Friday, December 15

सिजेरियन डीलेवरी से बचने के लिए अपनाए येे आसान नुस्खेे

गर्भावस्था एक खुशखबरी भरा लेकिन साथ हीं चुनौतियों भरा समय होता है, ऑपरेशन से बच्चे के जन्म के बाद जहाँ माँ को बहुत ज्यादा देखभाल की जरूरत होती है, तो साथ हीं माँ को बहुत सारी बातों का ध्यान भी रखना पड़ता है, सिजेरियन डिलिवरी के बाद निर्देशों का पालन न करना माँ के लिए खतरा भी बन जाता है, जबकि नॉर्मल डिलीवरी से स्त्री का शरीर भी ठीक रहता है, और माँ को कम खतरों का सामना करना पड़ता है, और नॉर्मल डिलीवरी के बाद महिलाएँ जल्दी हीं ठीक हो जाती है, साथ हीं अगली बार गर्भवती होने पर भी बहुत ज्यादा परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ता है।

डीलेवरी से पहले आपको ये सुनिश्चित कर लेना होगा कि आप पूरी तरह से स्वस्थ रहें और किसी भी प्रकार की कोई कमजोरी आपको न हो क्युकी बच्‍चे को जन्‍म देते वक्‍त आपको बेहद पीड़ा सहनी होती है और यह आसान नहीं होता, अगर आप कमजोर हैं और आप में खून की कमी है तो आपके लिए यह काफी मुशकिल होगा, इसलिए अपने स्‍वास्‍थ्‍य का पूरा-पूरा ध्‍यान रखें, ताकि आपको उस वक्‍त कम से कम तकलिफ हो, गर्भवती महिला को खुद को मानसिक रूप से इस बात के लिए तैयार रखना चाहिए कि डिलीवरी के समय उसे बहुत तकलीफ होने वाली है, ऐसे में खुद को स्वस्थ रखना बहुत जरूरी है।

 

 

गर्भवती महिलाओं को अपने खाने-पीने का पूरा ध्यान रखना चाहिए, ऐसे समय में केवल भूख को शांत करना जरूरी नहीं है, गर्भवती महिला काे ऐसा खाना खाना चाहिए जिससे उन्हें संपूर्ण आहार मिले, प्रेग्नेंसी में आयरन और कैल्शियम लेना बहुत जरूरी है, सामान्य डिलीवरी में काफी ब्लड लॉस होता है लेकिन सिजेरियन में और भी ज्यादा, ऐसे में शरीर में खून की कमी नहीं होनी चाहिए, ताजे फल, विटामिन तथा प्रोटीन युक्त भोजन करें, समय पर खाना खाएँ, ताजे फल, साग-सब्जियाँ इत्यादि का प्रयोग अपने भोजन में जरुर करें।

गर्भ में बच्चा एक थैली में रहता है, इस थैली को एमनियोटिक फ्लूड कहते हैं, इसी से बच्चे को ऊर्जा मिलती है, ऐसे में मां के लिए ये जरूरी है कि वो हर रोज आठ से दस गिलास पानी पिए।हर दिन पर्याप्त नींद लें, नियमित रूप से अपने शरीर की मालिश करते रहें। तनाव से बचने की हर सम्भव कोशिश करें, तथा इधर-उधर के बेकार की बातों के कारण चिंतित न हों। पैदल चलना और टहलना एक गर्भवती महिला के लिए बहुत फायदेमंद होता है, अतः आसपास कहीं आने-जाने के लिए पैदल आना-जाना करें।

डॉक्टर के निर्देश के अनुसार उन व्यायामों को करें जो एक गर्भवती महिला को करने चाहिए, याद रखिए अपने मन से व्यायाम करना आपके लिए खतरनाक हो सकता है, नियमित व्यायाम करने से आपकी मांसपेशियाँ मजबूत और लचीली हो जाती है, साथ हीं व्यायाम आपके दर्द सहने की क्षमता को भी बढ़ाता है, जिससे आपके नॉर्मल डिलेवरी की सम्भावनाएँ बढ़ जाती है।

 

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