Saturday, December 16

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शनिवार की रात चुपचाप सेे करेंगे ये उपाय तो तुरंत मिलेगी शनिदेव की कृपा पाएं

शनिवार की रात चुपचाप सेे करेंगे ये उपाय तो तुरंत मिलेगी शनिदेव की कृपा पाएं

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जनसामान्य में फैली मान्यता के अनुसार नवग्रह परिवार  में सूर्य को राजा व शनिदेव को मृत्यु कहा गया है  हैं लेकिन महर्षि कश्यप नेशनि स्त्रोत  के एक मंत्र में सूर्य पुत्र शनिदेव को महाबली और ग्रहों का राजा कहा है- ‘सौरिग्रहराजो महाबलः।’ प्राचीन ग्रंथों के अनुसार शनिदेव ने शिव भगवान की भक्ति व तपस्या से नवग्रहों में सर्वश्रेष्ठ स्थान प्राप्त किया है| शास्त्रों के अनुसार शनिदेव को इंसाफ का देवता माना गया है क्यूकि शनिदेव हर व्यक्ति को उसके कर्मो के अनुसार ही फल देते है कुछ लोग शनिदेव को भाग्य सवारने वाला देवता भी मानते है तो वही कुछ लोग  शनिदेव की बुरी दृष्टि से डरते है भी है| शास्त्रों के अनुसार शनिदेव की कृपा प्राप्त करने के लिए कुछ उपाय भी बताये गए है और इन उपायों को करने से व्यक्ति अपने जीवन के सभी कष्ट दूर कर सकता है इसके साथ ही आज हम आपको कुछ ऐसे उपाय भी बताएंगे जिन्हे अगर आप
अगर शनिवार को कर देतें है इन वस्‍तुओं का दान तो आपको बर्बाद होने से कोई नहीं बचा सकता

अगर शनिवार को कर देतें है इन वस्‍तुओं का दान तो आपको बर्बाद होने से कोई नहीं बचा सकता

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शनि भगवान के प्रकोप से तो सब परिचित है, लोग किसी भी हाल में शनि भगवान को नाराज नहीं करना चाहते इसीलिए शनिवार के दिन बकायदा मंदिर जाते है तरह तरह का दान करने है। शनि भगवान के नाराज होने से जीवन में एक विपदा सी आ जाती है जब किसी पर शनि भगवान का प्रकोप होता है उसका सामाजिक जीवन बेहद ही विचलित हो जाता है इसीलिए वह शनिवार को शनि भगवान के मंदिर में जाकर तरह तरह का दान करता है। लेकिन आप जानते है कि शनि भगवान को मनाना इतना आसान नही होता दान करते समय हम कुछ ऐसी वस्तुओं का भी दान कर देते है। शनि भगवान को और भी क्रोधित कर सकती है इन्हीं सारी बातों को हमने इस विडियो में बताया है। अगर आप चाहते हैं की आप आने वाले प्रलय से अपने आप को बचाए और आपने परिवार को सुखी रखे तो हमारा यह विडियो जरुर देखे आपकों शनिवार को दान ना करने वाली सारी जानकारी मिल जाएगी। देखें वीडियो :
शनिवार को सूर्यास्त के समय करें ये उपाय, दूर हो जाएगा बुरा समय

