5 या 11 गांठ भी चढ़ा सकते हैं। ऐसा करने पर भी आपके ऊपर भगवान गणेश जी की कृपा आप पर बनी रहेगी|

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