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किन्नरों का अंतिम संस्कार होता है हर धर्म से अलग, अद्भुत रहस्य जो आपने न कभी देखी होगी न सुनी होगी

किन्नरों का अंतिम संस्कार होता है हर धर्म से अलग, अद्भुत रहस्य जो आपने न कभी देखी होगी न सुनी होगी

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किन्नर से जुडी बहुत सी भ्रांतियां है जो आपने सुनी होगी जिसमे से आधी हकीकत और आधा फ़साना होता है। वास्तव में किन्नर न ही पूर्ण पुरुष होते है और न ही पूर्ण स्त्री। इनका इतिहास भी बहुत प्राचीन है। आप अक्सर राह चलते इनसे बचने की की कोशिश करते होंगे पर ये वही लोग है जो आपकी हर ख़ुशी में शामिल होते हैं। बच्चे के जन्म पर इनकी दुआएं लेना बहुत ही शुभ माना जाता है और ये भी माना जात है की इनकी बद्दूआ कभी नहीं लेनी चाहिए क्योंकि ये एक अभिशाप है। वैसे तो किन्नरों से जुड़े कई सरे ऐसे रहस्य है जो हमे हैरान कर सकते है लेकिन आज हम आपको किन्नरों की मौत के रहस्य के बारे में बतायेंगे जिसे जानकर आपके भी होश उड़ जायेंगे | जब भी किसी किन्नर की मौत होती है तो किन्नर समुदाय में उसका अंतिम संस्कार बहुत ही गुप्त तरीके से किया जाता है और मरने वाले को इनके समुदाय के बाहर किसी गैर-किन्नर से छिपाया जाता है मतलब आम
शनिवार के दिन जरूर करें इस पौधे की पूजा, खत्म हो जाएगा शनिदेव का प्रकोप

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हिन्दू संस्कृति में पेड़-पौधे लगाना और इसकी हिफाजत करना हमारी गौरवशाली परंपरा का हिस्सा रहा है. कुछ पेड़ धार्मिक नजरिए से भी बहुत महत्वपूर्ण होते हैं। शमी का वृक्ष भी ऐसे ही वृक्षों में शामिल है जिसकी  मान्यता है कि घर में शमी का पेड़ लगाने से देवी-देवताओं की कृपा प्राप्त होती है और घर में सुख-समृद्ध‍ि आती है साथ ही यह वृक्ष शनि के कोप से भी बचाता है। नवग्रहों में शनि महाराज को न्यायाधीश का स्थान प्राप्त है, और धर्म शास्त्रों में शनि के प्रकोप को कम करने के लिए कई उपाय बताएं गए हैं। लेकिन इन सभी उपायों में से प्रमुख उपाय है शमी के पेड़ की पूजा। घर में शमी का पौधा लगाकर पूजा करने से आपके कामों में आने वाली रुकावट दूर होगी। साथ ही शमी के पेड़ की पूजा करने से घर में शनि का प्रकोप भी कम होता है। यह भी पढ़े : क्या आपको पता है मोरपंख में होता है नवग्रहों का वास, जानें ये 9 उपाय शमी
ये 5 राशि वाले लोग 30 साल की उम्र से पहले ही बन सकते हैं अमीर, जानें कौन-सी हैं वो राशि

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दुनिया में हर  व्यक्ति की यही चाहत होती है की वो अमीर आदमी बने उसके पास हर जरूरत की चीजे हो ऐशो आराम की जिंदगी हो गाड़ी हो ,बंगला हो और इसके लिए व्यक्ति हर संभव प्रयास भी करता है और इसी में कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जिनके राशियों पर प्रभाव पड़ने से इनकी किस्‍मत बदल जाती है और ये 30 की उम्र तक पहुँचते पहुँचते सब कुछ पा लेते है| आज हम आपको ऐसे ही 5 राशियों के बारे में बताएँगे जो की 30 उम्र से पहले ही अमीर बन जाते हैं। कन्या राशि इस लाइन में सबसे पहले आती है कन्या राशि|कन्या राशि के  जातक बेहद ही दृढ़ निश्चय के होते हैं और साथ ही काफी मेहनती भी होते हैं। ये अपने आप ही ऐसे रास्‍ते निकाल लेते हैं जिससे उनके पास खुद ही पैसा आने लगता है। पृथ्वी तत्व से जुड़े होने के कारण कन्या राशि के लोग जमीन से जुड़े हुए होते हैं, ये अपने हर काम को बहुत ही अच्छे तरीके से करते हैं साथ ही इनका
इन उपायों को करेंगे तो चुटकी बजाते बदल जाएगी आपकी किस्मत, अशुभ ग्रह भी बनायेंगे मालामाल

