Saturday, December 16

Tag: krishna

आज मार्ग शीर्ष पूर्णिमा में करेंगे ये उपाय तो परिवार में आएगी सुख-समृद्धि

आज मार्ग शीर्ष पूर्णिमा में करेंगे ये उपाय तो परिवार में आएगी सुख-समृद्धि

News, Religion
रविवार 3 दिसंबर 2017  को अगहन मास की पूर्णिमा है और श्री मदभागवद गीता के उपदेश में स्वयं भगवान श्री कृष्ण जी ने कहा,महीनो में मैं पवित्र महीना मार्गशीर्ष हूँ। अतः मार्गशीर्ष या अगहन माह अति पावन माह है। मार्गशीर्ष माह की पूर्णिमा को मार्गशीर्ष पूर्णिमा मनाई जाती है। धार्मिक मान्यता है की कार्तिक पूर्णिमा की तरह मार्गशीर्ष पूर्णिमा का भी विशेष महत्व है। मार्गशीर्ष पूर्णिमा के दिन अनेक पवित्र स्थानो जैसे हरिद्वार, बनारस,  मथुरा आदि जगह पर लोग पवित्र नदियों, सरोवर में आस्था की डुबकी लगाते है। मार्गशीर्ष पूर्णिमा के दिन स्नान-दान से  अमोघ फल प्राप्त होता है। भगवान श्री कृष्ण जी के अनुसार, इस माह प्रतिदिन स्नान -दान पूजा पाठ करने से भक्तो के पाप कटते है  एवं भक्त की सारी मनोकामनाएँ पूर्ण होती है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इस पवित्र दिन में अगर कुछ आसान उपाय किए जाएं तो परिवार में हमेशा सुख-सम
…तो इस वजह से भगवान श्री कृष्ण ने किया था कर्ण का अंतिम संस्कार

…तो इस वजह से भगवान श्री कृष्ण ने किया था कर्ण का अंतिम संस्कार

Interesting, Religion
महाभारत की कथा भारत के दो प्राचीन महाकाव्यों में सबसे बड़ा महाकाव्य है जिसकी रचना वेदव्यास जी ने की थी। आज हम आपको इसी कथा के एक ऐसे पात्र के विषय में बतायेगे जिसे देव पुत्र होने के बावजूद भी सामाजिक प्रतारणना का सामना करना पड़ा और उसे वो मान सम्मान नही मिला जिसका वो अधिकारी था बल्कि उसे तो समाज में अस्वीकार कर  दिया गया था। हम बात कर रहे है दानवीर कर्ण की जिसकी वास्तविक माँ कुंती थी मगर वो उसे अपना नाम और अधिकार दोनों ही नही दे सकी क्योंकि उसका जन्म कुंती और पांडू के विवाह होने से पूर्व हुआ था। कर्ण सूर्य पुत्र था और उसे एक महान दानवीर भी माना जाता था क्योंकि कर्ण ने कभी मांगने वाले को कुछ भी देने से कभी मना नही किया और उसकी यही महानता आगे चलकर उसकी मृत्यु का कारण भी बनती है। इन सब बातो से अलग बात ये है की कर्ण ने महाभारत के युद्ध के समय अपने भाईयों का साथ छोड़ कर कौरवो का साथ दिया जो अन्