Friday, December 15

हार्ट अटैक आने पर पास में न हो कोई तो 10 सेकंड में खुद बचा सकते हैं अपनी जिंदगी

अगर आपको भी ऐसा लगता है कि दिल का दौरा तो अचानक ही कभी भी और कहीं भी पड़ सकता है तो आपको यह पढ़ने की जरूरत है। दुनिया में ज्यादातर लोगों की मौत की वजह हार्ट अटैक होती है। कुछ मरीजों को तो हार्ट अटैक के बारे में पता ही नहीं चलता लेकिन अगर थोड़ी इहितयात बरती जाएं तो इससे होने वाली मौतों से बचा जा सकता है। हार्ट अटैक के बाद कुछ ऐसी गलतियां है जो कि भूलकर भी हमें कतई नही करनी चाहिए। तो आइए आज हम आपकों कुछ ऐसी बाते बता रहे है जो कि हार्ट अटैक के मरीज को ध्यान में रखना बहुत आवश्यक होता है।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

आपको बता दे जब ह्रदय की मांसपेशियों को रक्त के साथ ऑक्सीजन पहुँचानेवाली कोई भी नस यदि किसी कारण से ब्लॉक हो जाती है जिसकी वजह से ह्रदय के किसी हिस्से में रक्त का संचार रुक जाता है तब दिल का दौरा पड़ता हैं। अक्सर कई बार यह दिल का दौरा छोटा होता हैं मगर कभी ऐसा भी हो सकता है कि व्यक्ति की जान भी जा सकती हैं। देखा जाये तो पहले यह समस्या अधिकान्तशः 50 वर्ष से अधिक आयु के लोगों के साथ होती थी लेकिन आज हमारा जीवनयापन इतना ज्यादा अस्त-व्यस्त हो गया है जिसके कारण आज 20 से 30 वर्ष के युवा भी इस समस्या से पीड़ित मिलते हैं। आपको बताना चाहेंगे कि यदि हार्ट अटैक में पीड़ित व्यक्ति को समय पर उपचार नहीं मिलता हैं तो हृदय का वह भाग शिथिल होने लगता है जिससे व्यक्ति की मृत्यु भी हो सकती है।

कई बार ऐसा भी होता है की आप को अटैक आया है और आपके आसपास कोई भी नहीं है, अस्पताल भी दूर है और सबसे महत्वपूर्ण बात की आपको सीपीआर की विधि भी पता है मगर, मगर आपको खुद पर सीपीआर कैसे आजमाना है वह नहीं पता। हम आपको बता रहे है की कैसे आप मात्र कुछ सेकेण्ड्स मे खुद को इस अटैक में बचा सकते है। आपने देखा होगा की जब भी हार्ट अटैक की स्थिति आती है तो अक्सर लोग उस वक़्त अकेले ही होते है और ऐसी स्थिति में आपके पास समय भी ज्यादा नहीं होता है। इस परिस्थिति में आपको बताना चाहेंगे की आप बिना कुछ सोचे ज़ोर ज़ोर से खांसी ले, खांसी इतनी ज़ोर की होनी चाहिए की मुह से थूक तक निकाल जाए।

आपके ऐसा करने से हृदय में जो ब्लोकएज उत्तपन हुआ है वह संभवतः खुल सकता है जो हार्ट अटैक का कारण बनता है। दोस्तों शायद हमारा बताया हुआ उपाय आपके काम आ जाए या शायद आपके किसी चाहने वाले के तो उसे भी इस विधि के बारे में जरूर बताए ताकि समय पर वह भी खुद या किसी और की जान बचा सके। खैर अगर पहले ही लक्षणों को पहचान लिए जाये तो दिल के दौरे को रोकना काफी हद तक सफल हो सकता हैं।

 

नोट: इस वेबसाइट पर दी गई जानकारियां हमारे पूूूूर्वज द्वारा घरों में सदियों से अपनाए जाने वाले घरेलू नुस्खे हैं जो अक्सर ही इस्तेमाल किया करते थे, आप कोई भी उपचार करने से पहले अपने डॉक्टर से या वैद से परामर्श ज़रूर कर ले। 

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