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ज्योतिष शास्त्र  के अनुसार व्यक्ति के शरीर का संचालन  सौरमंडल में मौजूद नव ग्रहों के अनुसार होता है और हमारे शास्त्रों में इन ग्रहों के दोष को दूर करने के लिए कई सारे उपाय भी बताये गये है लेकिन इन सबके अलावा कुछ सामान्य कारण भी है जो हमारे ग्रहों के अशुभ होने के कारण बनते है जिसके वजह से जातक की जिंदगी में धन की हानि,शारीरिक व मानसिक रोग ,संतान की प्राप्ति में बाधा ,नौकरी में परेशानी ,व्यापार में घाटा इत्यादि समस्याओ का सामना करना पड़ता है। आज हम आपको ऐसी ही कुछ सामन्य कारणों के विषय में बताने जा रहे है जिससे आपके ग्रहों की अशुभता को दूर किया जा सकता है। सबसे पहली चीज इस दुनिया में सभी प्राणी इश्वर का  रूप होते है इसीलिए किसी भी जीव को कभी कष्ट या हानि नहीं पहुंचानी चाहिए। घर के बड़े बुजुर्गों को कभी ठेस नहीं पहुंचानी चाहिए सदैव इनका सम्मान करना चाहिए क्योंकि इनके अपमान से सूर्य
जा रहे है मंदिर तो भूल से भी साथ ना रखे ये चीजें, वरना आ सकते है आपके उल्टे दिन

जा रहे है मंदिर तो भूल से भी साथ ना रखे ये चीजें, वरना आ सकते है आपके उल्टे दिन

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मंदिर का अर्थ होता है- 'मन से दूर कोई स्थान'। प्राचीनकाल से ही किसी भी धर्म के लोग सामूहिक रूप से एक ऐसे स्थान पर प्रार्थना करते रहे हैं, जहां पूर्ण रूप से ध्यान लगा सकें, मन एकाग्र हो पाए या ईश्वर के प्रति समर्पण भाव व्यक्त किया जाए अक्सर भक्तो के द्वारा मंदिर में पूजा अर्चना करने के पूजा की सामग्री साथ लेकर जाया जाता है लेकिन शास्त्रों के अनुसार कुछ ऐसी भी वस्तुए है जिन्हें मंदिर में ले जाना वर्जित है क्योंकि ये चीजे आपके लिए नुक्सान देह है और इनका पूजा में साथ होना आपके पूजा पाठ का उल्टा फल देने का कारण भी बन सकती है। आज हम आपको ऐसी ही चीज के बारे में बतायेंगे जिसे मंदिरों,देवालयों में ले जाना वर्जित है शास्त्रों के अनुसार चमड़े से बनी चीजे जैसे जूते,चप्पल,बेल्ट,पर्स इत्यादि धार्मिक स्थलों पर ले जाना वर्जित है। ऐसी मान्यता है की चमड़ा जो की बेजुबान जानवरों की खाल उतार कर बनाया जाता
16 दिसंबर से शुरू हो रहा है खर मास, भूल से भी ना करें ये काम नहीं वरना भुगतना होगा भारी नुकसान

16 दिसंबर से शुरू हो रहा है खर मास, भूल से भी ना करें ये काम नहीं वरना भुगतना होगा भारी नुकसान

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जब सूर्य देव गुरु की राशि धनु या मीन में प्रवेश करते है, तो हिन्दू पंचांग के अनुसार उसे खरमास माना जाता है। जो इस बार 16 दिसम्बर को लग रहा है। खरमास के समय में किसी भी प्रकार के मंगल कार्य नही करने चाहिए। खरमास 16 दिसम्बर से 14 जनवरी तक रहेगा। इस बार खरमास का प्रारम्भ 16 दिसम्बर 12 बजकर 4 मिनट पर सूर्य देव के राशि परवर्तित होने से होगी। तो चलिए आपको बताते है इस महीने में आपको क्या करना चाहिए और क्या नही। बताना चाहेंगे की साल में दो बार सूर्य, गुरु या मीन की राशि में प्रवेश करता है, उस समय की खरमास, मलमास, पुरुषोत्तम का माहिना या काला महिना आदि नामो भी जाना जाता है। माना जाता है की इस महीने में कोई भी मांगलिक कार्य शुभ नही माना गया है। वहीँ खरमास के महीने में ज्यादा से ज्यादा भगवान की भक्ति करनी चाहिए और साथ ही उपासना करें। खरमास में भगवान में ध्यान लगाना काफी अच्छा होता है। वहीँ इस मा
आज सफला एकादशी की रात यहां रखें एक दीपक इतना आयेगा पैसा की संभाल नहीं पाओगे आप

