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आज शनिवार को पाना हो शनिदेव की कृपा तो जरूर कर ले यह छोटा सा काम

आज शनिवार को पाना हो शनिदेव की कृपा तो जरूर कर ले यह छोटा सा काम

Religion
शास्त्रों और पुराणों के अनुसार बताया गया है की शनिदेव को न्याय का देवता माना जाता है अर्थात शनिदेवता हर उस व्यक्ति को जो अच्छे कर्म करता है उसको अच्छा फल और बुरे कर्म करने वालों को बुरा फल देते हैं। बताना चाहेंगे की शनिवार का दिन भगवान शनि की पूजा की जाती है। ऐसा मान अजाता है की यदि किसी की कुंडली में शनिदोष है तो उस व्यक्ति को शनि के दुष्प्रभाव को कम करने के लिए घोड़े की नाल को काम में लेना चाहिए। लोगों का मानना है की घोड़े की नाल बहुत ही प्रभावशाली होती है और यदि वह किसी काले घोड़े के अगले दाहिने पांव की पुरानी नाल हो तो उसका प्रभाव कई गुना अधिक बढ़ जाता है। आज शनिवार के दिन आज हम आपको बताएँगे की कैसे बहुत ही साधारण तरह से यह छोटा सा उपाय कर के आप शनि के टेढ़े प्रभाव को कम कर सकते है। बता दे की अगर किसी व्यति के उपाय शनि की साढ़े साती या ढय्या चल रही हो तो उस व्यक्ति को शनिवार के दिन को
धरती पर दीपावली मनाने आएंगे देवता, इस तरह पूजन कर अपने संकटों का करें अंत

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देव दिवाली कार्तिक माह की पूर्णिमा के दिन यानि दिवाली से ठीक 15 दिन बाद मनाई जाती है। यूं तो सभी त्योहार देश के हर कोने में मनाया जाता है लेकिन कुछ त्योहार हैं जो विशेषकर किसी राज्य से जुड़े होते हैं। इसी तरह देव दिवाली का महत्व विशेषकर भारत की सांस्कृतिक नगरी वाराणसी से जुड़ा है। मान्यता के अनुसार इस दिन भगवान शंकर ने देवताओं की प्रार्थना पर सभी को उत्पीड़ित करने वाले राक्षस त्रिपुरासुर का वध किया, जिसके उल्लास में देवताओं ने दीपावली मनाई, जिसे "देव दीपावली" के रूप में मान्यता मिली। इसी तिथि को भगवान शंकर ने अपने हाथों से बसाई काशी के अहंकारी राजा दिवोदास के अहंकार को नष्ट कर दिया। यह पर्व ऋतुओं में श्रेष्ठ शरद, मासों में श्रेष्ठ कार्तिक व तिथियों में श्रेष्ठ पूर्णमासी के दिन मनाया जाता है, इसे देवताओं का भी दिन माना जाता है। इस माह किए हुए स्नान, दान, होम, यज्ञ और उपासना आदि का
ये 6 पाप करने पर भगवान शिव देते है भयंकर दंड

ये 6 पाप करने पर भगवान शिव देते है भयंकर दंड

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भगवन शिव जो देवो देव महादेव है, संसार के कण कण में बसी हुयी असीम उर्जा शिव है, शिव जी को प्रेम का प्रतिक मन जाता है, उन्हें एक अछे पति के तौर पर भी जाना जाता है और एक अछे पिता के तौर भी उन्हें पूजा जाता है, जो कुवारी लडकिया नंदी के कान में अच्छा पति पाने की इच्छा प्रकट करती है, उन्हें शिवजी कभी निराश नहीं करते, वैसे तो शिवजी भोलेनाथ है, शिव जी को किसी भी स्थान पर पूजा जा सकता है, उन्हें एक लोटा पानी चढ़कर भी प्रसन्न किया जा सकता है, आज मैं आपको शिव पूरण में बताये हुए ऐसे 6 पापो के बारे में बताने जा रहा हु जिन्हें करने पर शिवजी अत्यंत भयंकर दंड देते है. 1. शादी तोड़ने की कोशिश: जो भी लड़की शिवजी के वहां नंदी के कान में स्वयं के लिए अच्छा पति मिलने की इच्छा प्रकट करती है, उनपर शिव हमेशा कृपा करते है, लेकिन अगर कोई व्यक्ति किसी दुष्ट वजह से शादी तोड़ने की कोशिश करता है, कोई स्त्री किसी दुस
भगवान इंद्र के श्राप के कारण हर महिने औरतों को भोगनी पड़ती है ये पीड़ा

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Religion
आधुनिक समय में स्त्रियों के प्रति लोगों के नजरिए में व्यापक स्तर से बदलाव आया है। बात करें स्त्रियों को होने वाले मासिक धर्म की तो, लोग आज इस विषय पर खुलकर बात करने लगे हैं। लेकिन आज के समय से, सदियों पहले की बात करें तो कई बार मन में एक प्रश्न बार-बार आता है कि आखिर स्त्रियों को मासिक धर्म क्यों होता है। क्या इससे कोई पौराणिक कथा जुड़ी हुई है। हमारे पुराणों में कई कथाएं मिलती हैं। जिनमें से भागवतपुराण में वर्णित कहानी के अनुसार स्त्रियों को होने वाला मासिक धर्म को श्राप से जोड़कर बताया गया है। भागवतपुराण की कहानी के अनुसार एक बार ‘बृहस्पति’ जो देवताओं के गुरु थे, वे इन्द्र देव से काफी क्रोधित हो गए। इस कारण असुरों ने देवलोक पर आक्रमण कर दिया और इन्द्र को अपनी गद्दी छोड़कर भागना पड़ा। असुरों से खुद को बचाते हुए इन्द्र सृष्टि के रचनाकार भगवान ब्रह्मा से सहायता मांगी। तब ब्रह्मा ने उन्हें बता
भगवान करें किसी के हाथ में न हो ऐसी रेखा, कहीं आपके हाथ में तो नहीं

भगवान करें किसी के हाथ में न हो ऐसी रेखा, कहीं आपके हाथ में तो नहीं

Religion
ज्योतिष शास्त्र की विभिन्न शाखाओं में एक ‘हस्तरेखा शास्त्र’ हमें हाथ की रेखाओं का ज्ञान बताता है। इसके माध्यम से हाथ की रेखाओं को पढ़कर भविष्य के संकेत जाने जा सकते हैं। हथेली में कई प्रकार की रेखाएं होती हैं जिनमें भाग्य रेखा, हृदय रेखा, जीवन रेखा, विवाह की रेखा आदि प्रमुख हैं। इसके अलावा हथेली पर कुछ शुभ-अशुभ चिह्न भी होते है।     हस्तरेखा शास्त्र के अनुसार हमारी हथेली पर ऐसे कई निशान होते हैं जो छोटी-छोटी रेखाओं के मिलने या टकराने से बनते हैं। इनमें कुछ निशान हमें शुभ फल प्रदान करते हैं, किंतु कुछ बेहद अशुभ होते हैं। ‘एम’ अक्षर का निशान या ‘स्टार’ और कुछ खास स्थितियों में ‘चक्र’ का निशान जहां हथेली के कुछ शुभ निशानों में माने जाते हैं, वहीं कुछ ऐसे निशान भी हैं जो हर परिस्थिति में बेहद अशुभ स्थितियां लाते हैं। आज हम आपको हथेली के एक ऐसे अशुभ निशान ‘क्रॉस’ के बार