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आज मौनी अमावस्या के दिन गंगा में डुबकी लगाने का है विशेष महत्व

आज मौनी अमावस्या के दिन गंगा में डुबकी लगाने का है विशेष महत्व

Religion
माघ मेले के सबसे महत्वपूर्ण स्नान पर्व मौनी अमावस्या पर करीब डेढ़ करोड़ श्रद्धालु गंगा और यमुना के पवित्र संगम में आज डुबकी लगा रहे हैं। आपको बताना चाहेंगे की मौनी अमावस्या का स्नान संगम और आसपास के 19 घाटों पर हो रहा है जो आज सोमवार की शाम तक चलेगा। वैसे देखा जाए तो माघ मास का हर दिन पवित्र माना जाता है मगर इस महीने में मौनी अमावस्या का महासंयोग काफी विशेष महत्व है। बता दे की अमावस्या का दिन सोमवार होने की वजह से मौनी व सोमवती अमावस्या का यह महासंयोग और भी भाग्यशाली हो गया है। तीन-चार साल में एक बार ही मौनी व सोमवती अमावस्या का यह महासंयोग होता है। बताना चाहेंगे की अगर यह स्नान सोमवार को पङता है तो इसका महत्व कई गुना बढ़ जाता है। मौनी अमावस्या के दिन भगवान विष्णु और शिव की पूजा की जाती हैं, स्वयं भगवान ने इस बात का उल्लेख किया है कि भगवान शिव और विष्णु वास्तव में एक ही है जिन्हाेंने
आज है शंख पूजन, दूध भरे शंख से करें श्रीहरी का अभिषेक, दरिद्रता से मिलेगी मुक्ति

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शास्त्रानुसार श्रीकृष्ण का स्वरूप कहे जाने वाले मार्गशीर्ष माह में शंख पूजन का विशेष महत्व रहेगा जो कि आज होना है। विष्णु पुराण अनुसार समुद्र मंथन से प्राप्त 14 रत्नों में से शंख एक रत्न है। लक्ष्मी समुद्र पुत्री हैं व शंख उनका सहोदर भाई है। अष्टसिद्धि व नवनिधी में शंख का स्थान महत्वपूर्ण है। शंख को विजय, समृद्धि, सुख, यश, र्कीत व लक्ष्मी का साक्षात प्रतीक माना गया है। विष्णु पुराण के अनुसार समुद्र मंथन के दौरान प्राप्त हुए 14 रत्नों में से ये एक रत्न है शंख। सुख-सौभाग्य की वृद्धि के लिए इसे अपने घर में स्थापित करना चाहिए। माना जाता है कि अगहन के महीने में शंख पूजन का विशेष महत्व है। अगहन के महीने में किसी भी शंख को भगवान श्रीकृष्ण का पंचजन्य शंख मान कर उसका पूजन-अर्चन करने से मनुष्‍य की समस्त इच्छाएं पूरी होती हैं। विशेष पूजन विधि शंख का विधिवत दशोपचार पूजन करें। रोली मिले घी से
पावन कार्तिक माह में रखें इन बातों का खास ध्यान, घर में आएगी संपन्नता

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हम सभी इस बात से भली भांति परिचित है की हमारा देश सदियों से पुजा-पाठ मे ज्यादा विश्वास करता आया है। देखा जाए तो प्राचीन समय से ही हिन्द देश यानि की हिन्दोस्तान में धर्म-कर्म आदि को काफी महत्व दिया जाता रहा है। आपको बताना चाहेंगे की हमारे हिन्दू धर्म के अनुसार कुल 12 मास होते हैं, मगर ध्यान दीजिएगा इन सभी बारह महीनों में सबसे अधिक महत्व कार्तिक मास को दिया जाता है। ऐसा माना जाता है की भगवान कृष्ण को कार्तिक मास सर्वाधिक प्रिय है। कार्तिक मास को इतना ज्यादा महत्व देने के पीछे सदियों से यह तर्क दिया जाता रहा है की यह मास पूर्ण रूप से धर्म एवं इससे जुड़े कर्म-कांडों से ही संबंधित होता है, जो देखा जाए तो कई मायनों में बिलकुल सही है। बताना चाहेंगे की यह हिन्दू पंचांग का आठवां महीना होता है और तुला राशि पर सूर्यनारायण के आते ही कार्तिक मास प्रारंभ हो जाता है। कार्तिक मास के दौरान रखना पड़ता