इस मंदिर में आधी रात को भगवान बन जाते हैं डॉक्टर, इलाज़ के लिए लगती है भीड़

भारत देश में अनेकों प्राचीन मंदिर है। हर मंदिर के निर्माण से जुडी अपनी एक कहानी है। इनमे से अनेक कहानियां ऐसी है जो हैरान करने वाली है।आज हम आपको ऐसे ही एक मन्दिर के विषय में बताने वाले है जहाँ भगवन स्वयं डॉक्टर बन कर अपने भक्तो का इलाज करते है और बड़े से बड़े रोग से अपने भक्तो को बचाते है |

भारत देश में यह मंदिर ग्वालियर चम्बल अंचल के भिंड जिले के द्न्द्रौया गाँव में में स्थित है और इस गाँव के लोगो जब भी बीमार पड़ते है तो किसी अस्पताल या डॉक्टर के पास नहीं जाते है बल्कि इस मंदिर में आते है और खुद भगवान् उनका इलाज करते है और इस मंदिर की खासियत ये है की इस मंदिर की भभुती लगाने मात्र से लोगो की बीमारी ठीक हो जाती है भले ही कितनी बड़ी बीमारी क्यूँ ना हो |

इस मंदिर की वर्षो पुराणी मान्यता है की इस मंदिर के हनुमान जी स्वयं डॉक्टर बन कर अपने भक्तो का इलाज करने पहुचते थे और एक बार इसी गाँव के एक साधू शिवकुमार को कैंसर हुआ था और उसने हनुमान जी की डॉक्टर के वेश में दर्शन पाया था  और वे अपने गले में आला डाले हुए थे जिससे वो साधू पूरी तरह से कैंसर जैसी खतरनाक बीमारी से पूरी तरह ठीक हो गया था और इसी वजह से आज लाखो लोगो की आस्था इस मंदिर से जुड़ी हुई है |इस मंदिर में काफी दूर दूर से भक्त आते है और हनुमान की की भभूती मात्र से बड़े से बड़े रोगों से मुक्ति पाते है |

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इस मंदिर के महंत रामदास जी महाराज बताते है की इस मंदिर में हनुमान जी की मूर्ति 300 वर्ष पुरानी है जो की यहाँ के एक तालाब से निकली थी जिसे बाद में मिते बाबा नाम के एक संत ने इस मंदिर में इस मूर्ति की सथापना करवाई थी तभी से इस मंदिर में भक्तो के द्वारा पूजा अर्चना शुरू कर दी गयी |श्रधालुओ को विशेष रूप से मुहांसे ,अल्सर और कैंसर जैसी बिमारियां सिर्फ मंदिर के मात्र पांच परिक्रमा से ठीक हो जाती है |इस मंदिर में हनुमान जी की मूर्ति नृत्य मुद्रा में स्थापित की गयी है |
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