आग की तरह फैल रही है ये बीमारी, समय रहते करा लें इलाज वरना जिंदगी भर पछताएंगे आप

लोग अक्सर शरीर में होने वाली छोटी-मोटी दिक्कतों को नजर अंदाज कर देते है, जो आगे चलकर उन्हें बहुत बड़ी समस्या में डाल देती है। सभी के लिए गले से जुडी समस्या या खासी आम बात है, जिसके होने पर ज्यादातर लोग डॉक्टर के पास नहीं जाते है। वो लोग इंतजार करते है कि खुदब खुद वो बीमारी ठीक हो जाए। यदि आप भी उन्ही में से एक है तो थोडा आप शतर्क हो जाइए क्योकि गले से जुडी किसी भी समस्या को इग्नोर करना आपको भारी पड़ सकता है। जी हां, हम आपको बता दे यदि आपको अपने गले में दर्द या खासी जैसी गले से जुडी समस्या हो रही हो तो आप तुरंत डॉक्टर की सलाह लें क्योकि आप थ्रोट इन्फेक्शन के शिकार हो सकते है, जो आज कल राजस्थान सहित पूरे उत्तर भारत में बड़ी तेजी से फैल हुआ दिखाई दे रहा है।

यह भी पढ़े :- इस फल के सेवन से कोई भी बड़ी बीमारी नहीं बच सकती, चाहे एड्स हो या कैंसर

इस तरह की परेशानी से पहली बार जूझ रहे है। देखा जाए तो खांसी एक आम बीमारी है, जो आम तौर पर तीन या चार दिनों में ठीक हो जाती थी। लेकिन राजीव गांधी सामान्य अस्पताल में कुछ दिनों से खांसी के मरीजों की संख्या बढ़ी है। यह खांसी सामान्य खांसी से अलग है, जिसे ठीक होने में 10 दिन या उससे अधिक समय लग सकता है।

इस बीमारी से जूझ रहे लोगो की समस्या रात के समय में और भी ज्यादा बढ़ जाती है। इसके साथ ही इन लोगो को सांस लेने में भी दिक्कत आती है, खांसते समय आंखों से पानी आता है व गले में दर्द लगातार बना रहता है। पहले तो सूखी खांसी होती है और फिर कुछ दिनो के बाद कफ की शिकायत भी होने लगती है।

डॉक्टरों की मानें तो इस तरह की परेशानी को थ्रोट इन्फेक्शन कहां जाता हैं, जो पुरे भारत में तेजी से फैल रहा है। इस बीमारी की चपेट में सभी आयु वर्ग के लोग आ रहे हैं। इसलिए कुछ स्कूलों में बच्चों को मास्क लगाने की सलाह दी जा रही हैं। जो भी लोग इस बीमारी के शिकार हो, उन लोगो को खासतौर से बच्चों से दूर रहना चाहिए।

इन बातो का आप विशेष तौर से ख्याल रखे की खांसते समय अपने मुंह पर मास्क व कपड़ा लगाए, बच्चों से दूर रहें, ठण्डी चीजों का उपयोग बिल्कुल न करें और अपने हिसाब से दवा न लें, डॉक्टर को सलाह जरुर लें।जानकारी के मुताबिक यह थ्रोट इन्फेक्शन मौसम में बदलाव के चलते हो रहा है। इसमें मरीज को गले में दर्द व ज्यादा दिनों तक खासी आ रही है। इस परेशानी के मरीजों को ईएनटी विशेषज्ञों को दिखाना चाहिए।
Share this on

Leave a Reply