रहस्यमयी मंदिर : दिन में 3 बार बदलता हैं शिवलिंग का रंग, वैज्ञनिक भी है हैरान

जैसे ही सावन का महीना शुरू होता हैं वैसे ही हमारें आस-पास का माहौल भक्तिमय हो जाता हैं और सभी
 
रहस्यमयी मंदिर : दिन में 3 बार बदलता हैं शिवलिंग का रंग, वैज्ञनिक भी है हैरान

जैसे ही सावन का महीना शुरू होता हैं वैसे ही हमारें आस-पास का माहौल भक्तिमय हो जाता हैं और सभी शिवभक्त शिव शंकर के जयकारे लगाने लग जाते हैं। शिव मंदिरों में शिवभक्त अपने ईश के दर्शन करने और उन्हें दूध और जल अर्पण करने जाते हैं और सावन के इस पावन महीने में मंदिरों में भक्तों का तांता लगा रहता हैं। सावन के महीने में भगवान भोले शंकर के बड़े-बड़े मंदिरों जैसे कि केदारनाथ, बद्रीनाथ, महाकालेश्वर, ओंकारेश्वर इत्यादि मंदिरों में अलग ही शोभा दिखाई देती हैं। सावन के महीने में ही शिव भक्त कांवड़ लेने हरिद्वार और नीलकंठ जाते हैं और वहां से जल लाकर अपने घरों के पास शिव मंदिर में उसे शिवजी को अर्पण कर देते हैं, आज हम आपको भगवान शिव के एक ऐसे मंदिर की महिमा बताने जा रहें हैं जहां शिवलिंग का रंग हर तीन घंटे में बदलता हैं।

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अचलेश्वर महादेव मंदिर

वैसे तो भगवान शिव के हर मंदिर की अपनी अलग ही महिमा हैं, आज हम जिस शिव मंदिर की बात कर रहे हैं वो हैं अचलेश्वर महादेव मंदिर, यह मंदिर राजस्थान के धौलपुर जिले में मौजूद हैं।  इस मंदिर में भगवान शिव के शिवलिंग रूप की विशेष रूप से पूजा की जाती हैं और यहां दूर-दूर से शिवभक्त भगवान भोलेनाथ के दर्शन के लिए आते हैं। ये शिव मंदिर राजस्थान में धौलपुर से 5 किलोमीटर की दूरी पर चंबल नदी के किनारे बसे बीहड़ों में स्थित हैं, बीहड़ में स्थित होने के कारण पहले कम ही श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए आते थे पर समय के साथ-साथ यहां आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या भी बढ़ने लगी हैं।

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दिन में तीन बार बदलता हैं शिवलिंग का रंग

इस अचलेश्वर महादेव मंदिर का सबसे बड़ा रहस्य ये हैं कि इस मंदिर में स्थित शिवलिंग का रंग दिन में तीन बार अपने आप बदलने लगता हैं, सुबह के समय इस शिवलिंग का रंग लाल होता हैं, दिन के समय ये केसरिया रंग में बदल जाता हैं और रात में इसका रंग सांवला हो जाता हैं। शिवलिंग के इस स्वरूप को देखने के लिए ही लाखों की संख्या में यहा भक्त जुटते हैं।

रहस्यमयी मंदिर : दिन में 3 बार बदलता हैं शिवलिंग का रंग, वैज्ञनिक भी है हैरान

वैज्ञानिक भी नहीं पता लगा सके रंग बदलने का क्या हैं राज

अचलेश्वर महादेव के इस शिवलिंग के पीछे के रहस्य की वजह का आज तक वैज्ञानिक भी पता नहीं लगा पाएं हैं बताया जाता हैं कि शिवजी का ये मंदिर बहुत पुराना हैं और इसकी उत्पत्ति के बारें में कुछ नहीं कहा जा सकता हैं। इसके अलावा इस मंदिर के बारें में ये भी कहा जाता हैं कि यहां शिवलिंग के दर्शन करने से लोगों की मनोकामनाएं पूर्ण हो जाती हैं।

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