भूल से भी नहीं करना चाहिए इस तरह से गायत्री मंत्र का जाप, घर में आती है दरिद्रता

ज्योतिष और शास्त्रों के अनुसार किसी भी शुभ कार्य को करने से पहले हमेशा गायत्री मंत्र का ही जाप किया जाता है क्योंकि इसे ब्रह्मांड का महामंत्र माना गया है। बताना चाहेंगे की गायत्री मंत्र की महत्ता से तो तकरीबन हर कोई बेहतर वाकिफ होगा, बचपन में अधिकतर स्कूलों में भी प्रार्थना के समय गायत्री मंत्र का जाप कराया जाता था ताकि हर किसी में इसकी पवित्रता आती रहे।

आपको बता दे की गायत्री मंत्र पूरी तरह से एक सिद्ध वैदिक मंत्र है, ऐसा कहा जाता है की इस मंत्र की साधना से किसी भी प्राणी को मोक्ष की प्राप्ति होती है। सिर्फ इतना ही नहीं बल्कि ऐसा माना जाता है की इस मंत्र का जाप जिस किसी भी उदेश्य से किया जाता है वह कार्य अवश्य पूरा हो जाता है। प्राचीन समय से आज तक इस मंत्र की बहुत महत्ता रही है और गायत्री साधना सदा ही मनुष्य को सांसारिक मोह-माया से बचा कर रखता है।

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बताया जाता है की जितना ही ज्यादा मनुष्य गायत्री मंत्र का जाप करता है, वह खुद को उतना ही ज्यादा सांसारिक बंधनों से मुक्त पाता है। शास्त्रों में ऐसा कहा गया है कि जो मनुष्य खुद को गंगा की धारा में लंबे समय तक रेह कर गायत्री उपासना में लीन रहता है उनके जीवन में आने वाली सभी प्रकार की समस्याएं धीरे-धीरे खत्म होते जाती हैं। आज हम आपको गायत्री मंत्र के बारे में कुछ ऐसे तथ्य बताने जा रहे हैं जो उन सभी लोगों को जानना चाहिए जो नित्य गायत्री की साधना करते है, क्योंकि यदि आप गायत्री मंत्र का जाप उचित तरीके से नहीं करते है तो इस मंत्र का एकदम उल्टा असर पड़ता है और आप सदा परेशानियों से ही घिरे रहेंगे।

विद्यानों तथा शास्त्रों के अनुसार हर वह व्यक्ति जिसने मोक्ष की कामना करता है वह संसार के इस भौतिक जीवन के सभी आयामों को छोड़ देता है। सदा से देखा गया है की जो भी जातक बहुत ही गहराई से गायत्री साधना किया है वह यदि राजा भी रंक बन जाता है क्योंकि फिर उन्हे किसी भी तरह के मोह माया का लोभ नहीं रह जाता है और वह हर सुख सुविधाओं का पूरी तरह से त्र्यग कर देता है। इसलिए हमेशा कहा गया है की इस मंत्र का जाप केवल उचित समय और स्थान पर ही करे वह भी किसी शुभ कार्य के दौरान उससे ज्यादा लाभ होगा।

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