शनिवार को सूर्यास्त के समय करें ये उपाय, दूर हो जाएगा बुरा समय

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हम सभी के लाइफ में बुरा वक्त आता है जब सभी को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। हमारे ज्योतिष में कुछ ऐसी बाते बताई गयी है जिससे ये बुरा समय टल सकता है और दूर भी हो सकता है। कुछ लोगो का मनना है कि बुरे वक्त के लिए शनिदेव जिम्मेदार होते है जो हमारे पापों का दण्ड देते है। जिसे कुछ लोग साढ़े साती भी कहते है इसलिए बुरे वक्त के दौरान शनि देव की पूजा करनी चाहिए। जिससे बुरा समय दूर हो सके और हमारे पापों का नाश हो सके। ज्योतिष के अनुसार शनिदेव की कृपा पाने के लिए शनिवार श्रेष्ठ दिन माना गया  है। शनिवार के दिन किए गए उपायों और पूजा अर्चना से शनि के दोष शांत हो जाते है और बुरा समय भी दूर हो जाता है। बहुत सारे लोगो की मान्यता है कि हनुमान जी के भक्तों को शनि के अशुभ फलों से मुक्ति मिलती है। यही कारण है जिसके चलते कई लोग शनिवार को हनुमान जी की पूजा करते है। तो आइए आज हम आपको बताते शनिवार को
आज शनिवार को पाना हो शनिदेव की कृपा तो जरूर कर ले यह छोटा सा काम

आज शनिवार को पाना हो शनिदेव की कृपा तो जरूर कर ले यह छोटा सा काम

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शास्त्रों और पुराणों के अनुसार बताया गया है की शनिदेव को न्याय का देवता माना जाता है अर्थात शनिदेवता हर उस व्यक्ति को जो अच्छे कर्म करता है उसको अच्छा फल और बुरे कर्म करने वालों को बुरा फल देते हैं। बताना चाहेंगे की शनिवार का दिन भगवान शनि की पूजा की जाती है। ऐसा मान अजाता है की यदि किसी की कुंडली में शनिदोष है तो उस व्यक्ति को शनि के दुष्प्रभाव को कम करने के लिए घोड़े की नाल को काम में लेना चाहिए। लोगों का मानना है की घोड़े की नाल बहुत ही प्रभावशाली होती है और यदि वह किसी काले घोड़े के अगले दाहिने पांव की पुरानी नाल हो तो उसका प्रभाव कई गुना अधिक बढ़ जाता है। आज शनिवार के दिन आज हम आपको बताएँगे की कैसे बहुत ही साधारण तरह से यह छोटा सा उपाय कर के आप शनि के टेढ़े प्रभाव को कम कर सकते है। बता दे की अगर किसी व्यति के उपाय शनि की साढ़े साती या ढय्या चल रही हो तो उस व्यक्ति को शनिवार के दिन को
आज शनिवार के दिन बन रहा है ये खास संयोग, बुरा समय टालने के लिए कर सकतेे हैं ये उपाय

आज शनिवार के दिन बन रहा है ये खास संयोग, बुरा समय टालने के लिए कर सकतेे हैं ये उपाय

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इस बार का 4 नवंबर के शनिवार का दिन बहुत ही खास है, इस दिन कई दुर्लभ शुभ संयोग लेकर आई है जैसे स्नान दान आदि की कार्तिक पूर्णिमा, रब्बीनूर पहली पातशाही श्री गुरु नानक देव जी महाराज का जन्मोत्सव भी मनाया जा रहा है। सिर्फ इतना ही नहीं बल्कि आज ही के दिन कार्तिक स्नान एवं भीष्म पंचक, मेला स्वामी श्री रामतीर्थ जी, तीर्थ राज मेला श्री पुष्कर जी (अजमेर), मेला श्री कपालमोचन जी, मेला बाबा श्री रुद्रानंद नारी एवं मेला जोगी पांगा, मेला गढगंगा हरिहर क्षेत्र सोनपुर, मेला झिड़ी बाबा, त्रिपुर उत्सव, देव दीवाली, श्री निम्बार्क आचार्य जयंती और रथ यात्रा एवं चातुर्मास व्रत नियम आदि। शनिवार के कारक ग्रह शनि हैं। कर्मफलदाता शनि कर्मों के अनुसार फल देते हैं, वह एकमात्र ऐसे देव हैं जो किसी खास पूजन से नहीं बल्कि अच्छे कर्मों से प्रसन्न होकर व्यक्ति के बुरे दौर को भी अच्छे समय में परिवर्तित कर देते हैं। इ