Friday, December 15

अबतक का सबसे बड़ा खुलासा: राजीव गांधी की हत्या में था सोनिया का सबसे बड़ा हाथ

राजीव गांधी की मौत के मामले में 24 मई 1991 को सीबीआई की स्पेशल टीम ने केस दर्ज किया। सबसे बड़ा सबूत बने घटनास्थल पर मिले सबूत जिसमें एक कैमरा और कैमरे में खींची गईं तस्वीरें भी थीं। आज राजीव गांधी के मौत से जुड़े कुछ ऐसे तथ्‍य सामने आये हैं जिसे पढ़कर आप भी हैरान हो जाएंगे। दरअसल आपको बता दें कि इस मामले की पूरी कहानी वरिष्ठ पत्रकार नीना गोपाल की किताब “दी असेसिनेशन ऑफ़ राजीव गांधी” से सामने आई है। बताया जाता है कि नीना गोपाल वो आखिरी पत्रकार थीं जो हादसे से ठीक पहले प्रधानमंत्री राजीव गांधी की कार में मौजूद थी जिससे वह तमिलनाडु के एक रैली ग्राउंड में पहुंचे थे।

बात 21 मई 1991 की है जब लिट्टे के एक हमलावर दस्ते ने राजीव गांधी की हत्या कर दी। इससे ठीक 10 दिन पहले 12 मई 1991 को मद्रास से 40 किलो मीटर दूर तिरवलूर में एक चुनावी रैली में राजीव गांधी संग पूर्व प्रधानमंत्री बीपी सिंह और साथ में तमिलनाडु के मुख्यमंत्री करुणानिधि संबोधित करने गए थे। लेकिन वहां पहुंचते हीं बीपी सिंह के हाई सिक्योरिटी एरिया में भी जाकर एक लड़की ने उनके पैर छुए। उस समय के लिए ये एक आम बात थी । किसी ने सोचा भी नहीं होगा कि जिस लड़की ने उनके पैर छुए वो उनकी मौत बनकर आएगी। बता दें कि इसी लड़की ने दुबारा 9 दिन बाद 21 मई को राजीव गांधी के भी पैर छुए और वो राजीव गांधी का आखिरी वक्त था लेकिन अब सवाल ये था कि लड़की जो कि मानव बम थी धनु, बीपी सिंह की रैली में क्या कर रही थी?

दरअसल लिट्टे के जिस दस्ते को राजिव गांधी की हत्या की जिम्मेदारी सौंपी गई थी उसके 5 सदस्य थे, मानव बम धनु, उसका बैकअप शुभा, लोजिस्टिक सपोर्ट मुहैया कराने वाली लड़की नन्ही तथा चौथा आदमी शिवरासन और पांचवा मुरगन। इन पांचो का दस्ता रिहर्सल के लिए बीपी सिंह की रैली में पहुंचा था, वो ये देखना चाहते थे कि मंच के बीच हाई सिक्योरिटी एरिया में सुरक्षा कितनी पक्की होती है और क्या मानव बम धनु के लिए ये मुमकिन होगा की वह अपने टार्गेट के पैर छुए और उस दौरान बम के रिमोट को ओंन कर सके।

ये प्लान लिट्टे की महिला विंग की कमांडर अकिला का था, उसने ही सोचा था की ज़िंदा इंसान को कैरिअर के तौर पर इस्तेमाल किया जाए। इसका पहला निशाना था प्रधानमंत्री राजीव गाँधी, इसके लिए 3 लड़कियों को चुना गया था। ये तीसरी लड़की अकिराय जिसका नाम सोनिया था जो दिल्ली के मोतीबाग इलाके में थी।

 

जाने क्या हुआ था उस दिन  :

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