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आज है शंख पूजन, दूध भरे शंख से करें श्रीहरी का अभिषेक, दरिद्रता से मिलेगी मुक्ति

शास्त्रानुसार श्रीकृष्ण का स्वरूप कहे जाने वाले मार्गशीर्ष माह में शंख पूजन का विशेष महत्व रहेगा जो कि आज होना है। विष्णु पुराण अनुसार समुद्र मंथन से प्राप्त 14 रत्नों में से शंख एक रत्न है। लक्ष्मी समुद्र पुत्री हैं व शंख उनका सहोदर भाई है। अष्टसिद्धि व नवनिधी में शंख का स्थान महत्वपूर्ण है। शंख को विजय, समृद्धि, सुख, यश, र्कीत व लक्ष्मी का साक्षात प्रतीक माना गया है। विष्णु पुराण के अनुसार समुद्र मंथन के दौरान प्राप्त हुए 14 रत्नों में से ये एक रत्न है शंख।

सुख-सौभाग्य की वृद्धि के लिए इसे अपने घर में स्थापित करना चाहिए। माना जाता है कि अगहन के महीने में शंख पूजन का विशेष महत्व है। अगहन के महीने में किसी भी शंख को भगवान श्रीकृष्ण का पंचजन्य शंख मान कर उसका पूजन-अर्चन करने से मनुष्‍य की समस्त इच्छाएं पूरी होती हैं।

विशेष पूजन विधि

शंख का विधिवत दशोपचार पूजन करें। रोली मिले घी से दीप करें, अगरबत्ती जलाएं, रोली चढ़ाएं, लाल फूल चढ़ाएं, कच्चे दूध का भोग लगाएं, तथा इस विशेष मंत्र का 1 माला जाप करें। पूजन के बाद कच्चे दूध को जलप्रवाह करें।

पूजन मुहूर्त: प्रातः 10:00 to 11:30 तक।
पूजन मंत्र: ह्रीं श्रीं क्लीं ब्लू शंखानिधये नम:॥

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उपाय

मनोवांछित फल प्राप्त हेतु दूध भरे शंख से श्रीहरी का अभिषेक करें।

पारिवारिक समृद्धि हेतु शंख में केसर मिले जल से लक्ष्मी-नारायण का अभिषेक करें।

धन आभाव से मुक्ति हेतु जल भरे शंख से भगवान की आरती उतारकर तिजोरी में छिड़काव करें।

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