क्‍या आपने कभी सोचा है कि आखिर दवाइयों के पत्तों पर क्यों होती है खाली जगह, आइए जानें

आज के समय में कोई भी व्यक्ति का ये कहना गलत होगा की वो पूरी तरह से स्वस्थ है क्योंकि आज के इस वातावरण में कोई स्वस्थ नहीं है हर कोई किसी ना किसी बीमारी से परेशान है और जिसके वजह से हर रोज किसी ना किसी दवाई के सेवन लोग करते है इसीलिए ये दवाइयां भी एक तरह से हमारे भोजन जितना महत्वपूर्ण बन गयी है |

दवाइयां तो हम सभी ने देखी है परन्तु क्या आपने कभी उनकी पैकिंग पर कभी  ध्यान दिया है?? आपने कभी सोचा है की आखिर इन दवाइयों के पत्तो पर खाली स्पेस किस खुशी में छोड़ा जाता है क्या इसका कोई मतलब है या बस यों ही दवाई की खूबसूरती बढ़ाने के लिए!!

आज हम आपको इन्ही दवाइयों के पत्तो पर बने स्पेस के  बारे में कुछ जानकारी देने जा रहे है |

दवाइयों के पत्ते पर दबाव पड़ने या एक साथ ढेर सारे स्टोक रखने से कभी कभी दवाइयों के पत्ते क्रैक हो जाते हैं ,इसीलिए पत्ते में गैप रहने से इनके ख़राब होने का खतरा कम रहता है|

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दवाइयों के पत्तो के बीच स्पेस इसलिए भी रखा जाता है ताकि टेबलेट्स के पत्तो के बीच रहने से दवाइयां आपस में मिलती नहीं नहीं है और केमिकल रिएक्शन होने से भी बचती है |

अक्सर ऐसा होता है की हम अपने जरूरत के अनुसार एक या दो टिकिया केमिस्ट के यहाँ से लेकर आते है जैसे सिर दर्द या बुखार की दवा आदि   ऐसे में जब दवाइयों के बीच स्पेस रहेगी तो उन्हें काटने में आसानी रहेगी |

कई सारी दवाइयां ऐसी भी होती है जिनमे सिर्फ एक ही कैप्सूल या टिकिया होती है तो ऐसे में प्रिंट एरिया को बढ़ाने के  लिए स्पेस बनाया जाता है ताकि दवाइयों के पैकेट पर एक्सपायरी डेट  और मेनुफक्चर डेट आदि को लिखने के लिए भी जगह रहे|
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