Ramzan Special: रोजेदार अगर कर लेते हैं ये उपाय, तो पूरे दिन नहीं लगेगी प्यास

रहमतों व बरकतों का पाक महीना रमजान-उल-मुबारक सोमवार को चांद दिखने के साथ शुरू हो गया। इस महीने में सभी मुसलमान खुदा की इबादत में रोज़ा रखकर पूरे दिन भूखे और प्यासे रहते हैं। इस महीने पूरे 30 दिन रोज़े रखने होते हैं और पूरे महीने रोज़े के बाद ईद होती है जिसे ईद-उल-फितर कहते हैं।

रोज़े की शुरुआत सुबह सूर्योदय से पहले सहरी खाने के साथ होती है और इसके बाद दिन भर बिना कुछ खाये और पिए रहना पड़ता है। शाम को इफ्तार के समय रोज़ा खोला जाता है , इफ्तारी के पूर्व नमाज़ होने के बाद रोज़ा खोला जाता है। हर साल रमज़ान का महीना गर्मी के मौसम में पड़ता है इसी वजह से दिनभर पानी पीने की इच्छा होती रहती है। यह कहा जाता है कि अगर रोज़े के दौरान थूक भी निगलने से रोज़ा टूट जाता है इसलिए ज़रूरी है कुछ बातें रोज़ेदार ध्यान में रखें जिससे दिन भर में में प्यास कम लगे।

1. 25 ग्राम सौंफ को 250 मिलीलीटर पानी में भिगोकर एक घंटे तक रखें। सोने से पहले इस पानी को घूंट-घूटकर पी जाएं। इससे प्यास कम लगेगी और गला भी नहीं सूखेगा।

2. एक कप दही में 85% पानी होता है। इसके आलावा इससे बहुत से पौष्टिक लाभ ही होते हैं, इसलिए आप अपने रोज़े की शुरुआत करने से पहले सहरी में दही को ज़रूर शामिल करें।

3. प्यास से बचने के लिए पसीने से बचना ज़रूरी है। इसके लिए हैवी वर्कआउट और धूप में जाने से बचें क्यूंकि इससे आपके शरीर से पानी का वाष्पीकरण होता है इसलिए प्यास अधिक लगती है।

4. आधा लीटर दूध में 10 ग्राम किशमिश डालकर उबाल लें और ठंडा हो जाने पर शाम में इफ्तारी के समय इसे थोड़ा-थोड़ा करके पीने से तेज प्यास की भूख कम हो जाएगी।

5. कोशिश करें कि भोजन के दौरान एक साथ या बहुत अधिक मात्रा में पानी न पिएं। इसके सहरी के समय अपने भोजन के बीच थोड़ा थोड़ा पानी पिएं।

6. सहरी में चावल का माड़ पीने से दिनभर लगने वाली तेज प्यास को काबू किया जा सकता है। चावल का माड़ बनाने के लिए चावल को ज़्यादा पानी में उबाले और जब चावल पक जाएँ तो बचा हुआ पानी निकल लें। इसे आप इफ्तारी में भी आजमा सकते हैं क्योंकि इसका असर 24 घंटे तक रहता है।

7. सलाद और अन्य व्यंजनों में बहुत अधिक नमक न डालें। नमकीन मछली और अचार खाने के साथ-साथ नमकीन खाने से भी बचें क्योंकि नमक शरीर का पानी सोख लेता है जिससे प्यास अधिक लगती है।

8. फालसों के रस को निकालकर शर्बत बनाकर पीने से प्यास पर काबू पाया जा सकता है, इसे सहरी और इफ्तारी में ज़रूर पियें।

9. ताजे फल और सब्जियां खाएं क्योंकि ये पानी और फाइबर से भरपूर होते हैं। वे लंबे समय तक आपके शरीर में रहते हैं और प्यास कम करते हैं। मीठे आर्टिफिशल जूस के बजाय ताजे फलों का रस पिएं।

10. हम जानते हैं कि आपकी रोज़ की दिनचर्या का हिस्सा है चाय और कॉफी लेकिन इससे पीने से बचे क्यूंकि इसमें मौजूद कैफीनयुक्त पदार्थ आपके शरीर से तरल पदार्थों को बाहर निकालते हैं, जिसके परिणामस्वरूप आपको बार बार बाथरूम जाना पड़ता है जिससे आपको प्यास अधिक लगती है। यदि आप इसके सेवन पूरी तरह से नहीं बच सकते हैं तो कम से कम सेवन में कटौती करें।

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