शास्‍त्रों के अनुसार, स्त्री व पुरुष दोनों को हमेशा ही गुप्त रखनी चाहिए ये बातें

हमारे भारत को आदि काल से ही ऋषियों और मुनियों की धरती कहा जाता है और इसी भारत में कई महँ नितिकरों ने जन्म लिया है  जिन्होंने भारत के धर्म और राज्य को एक नयी  दिशा दी है। दैत्यों के गुरु  शुक्राचार्य भी  उन्हीं नीतिकारों में से एक प्रसिद्ध नीतिकार हैं। शुक्राचार्य की शुक्र नीति आज भी प्रासंगिक मानी जाती है| कहा जाता है की शुक्राचार्य बहुत बड़े नीतिकार थे और उसके साथ साथ ज्ञानी भी थे| शुक्रचार्य भगवान के अनन्य भक्त भी हैं। शुक्राचार्य ने सांसारिक प्राणियों से जुड़ी कई नीतियाँ बताई हैं जिनका  आज भी काफी महत्व रखती हैं। और इसी वजह से  इनकी शुक्र नीति बहुत प्रसिद्ध है।

तो आइए जानते हैं वह कुछ एसे बातें जिन्हें शुक्राचार्य के अनुसार गुप्त रखना चाहिए:-

अपने मान-सम्मान का दिखावा हमे कभी नहीं करना चाहिए क्योंकि यह आदत किसी भी मनुष्य के लिए अच्छी नहीं होती। मान-सम्मान का दिखावा करने से लोगों की नजर में आपके प्रति नफरत का भाव आ सकता है और अगर कहीं आपका अपमान हो भी गया हो तो आप उसे खुद तक ही सीमित रखें यदि आप इस बात को लोगों को बताएंगे तो आप मजाक का पात्र बन सकते है ऐसी शुक्र की मन्यता है |

  • भगवान की कृपा पाने के लिए रोज सभी लोग उनकी पूजा-पाठ करते हैं। ऐसे में आप जिन मंत्रों का जाप करते हैं, ये मन्त्र किसी को भी नहीं बताना चाहिए। कहा जाता है जो मनुष्य अपनी पूजा-पाठ और मंत्र को गुप्त रखता है, उसे ही अपने पुण्य कर्मों का फल मिलता है| और यदि आप ऐसा करते हैं तो इसका कोई भी लाभ नहीं मिलता।

 

  • ये तो आप सब जानते ही होंगे की पैसों से जीवन की सारी सुख-सुविधाएं पाई जा सकती हैं, लेकिन कई बार यही पैसा आपके लिए परेशानी का कारण भी बन सकता है इसीलिए अपके धन की जानकारी जितने कम लोगों को होगी उतना ही अच्छा होगा आपके लिए|  वरना कई लोग अपके धन के लालच में आपसे जान-पहचान बढ़ाकर आपकों नुकसान भी पहुंचा सकते हैं।

  •  मनुष्य को  अपनी आयु किसी के सामने नही बतानी चाहिए क्योंकि ऐसा कहा जाता है की यदि आप किसी को अपनी उम्र बताते हैं तो समय आने पर वो आपके विरोध में कभी इसका गलत फायदा भी उठा सकता है।

  • दोस्तों दान हम सब करते है और दान एक ऐसा पुण्य कर्म है जिसे गुप्त रखने पर ही हमको उसका फल मिलता है। जो मनुष्य दूसरों की तारीफ पाने के लिए या लोगों के बीच अपनी महानता दिखाने के लिए अपने किए गए दान का दिखावा करता हैं, उसके किए गए सभी पुण्य कर्म नष्ट हो जाता है और किआ गया दान भी फलित नही होता|

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