आज सफला एकादशी की रात यहां रखें एक दीपक इतना आयेगा पैसा की संभाल नहीं पाओगे आप

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हिन्दू धर्म  में एकादशी का व्रत महत्वपूर्ण स्थान रखता है। प्रत्येक वर्ष चौबीस एकादशियाँ होती हैं। जब अधिकमास या मलमास आता है तब इनकी संख्या बढ़कर 26 हो जाती है।। पौषमास के कृष्णपक्ष में सफला नाम की एकादशी होती है। इस दिन भगवान नारायण की विधिपूर्वक पूजा करनी चाहिए, यह एकादशी कल्याण करने वाली है। एकादशी समस्त व्रतों में श्रेष्ठ है। पद्मपुराण में पौषमास के कृष्णपक्ष की एकादशी के विषय में युधिष्ठिर के पूछने पर भगवान श्रीकृष्ण बोले-बडे-बडे यज्ञों से भी मुझे उतना संतोष नहीं होता, जितना एकादशी व्रत के अनुष्ठान से होता है। इसलिए एकादशी-व्रत अवश्य करना चाहिए, इस बार सफला एकादशी बुधवार यानि 13 दिसम्बर को मनाई जाएगी। सफल एकादशी का पूजन विधि सफला एकादशी की सुबह स्नान करने के बाद माथे पर चंदन लगाकर कमल अथवा अन्य कोई फूल, फल, गंगा जल, पंचामृत व धूप-दीप से भगवान लक्ष्मीनारायण की पूजा एवं आरती कर
नासा के वैज्ञानिकों ने भी मान ही लिया, आज भी जिन्दा है हनुमान जी, ये रहे प्रमाण

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हम लोगो को अक्सर हमारे दादा, दादी, नाना या नानी देवताओं के बारे में बताते है और उन लोगों का यह भी कहना रहता है, कि आज भी देवी देवता लोग जीवित है, यानि कि इस कलयुग में भी देवी देवता जीवित है। जो की अक्सर काफी लोग झूठ और अंधविश्वास समझ लेते है।  लेकिन कुछ देवी देवता ऐसे भी है, जिनके जिन्दा होने का सबूत पाया गया है। वैज्ञानिको के हाथ इस बार कुछ ऐसे साबुत और निशान मिले है। जिनसे ये बिलकुल साफ साबित हो जाता है, कि वास्तव में अभी भी धरती पर एक देवता है, जो जीवित है। आपको हम यह बता दे कि यहाँ किसी और देवता की नहीं बल्कि हनुमान जी की बात की जा रही है। जी हाँ, वैज्ञानिको ने भी अब इस बात को मान लिया है कि हनुमान जी वास्तव में अब तक जीवित है। लेकिन फिर भी कुछ लोगो का यह मानना है, कि यह केवल एक अन्धविश्वास और अफवाह है। अब तो वैज्ञानिको ने भी हनुमान जी को जिन्दा मान लिया है, इसलिए उन लोगो के विश्वास
पंच महायोग से होगा नए साल का स्वागत, 17 साल बाद बन रहा है ऐसा महासंयोग

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हम सब हमेशा यह जानने की कोशिश में लगे रहते है कि आगे हमारा आने वाला भविष्य कैसा होगा? हम परेशानियों में रहेंगे या सुख में रहेंगे। इन बातो की चिंता लगभग सभी लोग करते है। हमारे भविष्य में क्या होगा और क्या होने वाला यह जानने के लिए हम ज्योतिष का सहारा लेते है, जिससे यह पता लगाया जा सके कि आने वाली घडी हमारे लिए शुभ है या अशुभ। अब जैसा कि हम सभी जानते है कि यह वर्ष अब अपने अंतिम पड़ाव पर आ चूका है और नए वर्ष में हम सभी प्रवेश करने वाले है, तो हम में से ज्यादातर लोग यह जानने के इच्छुक है कि आने वाला नूतन वर्ष हमारे लिए कैसा होगा? और इस वर्ष का हमारे राशियों पर क्या प्रभाव पड़ेगा? आज हम आपके इसी जिज्ञासा को समाप्त करेंगे और आज आपको यह बताएँगे कि नया वर्ष आप सभी के लिए कैसा सिद्ध होगा? बात करे अगर नये वर्ष की तो आने वाला साल सभी राशि के जातको के लिए कल्याणकारी सिद्ध होगा क्योकि इस बार नए
शरीर के इस अंग पर भूल से भी न पहनें सोना, बन सकता है आपके दुर्भाग्य का कारण

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हमारे हिन्दू रश्मो रिवाजो में शुरू से ही लोग का आकर्षण सोने के आभूषणों को पहनने में रहा है। हर महिला सोने के आभूषण पहनना चाहती है। हमारे देश में सोना चाहे कितना भी महंगा क्यों न हो लेकिन उसके मांग में कोई कमी होती नही है। लोग सोने को जरुर खरीदते है। पहले के समय में लोगो को सोने के लिए इतने पैसे नही चुकाने पड़ते थे, जितने अब चुकाने पड़ते है। लगभग सारी भारतीय महिलाये सोने के आभूषण जरुर पहनती है लेकिन आपने कभी यह सोचा है कि सोना पहनना आपके लिए शुभ है की नहीं। असल में हम ऐसा इसलिए कह रहे है क्योकि ज्योतिष शास्त्र के अनुसार प्रत्येक धातु का हमारे जीवन पर प्रभाव पड़ता है। हर धातु किसी न किसी ग्रह से जुड़ा हुआ होता है। चाहे वो सोना हो, तम्बा हो, हिरा हो, चाँदी हो या प्लैटिनम आदि हो ये सभी हमारे जीवन में सुख-सम्पति ला सकती है या हमारे जीवन को बुरी तरह प्रभावित कर सकती है। यदि आप भी सोने के आभूषण पह